उत्तर प्रदेश में इस बार गर्मी ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। अमूमन मई और जून के महीने में पड़ने वाली चिलचिलाती और झुलसाने वाली गर्मी का एहसास इस बार अप्रैल के महीने में ही होने लगा है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में सुबह से ही सूर्य देव के तल्ख तेवर देखने को मिल रहे हैं। तेज धूप और लू (Heatwave) के थपेड़ों ने आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत में ही पारा 45 डिग्री सेल्सियस के बेहद करीब पहुंच गया है, जिसने मौसम वैज्ञानिकों से लेकर आम जनता तक की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
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शुक्रवार सुबह से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप खिली हुई है और गर्म हवाओं का सितम जारी है। सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
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बांदा बना भट्टी, 6 दिन पहले ही टूटा पिछले साल का रिकॉर्ड

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गर्मी के इस प्रचंड रूप का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुरुवार (16 अप्रैल) को उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा जिले में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा है।
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अगर पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें, तो 2023 में 22 अप्रैल के दिन प्रयागराज में अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस साल गर्मी की रफ्तार इतनी तेज है कि पिछले साल के मुकाबले 6 दिन पहले ही तापमान ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है।
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यही नहीं, उत्तर प्रदेश के 16 से अधिक जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उसके पार दर्ज किया गया है। धार्मिक नगरी प्रयागराज और वाराणसी सहित प्रदेश के 50 छोटे-बड़े शहरों में इस वक्त भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों पर इस मौसम की सबसे तगड़ी मार पड़ रही है। बच्चे चिलचिलाती धूप से बचने के लिए अपने चेहरों पर सूती कपड़े बांधे और हाथों में छाते लिए नजर आ रहे हैं।
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मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी: 3 दिन और सताएगी गर्मी

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लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह ने प्रदेश के मौसम को लेकर एक अहम अपडेट साझा किया है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश के लोगों को फिलहाल इस जानलेवा गर्मी से कोई फौरी राहत मिलती नहीं दिख रही है।
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अतुल सिंह का कहना है कि, "अगले तीन दिनों तक पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है। हालांकि, तीन दिनों के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत में सक्रिय होगा। इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण भले ही बारिश होने की कोई ठोस संभावना न हो, लेकिन यह हवाओं के रुख में जरूर बदलाव लाएगा।"
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उन्होंने बताया कि इस बदलाव के चलते आसमान में हल्के बादल छा सकते हैं, जिससे सूरज की सीधी और तेज किरणों से थोड़ी सी राहत मिल सकती है। हालांकि, उमस भरी गर्मी का असर बरकरार रहने की उम्मीद है।
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चिड़ियाघरों में बेहाल जानवर: दरियाई घोड़े ने नहीं छोड़ा तालाब

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बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों का असर केवल इंसानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बेजुबान जानवर भी इस चिलचिलाती गर्मी से बेहाल हैं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न चिड़ियाघरों में वन्यजीवों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
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    गोरखपुर चिड़ियाघर का हाल: गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में भीषण गर्मी का असर साफ देखा जा सकता है। यहां दरियाई घोड़े (Hippopotamus) गर्मी से इतने परेशान हैं कि वे पानी से भरे तालाब से बाहर ही नहीं निकल रहे हैं। वे दिन भर ठंडे पानी में डुबकी लगाकर गर्मी से राहत पा रहे हैं।
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    कानपुर चिड़ियाघर की व्यवस्थाएं: कानपुर के एलन फॉरेस्ट ज़ू में भी जानवरों के लिए समर एक्शन प्लान लागू कर दिया गया है। गैंडों (Rhinos) के शरीर को ठंडा रखने के लिए उनके बाड़ों में विशेष रूप से कीचड़ के तालाब (Mud pools) बनाए गए हैं, क्योंकि गैंडे कीचड़ में लोटकर अपने शरीर का तापमान नियंत्रित करते हैं। इसके अलावा, हिरन, शेरों और बाघों के बाड़ों में पानी की फुहारें (Sprinklers) लगाई गई हैं, ताकि उन्हें लू के थपेड़ों से बचाया जा सके।
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जानिए यूपी के प्रमुख शहरों का ताजा मौसम अपडेट

