मेरठ: आखिर मेरठ के पल्लवपुरम में हो क्या रहा है? एक ही इलाके से दो किशोरों के अचानक लापता होने की खबर ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। एक मामला जहां खुशी के साथ खत्म हुआ, वहीं दूसरे परिवार में 9 दिन बाद भी कोई खबर न मिलने से बेचैनी बढ़ गई है। यह घटनाक्रम कई सवाल खड़े कर रहा है कि आखिर ये बच्चे घर छोड़कर क्यों जा रहे हैं।READ ALSO:-खो नदी में डूबे तीनों किशोरों का शव मिला: बिजनौर के शेरकोट में गमगीन माहौल, पूरे शहर में शोक की लहर
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एक 'लापता' हुआ और हरिद्वार में मिला
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पल्लवपुरम के निवासी और वार्ड 57 के पार्षद विक्रांत ढाका के 13 वर्षीय बेटे पार्थ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। गुरुवार शाम वह अपनी स्कूटी से कोचिंग के लिए निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। परेशान परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पार्थ स्कूटी से सकौती की ओर जाता दिखा। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में रातभर जुटी रहीं। देर रात जब सब उम्मीद खो रहे थे, तब पार्थ ने अपनी मां को फोन किया और बताया कि वह सुरक्षित हरिद्वार पहुंच गया है। उसने अपनी स्कूटी मुजफ्फरनगर में खड़ी कर दी थी और बस से यात्रा की थी। यह खबर सुनकर पूरे परिवार ने राहत की सांस ली।
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9 दिन बाद भी नहीं मिला दिव्यांश का कोई सुराग
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इसी इलाके से कुछ दिन पहले लापता हुए दिव्यांश शर्मा (15) का मामला अभी भी एक अबूझ पहेली बना हुआ है। 9 सितंबर को कॉन्टिनेंटल कंपनी में काम करने वाले मुकेश शर्मा का बेटा दिव्यांश अपनी साइकिल से कोचिंग जाने के लिए निकला था। लेकिन वह कोचिंग पहुंचा ही नहीं। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो पता चला कि वह सिर्फ एक नोटबुक देने अपने दोस्त के पास गया था। सीसीटीवी फुटेज में उसे पावली स्टेशन की तरफ जाते हुए देखा गया, लेकिन उसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला है।
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पिता ने इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। पुलिस ने कई टीमें बनाकर दिव्यांश की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन 9 दिन बाद भी उसका कोई पता नहीं चला है। इस घटना ने दिव्यांश के परिवार को बुरी तरह से तोड़ दिया है। जहां एक परिवार अपने बच्चे के सुरक्षित लौटने से खुश है, वहीं दूसरे परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही है, जो अपने बेटे की एक झलक के लिए तरस रहे हैं।
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