मेरठ (Meerut Local Weather News): उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में अब गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार की सुबह शहर में एक बेहद तेज, चुभने वाली और चमकदार धूप के साथ हुई। मई महीने के शुरुआती दो सप्ताह तक रुक-रुक कर हुई बारिश और आंधी के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना और राहतभरा बना हुआ था, लेकिन अब कुदरत का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। आसमान से मानो आग बरस रही है। बीते रविवार को तो भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने लोगों की मुश्किलें इस कदर बढ़ा दीं कि दोपहर होते-होते शहर की व्यस्त सड़कों और बाजारों में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया।READ ALSO:-आगरा में दिनदहाड़े खौफनाक वारदात: बैकुंठी देवी कॉलेज के सामने से युवती का अपहरण, सफेद कार में जबरन उठा ले गए बदमाश; मची सनसनी
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लगातार बढ़ रहे तापमान और गर्म हवाओं (Heatwave) के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विज्ञानियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब लोगों को इस जानलेवा गर्मी से फिलहाल कोई राहत मिलने वाली नहीं है।
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पारा 41.3 डिग्री के पार: आज 42 और अगले 4 दिनों में 43 का अलर्ट

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मेरठ में गर्मी ने इस साल के अपने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि इस ग्रीष्मकालीन सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। अचानक से बढ़े इस तापमान ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं।
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सोमवार को भी सुबह से ही सूरज के तेवर तल्ख नजर आए और आज भी अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के पूरे आसार हैं। मौसम विभाग (Meteorological Department) ने एक बेहद डराने वाला पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग का कहना है कि आने वाले चार दिनों तक तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी और यह ग्राफ 43 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। रात के तापमान में भी कोई खास गिरावट दर्ज नहीं की जा रही है, जिससे लोगों को उमस भरी रातों का भी सामना करना पड़ रहा है।
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दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा: घरों में कैद होने को मजबूर हुए लोग

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गर्मी का सबसे ज्यादा असर शहर की व्यावसायिक गतिविधियों और आम दिनचर्या पर देखने को मिल रहा है। रविवार सुबह से ही जो तेज धूप निकली थी, उसने दिन चढ़ने के साथ-साथ गर्म हवाओं और लू का रूप ले लिया। दोपहर 12 बजे के बाद तो हालात ऐसे हो गए मानो किसी ने शहर पर अघोषित कर्फ्यू लगा दिया हो।
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    प्रमुख बाजारों में वीरानी: शहर के सबसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले इलाके माने जाने वाले बेगमपुल, घंटाघर, दिल्ली रोड और हापुड़ अड्डा पर दोपहर के समय आवाजाही न के बराबर दिखाई दी। इन बाजारों में जहां आम दिनों में पैर रखने की जगह नहीं होती, वहां रविवार को वीरानी छाई रही।
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    मजदूरों और चालकों का बुरा हाल: इस चिलचिलाती धूप में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को उठानी पड़ रही है जिनकी आजीविका घर के बाहर मेहनत करने पर निर्भर है। रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी वाले और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूर इस भीषण गर्मी में बेहाल नजर आए।
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    बचाव के जतन: दुपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर अपने सिर और चेहरे को सूती गमछे और कपड़ों से पूरी तरह ढककर ही सड़कों पर निकलते हुए देखे गए। लोग धूप से बचने के लिए पेड़ों की छांव और ठंडे पेय पदार्थों (जैसे गन्ने का रस, नींबू पानी और लस्सी) का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
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गर्मी के साथ प्रदूषण का डबल अटैक: एमआईईटी (MIET) क्षेत्र में AQI 300 के पार

