मेरठ: मेरठ के औद्योगिक और व्यापारिक विकास पर चर्चा के लिए हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में, व्यापारियों ने प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह के सामने एक चौंकाने वाली शिकायत रखी। उन्होंने पुलिस पर रात 11 बजे जबरन बाजार बंद कराने का आरोप लगाया और मांग की कि उन्हें रात 12 बजे तक अपनी दुकानें खुली रखने की अनुमति दी जाए ताकि वे अपने कारोबार को बढ़ा सकें।READ ALSO:-दिल्ली अब 'सिर्फ 55 मिनट' दूर: मेरठ से मोदीपुरम तक 21 KM का 'नमो मेट्रो' ट्रैक तैयार, एक ही लाइन पर दौड़ेगी 'नमो' और 'मेरठ' मेट्रो
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क्यों हुई यह शिकायत? - पुलिस की 'जल्दी' से व्यापार को नुकसान
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व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंत्री से कहा कि देर रात तक खरीदारी करने वाले ग्राहकों के कारण उनका व्यापार चलता है। पुलिस द्वारा 11 बजे ही दुकानें बंद कराने से न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि शहर की व्यावसायिक गतिविधियों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। यह मांग केवल व्यापारिक सुविधा के लिए नहीं, बल्कि शहर की आर्थिक गति को बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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बाजार की मांग, व्यापार में बदलाव
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व्यापारियों ने बैठक में कई अन्य प्रमुख मांगें भी रखीं, जो मेरठ में उद्योगों के भविष्य को नई दिशा दे सकती हैं। इन मांगों में शामिल हैं:
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    औद्योगिक आस्थानों को फ्रीहोल्ड करें: 40-50 साल पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को फ्रीहोल्ड करने की पुरानी मांग को फिर से उठाया गया।
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    नए औद्योगिक क्षेत्र: कताई मिल और ग्राम इटायरा में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया।
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    छोटे उद्यमियों के लिए भूमि: गंगा एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में छोटे उद्यमियों के लिए पीपीपी मॉडल पर 100-150 एकड़ भूमि की मांग की गई।
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    विशेष सुविधाएं: ज्वैलरी उद्योग के लिए एक फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर की मांग भी रखी गई।
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प्रभारी मंत्री ने सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उन पर जल्द ही आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने व्यापारियों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया और केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में की गई कमी का लाभ उठाने की बात कही।
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