उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। मेरठ में छात्र की मौत को लेकर पीड़ित परिवार और पुलिस प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। परिजनों का आरोप है कि मलियाना टीपी नगर निवासी कक्षा 9 के छात्र वंश कुशवाहा की साजिशन हत्या की गई है।READ ALSO:-बिजनौर जिला जेल में बड़ी वारदात नाकाम: कैदी को नशा पहुंचाने आई मां-बेटी रंगे हाथों गिरफ्तार, सघन तलाशी में बैग से मिला संदिग्ध नशीला पदार्थ
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हालांकि, पुलिस इसे प्रथम दृष्टया हादसा मानकर चल रही है। मामले में एफआईआर दर्ज न होने से नाराज होकर शोषित क्रांति दल ने पीड़ित परिवार के समर्थन में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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मलियाना के वंश कुशवाहा का पूरा मामला

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यह पूरी घटना 28 मई 2026 की है। मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र स्थित मलियाना का रहने वाला वंश कुशवाहा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया था। अमर सिंह का पुत्र वंश महज कक्षा 9 का छात्र था।
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परिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन उसके दो दोस्त और उनके दो अन्य अज्ञात साथी उसे घर से बुलाकर ले गए थे। बाद में सूचना मिली कि जानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 'भोले की झाल' में डूबने से वंश की मौत हो गई है।
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पुलिस की कार्यप्रणाली से पीड़ित परिवार निराश

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वंश के परिवार का सीधा आरोप है कि उन चारों लड़कों ने मिलकर वंश को पानी में डुबोकर मारा है। मेरठ में छात्र की मौत का यह मामला स्थानीय पुलिस की हीलाहवाली के कारण अब तूल पकड़ रहा है।
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पीड़ित परिवार न्याय के लिए लगातार दर-दर की ठोकरें खा रहा है। परिजनों का आरोप है कि घटना के लगभग एक महीने बाद भी मेरठ पुलिस ने हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
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आला अधिकारियों से लगाई गुहार
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न्याय की आस में पीड़ित परिवार अब तक जिले के कई बड़े अधिकारियों के दरवाजे खटखटा चुका है। वे एक बार जिलाधिकारी (DM) और दो बार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मिल चुके हैं।
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इसके अलावा, सरधना के क्षेत्राधिकारी (CO) से भी कई बार मुलाकात की गई है। लेकिन इन तमाम प्रयासों के बावजूद, जानी थाना पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की है।
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मेरठ में छात्र की मौत: परिवार ने उठाए 10 अहम सवाल

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वंश के परिजनों ने स्थानीय जानी थाना पुलिस और आरोपियों की भूमिका पर कई गंभीर संदेह जताए हैं। परिवार का कहना है कि वंश एक अच्छा तैराक था। इसलिए, वह भोले की झाल में महज चार फुट गहरे पानी में डूब ही नहीं सकता।
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परिजनों ने सवाल उठाया है कि वंश के कपड़े पूरी तरह गीले थे, लेकिन उसे वहां ले जाने वाले बाकी लड़कों के कपड़े सूखे कैसे थे? इसके अलावा, घटना के बाद वंश का बैग और उसमें रखे 10 हजार रुपये आज तक नहीं मिले हैं।
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घटना वाले दिन के कुछ अनसुलझे रहस्य

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परिवार ने कई ऐसे तथ्य सामने रखे हैं जो साजिश की ओर इशारा करते हैं। घटनास्थल (भोले की झाल) से सुभारती विश्वविद्यालय के अस्पताल तक उसे मात्र तीन मिनट में कैसे पहुंचाया गया? दोस्तों ने उसे पास के किसी अस्पताल में क्यों नहीं दिखाया?
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आरोपियों ने उस दिन अपनी मोटरसाइकिल परिवार के सीसीटीवी कैमरे की नजर से दूर क्यों खड़ी की थी? यह सब एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। परिजनों का यह भी आरोप है कि जानी थाने के पुलिसकर्मियों ने वंश की बड़ी बहन के मोबाइल से जबरन ओटीपी लिया। विरोध करने पर पुलिस ने उल्टे उन्हें हवालात में डालने की धमकी दी।
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न्याय के लिए शोषित क्रांति दल का अनिश्चितकालीन धरना

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मेरठ में छात्र की मौत के मामले में पुलिस की इस निष्क्रियता से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। शोषित क्रांति दल ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरने का फैसला किया है।
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दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि 26 जून 2026, दिन शुक्रवार को सुबह 10 बजे से एक बड़ा धरना शुरू किया जाएगा।
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कमिश्नरी पार्क में होगा प्रदर्शन

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यह विरोध प्रदर्शन मेरठ के चौधरी चरण सिंह पार्क (कमिश्नरी पार्क) में आयोजित किया जाएगा। दल का स्पष्ट कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज नहीं होती, यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
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मेरठ में छात्र की मौत का यह पूरा मामला पुलिस की संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। एक युवा छात्र की संदिग्ध मौत और परिवार का रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटकना व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। अब देखना यह है कि 26 जून को कमिश्नरी पार्क में होने वाले इस धरने के बाद मेरठ प्रशासन और पुलिस क्या ठोस कदम उठाते हैं।
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