मेरठ (खेल संवाददाता): आज के आधुनिक और चुनौतीपूर्ण दौर में किताबी ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक मजबूती और आत्मरक्षा (Self Defense) का हुनर होना भी बेहद जरूरी है। इसी महान उद्देश्य को चरितार्थ करते हुए, रविवार (19 जुलाई 2026) को मेरठ के प्रतिष्ठित बी.एन.जी. (B.N.G.) इंटरनेशनल स्कूल के प्रांगण में खेलों का एक अद्भुत और रोमांचक नजारा देखने को मिला। अवसर था— "श्री भरत नरेश गुप्ता मेमोरियल इंडिपेंडेंस कप इंटर स्कूल ताइक्वांडो प्रतियोगिता–2026" का।Read also:- सर्राफा बाजार में हलचल: सोने-चांदी के दामों ने पकड़ी रफ्तार! ज्वेलरी खरीदने से पहले चेक करें आज का ताजा भाव और असली-नकली का सीक्रेट टेस्ट
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इस भव्य आयोजन में मेरठ और आस-पास के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 300 होनहार ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मैट पर उतरते ही इन नन्हे और युवा खिलाड़ियों ने जब हवा में अपनी किक और पंच का जलवा बिखेरा, तो पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। आइए, इस पूरे आयोजन की बारीकियों और विजेताओं के शानदार सफर पर एक विस्तृत नजर डालते हैं।
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दीप प्रज्वलन और अतिथियों के भव्य स्वागत से हुआ आगाज
\r\n\r\nकिसी भी शुभ कार्य की शुरुआत ईश्वर के स्मरण से होती है। कार्यक्रम का विधिवत और गरिमामयी शुभारंभ विद्यालय की चेयरपर्सन श्रीमती रमा गुप्ता, डायरेक्टर श्रीमती गौरी गुप्ता तथा डायरेक्टर डिज़िग्नेट श्री करण गुप्ता के कर-कमलों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया गया।
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अतिथियों के आगमन पर पूरे विद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल था। विद्यालय के योग्य एवं ऊर्जावान प्रधानाचार्य श्री संजीव अग्रवाल ने सभी विशिष्ट अतिथियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हरित पौधे (Green Saplings) और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। दीप प्रज्ज्वलन के पवित्र माहौल के बीच, सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों और उपस्थित अतिथियों ने एक स्वर में खेल भावना (Sportsmanship), कड़े अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना को अपने जीवन में सुदृढ़ करने का दृढ़ संकल्प लिया।
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मंच से गूंजे प्रेरणादायक शब्द: "आत्मरक्षा आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत"
\r\n\r\nप्रतियोगिता केवल शारीरिक बल का प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि यह मानसिक दृढ़ता का भी मंच थी। अतिथियों ने अपने ओजस्वी विचारों से खिलाड़ियों में नई ऊर्जा का संचार किया:
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- \r\n प्रधानाचार्य श्री संजीव अग्रवाल का विजन: अपने स्वागत और प्रेरणादायी संबोधन में श्री संजीव अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय की चुनौतियों को देखते हुए आत्मरक्षा की कला प्रत्येक विद्यार्थी के लिए ऑक्सीजन जैसी आवश्यक हो गई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, "ताइक्वांडो सिर्फ लड़ना नहीं सिखाता, यह अनुशासन, असीम आत्मविश्वास, नेतृत्व की क्षमता और शारीरिक-मानसिक विकास का एक बहुत ही सशक्त और वैज्ञानिक साधन है। खेल हमें गिरकर फिर से उठना और जीवन की हर चुनौती का डटकर सामना करना सिखाते हैं।"\r\n \r\n
- \r\n चेयरपर्सन श्रीमती रमा गुप्ता का आशीर्वाद: खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेल विद्यार्थियों के संपूर्ण (Holistic) और सर्वांगीण विकास का सबसे मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में ही बच्चे टीम वर्क, धैर्य, हार को स्वीकारना और जीतने की सकारात्मक भूख जैसी जीवन रक्षक कलाएं सीखते हैं।\r\n \r\n
- \r\n डायरेक्टर श्रीमती गौरी गुप्ता और श्री करण गुप्ता का संदेश: श्रीमती गौरी गुप्ता ने सभी विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों (Co-curricular activities) में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। वहीं, युवाओं के प्रेरणास्रोत, डायरेक्टर डिज़िग्नेट श्री करण गुप्ता ने खिलाड़ियों के जोश की जमकर प्रशंसा की और कहा कि ऐसी इंटर-स्कूल प्रतियोगिताएं बच्चों को बाहरी दुनिया की प्रतिस्पर्धा के लिए दिमागी रूप से तैयार करती हैं।\r\n \r\n
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ताइक्वांडो: एक ओलंपिक मार्शल आर्ट (तकनीकी पहलू और निष्पक्षता)
