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मेरठ (राजनीतिक डेस्क): पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का 'हृदय' कहे जाने वाले मेरठ महानगर में इन दिनों राजनीतिक पारा काफी चढ़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अनुषांगिक और सबसे ऊर्जावान संगठन, भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के नए महानगर अध्यक्ष की तलाश अंतिम दौर में पहुंचती दिख रही है। संगठन के अंदर और बाहर, हर नुक्कड़ व चौराहे पर इस बात की जोरदार चर्चा है कि आखिर मेरठ महानगर युवा मोर्चा की कमान किस युवा तुर्क के हाथों में सौंपी जाएगी?READ ALSO:-मेरठ में गूंजा 'आजाद' का नाम! अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिषद का भव्य आयोजन, बलिदानियों को किया नमन
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आगामी राजनीतिक चुनौतियों और युवाओं के बीच पार्टी की पैठ को और मजबूत करने के लिए शीर्ष नेतृत्व किसी ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो न केवल वैचारिक रूप से परिपक्व हो, बल्कि सड़कों पर उतरकर युवाओं की आवाज़ बुलंद करने का माद्दा भी रखता हो। अध्यक्ष पद की इस प्रतिष्ठित रेस में कई सक्रिय और अनुभवी कार्यकर्ताओं के नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन कुछ चेहरे ऐसे हैं जिन पर पार्टी के दिग्गज नेताओं की खास नजर है।
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रेस में सबसे आगे: 'एबीवीपी' की भट्टी से तपकर निकले रोहित आनंद

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अध्यक्ष पद के संभावित और सबसे मजबूत दावेदारों की सूची में रोहित आनंद (Rohit Anand) का नाम प्रमुखता से गूंज रहा है। रोहित आनंद का राजनीतिक और वैचारिक आधार बेहद मजबूत माना जाता है, क्योंकि उनकी जड़ें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
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रोहित आनंद की राजनीतिक यात्रा रातों-रात शुरू नहीं हुई है। छात्र जीवन से ही उन्होंने परिषद के बैनर तले विभिन्न छात्र आंदोलनों, विश्वविद्यालयों के छात्र संघ चुनावों और संगठनात्मक अभियानों में अपना खून-पसीना एक किया है। लखनऊ में होने वाले प्रांतीय अधिवेशनों से लेकर देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर हुए बड़े छात्र आंदोलनों तक, रोहित की सक्रिय सहभागिता ने उन्हें संगठन की नजरों में एक 'संघर्षशील कार्यकर्ता' के रूप में स्थापित किया है।
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    संगठनात्मक अनुभव: वर्तमान में रोहित आनंद भारतीय जनता युवा मोर्चा, मेरठ महानगर में 'महानगर उपाध्यक्ष' जैसे महत्वपूर्ण दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।
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    जातीय और सामाजिक समीकरण: मेरठ की डेमोग्राफी में खत्री और पंजाबी समाज का एक बड़ा और प्रभावशाली वोट बैंक है। रोहित आनंद खत्री पंजाबी समाज के एक बेहद सक्रिय और प्रखर युवा चेहरे के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान रखते हैं। उनका यह सामाजिक समीकरण उन्हें अन्य दावेदारों से एक कदम आगे खड़ा करता है।
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पीयूष शर्मा और विनोद कुमार: संगठन के अनुभवी खिलाड़ी ठोक रहे हैं मजबूत दावेदारी