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एक तरफ जहां आसमान से आग बरस रही है, वहीं दूसरी तरफ मेरठ की हवा भी अब जहरीली होने लगी है। गर्मी और लू के साथ-साथ वायु प्रदूषण (Air Pollution) ने शहरवासियों पर दोहरी मार की है। शुष्क मौसम और धूल भरी हवाओं के कारण शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
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रविवार को मेरठ शहर का औसत AQI 240 दर्ज किया गया, जिसे 'खराब' (Poor) श्रेणी में माना जाता है। शहर के अलग-अलग इलाकों की स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक है:
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    एमआईईटी कॉलेज (MIET College) क्षेत्र: यहां प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा रहा और AQI 319 (बेहद खराब श्रेणी) रिकॉर्ड किया गया।
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    पल्लवपुरम (Pallavpuram): इस आवासीय क्षेत्र का AQI 265 दर्ज किया गया।
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    गंगा नगर (Ganga Nagar): यहां का AQI 206 रहा।
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    जयभीम नगर (Jai Bhim Nagar): यहां हवा की स्थिति थोड़ी बेहतर रही, लेकिन फिर भी AQI 171 दर्ज किया गया।
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गर्म हवाओं के साथ मिलकर यह प्रदूषण अस्थमा और सांस के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
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मौसम वैज्ञानिक डॉ. शमीम की चेतावनी: 'अब शुरू होगा असली टॉर्चर'

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इस अचानक हुए मौसम बदलाव के वैज्ञानिक कारणों पर प्रकाश डालते हुए भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान (IIFSR), मोदीपुरम के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. शमीम ने विस्तृत जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि, "मई के पहले पखवाड़े में जो हल्की बारिश और ठंडक थी, वह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण थी। लेकिन फिलहाल इस विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अब वातावरण में नमी नहीं है और मौसम पूरी तरह से शुष्क (Dry) बना हुआ है।"
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डॉ. शमीम ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगले कुछ दिनों तक आसमान बिल्कुल साफ रहेगा, जिसका सीधा मतलब है कि सूरज की किरणें सीधे धरती पर पड़ेंगी और विकिरण (Radiation) ज्यादा होगा। इसी कारण तापमान में लगातार तेज बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) की मौसम वेधशाला के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। रात के 26.1 डिग्री तापमान का मतलब है कि अब रातों की उमस भी लोगों की नींद हराम करेगी।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों की 5 बड़ी सलाह: खुद को लू और डिहाइड्रेशन से कैसे बचाएं?

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इस जानलेवा गर्मी और लू (Heatstroke) को देखते हुए शहर के प्रमुख स्वास्थ्य विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। शरीर में पानी की कमी (Dehydration) और हीटस्ट्रोक से बचने के लिए इन बातों का पालन करना बेहद जरूरी है:
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    दोपहर में बाहर निकलने से बचें: विशेषज्ञों की सबसे प्रमुख सलाह है कि दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे के बीच जब सूरज की किरणें सबसे ज्यादा घातक होती हैं, तब तक बहुत जरूरी काम न हो तो घरों से बाहर न निकलें।
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    पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं: प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में सादा पानी पीते रहें। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ताजे फलों के रस का सेवन बढ़ा दें।
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    हल्के और सूती कपड़े पहनें: गहरे रंग के और सिंथेटिक कपड़ों से परहेज करें। पसीने को सोखने वाले हल्के रंग के, ढीले-ढाले सूती (Cotton) कपड़े पहनें ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे।
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    सिर और आंखों को ढकें: अगर तेज धूप में बाहर निकलना मजबूरी हो, तो सिर को सफेद गमछे, टोपी या छतरी से जरूर ढकें। आंखों को हानिकारक यूवी किरणों से बचाने के लिए अच्छी क्वालिटी के सनग्लासेस का इस्तेमाल करें।
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    बच्चों और बुजुर्गों का खास खयाल रखें: छोटे बच्चों, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और पहले से बीमार (डायबिटीज, बीपी, हार्ट के मरीजों) लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। उन्हें सीधे धूप के संपर्क में आने से रोकें और उनके खानपान का विशेष ध्यान रखें।
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मेरठ में यह प्रचंड गर्मी आने वाले कई हफ्तों तक अपना सितम ढाने वाली है। 41.3 डिग्री का यह तापमान सिर्फ एक शुरुआत है। ऐसे मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है, लेकिन आम नागरिकों को भी अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाने होंगे। ठंडे पानी का इस्तेमाल करें, छायादार जगहों पर रहें और 'लू' के इस मौसम में अपनी सेहत को प्राथमिकता दें।
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