लखनऊ/मेरठ: उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने वालों के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद राहत भरी खबर दी है। प्रदेश में अब एक नई और सुविधाजनक व्यवस्था लागू होने जा रही है, जिसके तहत लोगों को अब अपनी जमीन, मकान या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए सिर्फ वर्किंग डेज (कार्य दिवस) पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। UP Sunday Property Registry की इस नई पहल के तहत अब प्रदेश के 9 बड़े शहरों में रविवार के दिन भी लोग अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री (बैनामा) आसानी से करा सकेंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया गया है जिससे नौकरीपेशा लोगों को अपनी छुट्टी बर्बाद किए बिना प्रॉपर्टी का काम निपटाने का मौका मिलेगा।Read also:-यूपी में अप्रैल में ही आसमान से बरसने लगी आग! 45 डिग्री के करीब पहुंचा पारा, लू के थपेड़ों से झुलसा जनजीवन, जानें अगले 4 दिनों के मौसम का पूरा हाल
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किन 9 शहरों में लागू हो रही है यह नई व्यवस्था?
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश सरकार के निबंधन विभाग (Registration Department) ने प्रयोग के तौर पर और जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था को शुरुआत में 9 प्रमुख और बड़े शहरों में लागू करने का फैसला किया है। सहायक महानिरीक्षक निबंधन नवीन कुमार शर्मा के अनुसार, इस नई योजना में मेरठ मंडल के तीन प्रमुख शहर—मेरठ, नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) और गाजियाबाद शामिल किए गए हैं।
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इसके अलावा, प्रदेश की राजधानी लखनऊ, धार्मिक नगरी वाराणसी, स्मार्ट सिटी अलीगढ़, ताजनगरी आगरा, सहारनपुर और औद्योगिक शहर कानपुर को भी इस सूची में रखा गया है। इन शहरों में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त का दबाव सबसे ज्यादा रहता है। ऐसे में UP Sunday Property Registry के लागू होने से इन शहरों के निबंधन कार्यालयों पर भीड़ का दबाव भी कम होगा और आम लोगों को भारी सहूलियत मिलेगी। सरकार की तरफ से फरवरी माह में इस नई व्यवस्था का प्रस्ताव मांगा गया था, जिसे मंजूरी मिलने के बाद अब 19 अप्रैल से धरातल पर उतारा जा रहा है।
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मेरठ में कैसे काम करेगा रोटेशन सिस्टम?
\r\n\r\nमेरठ के सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने इस नई प्रणाली की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया है। मेरठ में रजिस्ट्री विभाग में मुख्य रूप से दो बड़े बदलाव किए गए हैं।
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सबसे पहले, सब रजिस्ट्रार द्वितीय (Sub Registrar II) का ऑफिस अब प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से लेकर रात 8 बजे तक खुला करेगा। हालांकि, यह विशिष्ट कार्यालय रविवार को बंद रहेगा। दूसरी ओर, सदर क्षेत्र का रजिस्ट्री ऑफिस प्रत्येक रविवार को भी बाकी सामान्य दिनों की तरह सुबह से शाम 5 बजे तक काम करेगा।
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रविवार के दिन दफ्तर खोलने के लिए एक खास 'रोटेशन सिस्टम' (Rotation System) तैयार किया गया है। उदाहरण के लिए, मेरठ में पहले रविवार को सब रजिस्ट्रार प्रथम का ऑफिस खुलेगा। इसके बाद अगले रविवार को सब रजिस्ट्रार तृतीय का दफ्तर खुलेगा और उसके बाद तीसरे रविवार को सब रजिस्ट्रार चतुर्थ का ऑफिस काम करेगा। यह रोटेशन आगे भी इसी तरह चक्रीय रूप से चलता रहेगा, जिससे कर्मचारियों पर भी लगातार दबाव नहीं पड़ेगा और जनता का काम भी निर्बाध रूप से हर रविवार को होता रहेगा।
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रात 8 बजे तक खुलेंगे दफ्तर, वर्किंग क्लास को बड़ी राहत