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रोहित आनंद के अलावा, इस रेस में दो अन्य नाम भी बहुत मजबूती से संगठन के भीतर चर्चा का विषय बने हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जब भी फैसले लेता है, तो वह संगठन में दिए गए समय, पदानुक्रम और कार्यकुशलता का भी बारीकी से आकलन करता है।
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प. पीयूष शर्मा का पलड़ा भी भारी: वर्तमान में भारतीय जनता युवा मोर्चा, मेरठ महानगर के महानगर महामंत्री का दायित्व संभाल रहे प. पीयूष शर्मा (Pt. Piyush Sharma) का नाम अध्यक्ष पद के शीर्ष दावेदारों में शुमार है। महामंत्री के रूप में उन्होंने संगठन के भीतर एक बेहतरीन तालमेल बिठाने और पार्टी के कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है। युवा कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करने और बूथ स्तर तक युवाओं को जोड़ने में पीयूष शर्मा की कार्यकुशलता को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा कई बार सराहा गया है। ब्राह्मण चेहरे के रूप में उनकी दावेदारी को भी काफी वजनदार माना जा रहा है।
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विनोद कुमार की वैचारिक पकड़: इस त्रिकोणीय मुकाबले में तीसरा बड़ा नाम विनोद कुमार (Vinod Kumar) का है। विनोद कुमार भी वर्तमान में युवा मोर्चा में महामंत्री के पद पर कार्यरत हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत भी उनकी 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP)' की मजबूत पृष्ठभूमि है। संघ परिवार के संस्कारों में पले-बढ़े विनोद कुमार की युवाओं के बीच अच्छी खासी पकड़ है और वे भी संगठन के प्रत्येक मोर्चे पर पूरी निष्ठा के साथ डटे रहते हैं।
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क्या है 2027 का रोडमैप? शीर्ष नेतृत्व की 'कसौटी' पर कौन उतरेगा खरा?

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भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) किसी भी जिले में पार्टी की 'हड़ताल इकाई' या 'स्ट्राइकिंग फोर्स' के रूप में काम करता है। चाहे वह विपक्ष के खिलाफ कोई बड़ा प्रदर्शन करना हो, नव-मतदाताओं (First-time voters) को पार्टी की विचारधारा से जोड़ना हो, या फिर सोशल मीडिया पर पार्टी का बचाव करना हो— यह सारा दारोमदार युवा मोर्चा के अध्यक्ष के कंधों पर ही होता है।
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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। ऐसे में प्रदेश नेतृत्व और मेरठ के कद्दावर भाजपा नेता उसी व्यक्ति को यह ताज पहनाना चाहेंगे, जो:
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    सर्वमान्य हो: जो गुटबाजी से दूर रहकर सभी युवा कार्यकर्ताओं को एक साथ लेकर चलने की क्षमता रखता हो।
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    ऊर्जावान हो: जिसके एक आह्वान पर सैकड़ों युवा सड़क पर उतरने को तैयार हों।
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    वैचारिक रूप से स्पष्ट हो: जो राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के एजेंडे को युवाओं के बीच मुखरता से रख सके।
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अंतिम फैसला आलाकमान के हाथ: कार्यकर्ताओं में भारी उत्सुकता

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सूत्रों के अनुसार, रोहित आनंद, पीयूष शर्मा और विनोद कुमार के अलावा भी संगठन के कुछ अन्य 'साइलेंट' और सक्रिय कार्यकर्ताओं के नाम क्षेत्रीय व प्रांतीय कार्यालय (लखनऊ) भेजे गए पैनल में शामिल हो सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी हमेशा अपने चौंकाने वाले फैसलों के लिए जानी जाती है।
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हालांकि, अभी तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) या भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के शीर्ष नेतृत्व की ओर से किसी भी नाम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या संकेत नहीं दिया गया है। महानगर से लेकर प्रदेश स्तर तक बैठकों का दौर जारी है।
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अब मेरठ के तमाम राजनीतिक विश्लेषकों, मीडिया और हजारों युवा कार्यकर्ताओं की निगाहें संगठन के आगामी और अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं। देखना बेहद दिलचस्प होगा कि मेरठ महानगर युवा मोर्चा की कमान किस युवा और ऊर्जावान चेहरे को सौंपी जाती है, और किसके सिर पर 'अध्यक्ष' का यह कांटों भरा लेकिन प्रतिष्ठित ताज सजता है!
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