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उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी का प्रभाव अलग-अलग स्तर पर है। आइए जानते हैं कुछ प्रमुख शहरों का हाल:
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    वाराणसी (Varanasi): अध्यात्म की नगरी काशी में गर्मी ने प्रचंड रूप ले लिया है। शुक्रवार सुबह ही यहां का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्म हवाओं की रफ्तार करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जो चेहरे को झुलसा रही थी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले 8 दिनों तक वाराणसी में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार ही बना रह सकता है।
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    मेरठ (Meerut): पश्चिमी यूपी के अहम शहर मेरठ में भी इस सीजन में पहली बार पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। हालांकि, आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बादलों की वजह से कल की तुलना में आज गर्मी का एहसास थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन उमस बरकरार रहेगी।
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    गोरखपुर (Gorakhpur): पूर्वांचल के गोरखपुर में सुबह से ही तेज और तीखी धूप खिली हुई है। उमस और चिपचिपी गर्मी ने लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। आज गोरखपुर का अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री के आसपास रह सकता है।
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आखिर अप्रैल में ही क्यों पड़ रही है इतनी भीषण गर्मी?

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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल के महीने में इस तरह के अप्रत्याशित तापमान वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े मौसमी कारक जिम्मेदार हैं:
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    सक्रिय वेदर सिस्टम का अभाव: वर्तमान में उत्तर भारत या उसके आसपास के क्षेत्रों में कोई भी मजबूत और सक्रिय 'वेदर सिस्टम' (जैसे चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र या मजबूत पश्चिमी विक्षोभ) मौजूद नहीं है। इसकी वजह से पाकिस्तान और राजस्थान की तरफ से आने वाली बेहद शुष्क और गर्म पछुआ हवाएं (Westerly Winds) बिना किसी रुकावट के सीधे उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में प्रवेश कर रही हैं।
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    एंटी-साइक्लोन का खिसकना: कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपरी वायुमंडल में बना एक 'एंटी-साइक्लोन' (प्रतिचक्रवात) सिस्टम अब धीरे-धीरे खिसककर मध्य भारत की ओर आ रहा है। यह सिस्टम हवाओं को नीचे की ओर धकेलता है, जिससे हवाएं और अधिक गर्म हो जाती हैं। इसी मौसमी घटना के कारण तापमान में लगातार बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
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अगले 4 दिन कैसा रहेगा यूपी का मौसम? (UP Weather Forecast)

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अगर आप आने वाले दिनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम विभाग का यह 4 दिवसीय अलर्ट जरूर पढ़ें:
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    18 अप्रैल: पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम पूरी तरह से साफ और शुष्क रहेगा। तेज धूप खिली रहेगी और दिन के समय गर्म पछुआ हवाएं (लू) चलेंगी। तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है।
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    19 अप्रैल: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दोनों हिस्सों में आसमान साफ रहेगा। इस दिन 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और गर्म हवाएं चलने का अनुमान है। तेज धूप के कारण गर्मी का प्रकोप और अधिक सताएगा।
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    20 अप्रैल: प्रदेश भर में मौसम का मिजाज शुष्क ही बना रहेगा। मौसम विभाग ने इस दिन के लिए बारिश, आंधी या तूफान की कोई चेतावनी जारी नहीं की है। चिलचिलाती धूप अपना कहर बरपाती रहेगी।
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    21 अप्रैल: पूर्वी यूपी (पूर्वांचल) और पश्चिमी यूपी के इलाकों में तेज धूप लोगों के पसीने छुड़ाएगी। इस दिन गर्मी के तेवर अपने चरम पर हो सकते हैं और लू का असर सबसे अधिक देखने को मिल सकता है।
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(डिस्क्लेमर: यह खबर मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों और पूर्वानुमानों पर आधारित है। मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव संभव है, इसलिए घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें और खुद को हाइड्रेटेड रखें।)
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