मेरठ के लोहियानगर क्षेत्र के काजीपुर गांव में हुई गुर्जर समाज की महापंचायत पर पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसा है। यह महापंचायत विकुल चपराना मामले में 4 छात्रों को जेल भेजे जाने के विरोध में हुई थी। पुलिस ने सरकारी आदेशों के उल्लंघन और शांति भंग करने की कोशिश के आरोप में 6 नामजद और 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। नामजद लोगों में छात्र राजनीति और सामाजिक रूप से सक्रिय प्रमुख चेहरे शामिल हैं।
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विकुल चपराना मामले में गिरफ्तारी के विरोध में महापंचायत
\r\n\r\nविकुल चपराना मामले में गिरफ्तारी और उन पर गंभीर धाराएं लगाए जाने से गुर्जर समाज में भारी आक्रोश था। इसी के चलते रविवार को काजीपुर में महापंचायत बुलाई गई थी। इस महापंचायत में ही गुर्जर नेता पवन गुर्जर ने 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए 'गाय-भैंस रैली' की चेतावनी दी थी। इस उग्र चेतावनी और प्रशासन की अनुमति के बिना भीड़ जुटाने को पुलिस ने गंभीरता से लिया।
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इन 6 लोगों पर हुई FIR
\r\n\r\nपुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में जो 6 लोग नामजद किए गए हैं, उनके नाम इस प्रकार हैं:
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- अक्षय बैंसला (पिता का नाम: जितेंद्र, पता: खेड़ा, खानपुर) \r\n
- भारत बढ़ाना (पिता का नाम: जोधा सिंह, पता: ग्राम काजीपुर, लोहियानगर) \r\n
- आदेश प्रधान (पिता का नाम: भोपाल सिंह, पता: सिद्धार्थ एन्क्लेव, लोहियानगर) \r\n
- पवन गुर्जर (पिता का नाम: नामायूम, पता: नूर नगर, बहुगुमपुरी) \r\n
- आकाश बढ़ाना (पिता का नाम: विजेंद्र सिंह, पता: ग्राम फफूंडा, लोहियानगर) \r\n
- अमित बढ़ाना (पिता का नाम: सत्यपाल सिंह, पता: जुर्रानपुर, लोहियानगर) \r\n
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सभी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही पुलिस
\r\n\r\nलोहियानगर पुलिस स्टेशन में इन 6 नामजद और 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने इन सभी पर IPC की धारा 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना), 341 (रास्ता रोकना) और 269 (लापरवाही से बीमारी फैलाना) सहित अन्य संबंधित धाराएं लगाई हैं। पुलिस ने अब इन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन पर सख्त कार्रवाई कर समाज को एक संदेश देने की तैयारी है।
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अक्षय बैंसला और पवन गुर्जर निशाने पर
\r\n\r\nनामजद आरोपियों में पवन गुर्जर ने महापंचायत में सबसे तीखे बयान दिए थे। वहीं, अक्षय बैंसला छात्र राजनीति से जुड़े प्रमुख नाम हैं। इन दोनों नेताओं का नाम मुकदमे में आना दर्शाता है कि पुलिस मुख्य आयोजकों पर कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने कहा कि महापंचायत के दौरान सार्वजनिक मार्ग को बाधित किया गया और बिना अनुमति भीड़ जुटाई गई।
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पुलिस बोली–किसी को कानून हाथ में नहीं लेने देंगे
\r\n\r\nवरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा, "नामजद आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं। उनकी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। किसी भी तरह की धमकी या अल्टीमेटम से पुलिस दबाव में नहीं आएगी। कानून का शासन स्थापित किया जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के अवैध जमावड़े से क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका थी।
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मुकदमेबाजी से आंदोलन नहीं रुकेगा
\r\n\r\nअक्षय बैंसला, पवन गुर्जर और अन्य पर मुकदमा दर्ज होने से गुर्जर समाज में और आक्रोश फैल गया है। समाज के समर्थकों का कहना है कि यह न्याय की मांग करने वालों की आवाज दबाने की कोशिश है। चूंकि महापंचायत में 7 दिन का अल्टीमेटम दिया गया था, इसलिए अब पुलिस की कार्रवाई से तनाव और बढ़ सकता है। समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि मुकदमेबाजी से उनका आंदोलन नहीं रुकेगा।
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उग्र हो सकता है गुर्जर समाज का आंदोलन
\r\n\r\nयह कार्रवाई दर्शाती है कि प्रशासन अब किसी भी बड़े सामाजिक विरोध प्रदर्शन को हल्के में नहीं लेगा। 6 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी से इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आ जाएगा। अगर प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी होती है, तो गुर्जर समाज का आंदोलन और उग्र हो सकता है। प्रशासन के लिए अब यह चुनौती और बड़ी हो गई है कि वह कैसे कानूनी कार्रवाई भी करे और शांतिपूर्ण माहौल भी बनाए रखे।
Sabse pehle comment karne wale banein.