\r\n\r\nदर्शकों और खिलाड़ियों को इस खेल की गहराई से वाकिफ कराते हुए प्रतियोगिता के तकनीकी हेड (Technical Head) पूर्णेन्दु झा ने बताया कि ताइक्वांडो कोई साधारण खेल नहीं है। यह दक्षिण कोरिया (South Korea) की धरती से उपजी एक विश्वप्रसिद्ध 'ओलंपिक मार्शल आर्ट' है। इसका पूरा विज्ञान शरीर के संतुलन, लचीलेपन और दिमाग की एकाग्रता पर टिका है।
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इतने बड़े स्तर की प्रतियोगिता में सबसे बड़ी चुनौती होती है—'निष्पक्षता'। इस जिम्मेदारी को बेहद ही पेशेवर अंदाज में मुख्य निर्णायक (Chief Referees) दीपिका और ऋषभ गर्ग ने निभाया। उन्होंने आधुनिक नियमों के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ सभी मुकाबलों का सफल संचालन सुनिश्चित किया। अलग-अलग आयु वर्गों (Age Groups) और भार वर्गों (Weight Categories) में बंटे खिलाड़ियों ने जब मैट पर एक-दूसरे को पछाड़ने के लिए दांव पेंच लगाए, तो देखने वालों की सांसें थम गईं।
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हॉल ऑफ फेम: इन होनहारों ने जीते पदक और जीता सबका दिल
\r\n\r\nकड़े संघर्ष, पसीने और महीनों की ट्रेनिंग के बाद, जिन खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पदक (Medals) अपने नाम किए, उनकी सूची इस प्रकार है:
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स्वर्ण पदक (Gold Medal) के असली सिकंदर:
\r\n\r\nमैट पर अपनी सर्वोच्च फुर्ती दिखाते हुए इन खिलाड़ियों ने गोल्ड पर कब्जा जमाया—
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\r\n\r\n\r\nरुद्राक्ष, कुणाल, चिराग, आदि, तनिष्क, कॉस्टभ, शिवांश, प्रणव, तेजस शर्मा, रुद्र सहरावत, ऋत्विक से, रेयांश, वंश, आरव जैन, दक्ष, देव त्यागी, साद, पार्थ, ईशान, वरदान, शिवांश, अन्ना, वंश चौधरी, शौर्य, प्रथम, वसीम, उज्ज्वल, अंशुल और जयंत सिंह।\r\n
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रजत पदक (Silver Medal) के शानदार विजेता:
\r\n\r\nइन खिलाड़ियों ने भी कड़ी टक्कर दी और सिल्वर मेडल अपने नाम किया—
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\r\n\r\n\r\nयुवराज, शाश्वत, राम, शौर्य, निकुंज, वेदांग वत्स, नमिश मिश्रा, रोहन, आयुष्मान, विवान, विराट, निकुंज, सिद्धार्थ, अद्विक, ऋतिक, अंश पंवार, मनन अग्रवाल, अनिकेत, विभोर, इब्राहिम, देव सोनकर, चिराग, अद्विक, विराज, कृष्णिक, माधव, अथर्व, आरव, सार्थक और अद्विक।\r\n
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कांस्य पदक (Bronze Medal) के शूरवीर:
\r\n\r\nपोडियम पर अपनी जगह पक्की करने वाले कांस्य पदक विजेता रहे—
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\r\n\r\n\r\nशिवराज, रेयांश, जकी, अर्जुन, रेयांश, सिद्धार्थ, सारवां, रुद्र, श्रेयांश, लक्ष्य, रेयांश, कनिष्क, अनिरुद्ध, कुंज पल, समर्थ, शिवम किशोर, विराज, आरुष तोमर, एकाध गुप्ता, कनिष्क, अंजाने, अयान, आरुष, द्वित गुप्ता, वंश, अद्विक, शिविर जैन, अमृतांशु कुमार झा, अद्विक रस्तोगी, कुणाल, योहान, वरदान, विनायक, सक्षम, शौर्य, आकुल कुमार, द्रोण, शिव, अनंत, जसपाल, राम, नवदीप, अनंत, ऋषभ, देवांश, रुद्र झा, आरुष त्यागी, कृष्ण, शिवांक, दैविक, समर्थ, अर्णव सिंह और कार्तिकेय।\r\n
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भव्य समापन और सुनहरे भविष्य की मंगलकामनाएं
\r\n\r\nरोमांचक मुकाबलों के दौर के बाद, कार्यक्रम का समापन एक बेहद ही भावुक और शानदार पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। मंच पर बुलाकर सभी विजेता खिलाड़ियों को चमचमाते पदक (Medals) और सम्मान स्वरूप प्रमाण-पत्र (Certificates) प्रदान किए गए। मेडल गले में पहनते ही बच्चों और उनके कोच के चेहरों पर जो खुशी और गर्व की चमक थी, वह पूरे आयोजन की असली सफलता बयां कर रही थी।
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बी.एन.जी. इंटरनेशनल स्कूल परिवार ने सभी प्रतिभागियों के खेल कौशल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य की मंगलकामना की। विद्यालय प्रबंधन तंत्र ने इस महा-आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी मुख्य अतिथियों, निष्पक्ष निर्णायकों, दिन-रात मेहनत करने वाले प्रशिक्षकों, बच्चों का हौसला बढ़ाने वाले अभिभावकों और अपना खून-पसीना बहाने वाले प्रतिभागी खिलाड़ियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
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अंत में, मैनेजमेंट ने यह घोषणा करते हुए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई कि बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने वाली ऐसी शानदार प्रतियोगिताओं का आयोजन भविष्य में भी लगातार किया जाता रहेगा। यह आयोजन खेल भावना, अनुशासन, और आत्मरक्षा के मूल्यों को समाज में स्थापित करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और मील का पत्थर साबित हुआ है।
Sabse pehle comment karne wale banein.