\r\n\r\nअभी तक उत्तर प्रदेश में संपत्तियों का बैनामा या रजिस्ट्री कराने का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ही निर्धारित था। इस समय सीमा के कारण सरकारी कर्मचारियों, प्राइवेट सेक्टर के नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को अपने काम से छुट्टी लेनी पड़ती थी। कई बार छुट्टी न मिलने के कारण रजिस्ट्री का काम हफ्तों तक टलता रहता था।
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शासन की तरफ से जारी नए निर्देशों के बाद अब हर दिन रात 8 बजे तक बैनामे की प्रक्रिया चालू रहेगी (विशेषकर दोपहर 1 से रात 8 की शिफ्ट में)। यह बदलाव कॉरपोरेट और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले उन हजारों लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो शाम 6 बजे अपने ऑफिस से फ्री होने के बाद भी अपना रजिस्ट्री का काम पूरा कर सकेंगे।
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बुजुर्गों, बीमारों और कैदियों के लिए घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा
\r\n\r\nइस नई व्यवस्था में मानवीय दृष्टिकोण का भी पूरा ध्यान रखा गया है। सहायक निबंधक द्वितीय रोबिन सिंह ने जानकारी दी कि यदि कोई व्यक्ति अपनी जमीन या प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त करना चाहता है, लेकिन वह बुजुर्ग है, चलने-फिरने में असमर्थ है या गंभीर रूप से बीमार है, तो ऐसे आवेदकों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
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ऐसे मामलों में, निबंधन कार्यालय (Registry Office) की तरफ से एक सरकारी प्रतिनिधि (Official Representative) आवेदक के घर या अस्पताल पहुंचकर रजिस्ट्री की सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करा देगा। इसके लिए आवेदक या उसके परिजनों को पहले से निबंधन विभाग को प्रार्थना पत्र देकर स्थिति से अवगत कराना होगा।
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इसके अतिरिक्त, निबंधन विभाग जेल में निरुद्ध (बंद) कैदियों को भी संपत्ति बेचने या खरीदने की सुविधा प्रदान करता है। यदि कोई बंदी अपनी संपत्ति का सौदा करना चाहता है और उस संपत्ति पर कोई कानूनी विवाद नहीं है, तो एक निश्चित शुल्क (Fee) जमा करने पर निबंधन विभाग की टीम सीधे जेल जाकर बंदी से हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लेकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया संपन्न करा सकती है।
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राजस्व में बढ़ोतरी और रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बूम
\r\n\r\nप्रॉपर्टी के जानकारों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर को एक बड़ा बूम मिलेगा। मेरठ जिले के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो वहां संपत्तियों की खरीद-फरोख्त तेजी से बढ़ रही है। अकेले सरधना तहसील क्षेत्र में 33 हजार दस्तावेजों में से 17 हजार बैनामे हुए हैं। वहीं, मवाना तहसील में 15 हजार और सदर निबंधन कार्यालय में 14 हजार रजिस्ट्रियां बीते एक साल में दर्ज की गई हैं।
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जब 9 बड़े शहरों में रविवार को भी रजिस्ट्रियां होंगी, तो सरकारी खजाने (State Exchequer) में स्टाम्प ड्यूटी से आने वाले राजस्व में भी भारी वृद्धि होने का अनुमान है। पेंडिंग पड़े मामलों का तेजी से निस्तारण होगा और प्रॉपर्टी बाजार में नकदी का प्रवाह (Cash Flow) और लिक्विडिटी बढ़ेगी।
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उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई UP Sunday Property Registry और रात 8 बजे तक रजिस्ट्री कराने की सुविधा एक ऐतिहासिक और प्रगतिशील कदम है। मेरठ, लखनऊ, नोएडा और कानपुर समेत 9 शहरों में 19 अप्रैल से शुरू हो रही इस व्यवस्था से न सिर्फ नौकरीपेशा लोगों, बीमारों और बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में भी पारदर्शिता और तेजी आएगी। यह 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) की दिशा में उठाया गया एक बेहतरीन कदम है, जो राज्य के विकास और राजस्व दोनों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
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