मेरठ, 01 अक्टूबर 2025:
\r\n\r\nजब सरकार विकास और सुविधा के दावे करती है, तो मेरठ कैंट के कासमपुर, सैनिक नगर की गली नंबर 13 की यह तस्वीर उन दावों पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। यहाँ के निवासी पिछले दो महीनों से एक अधूरी सड़क के कारण नरक भोग रहे हैं। PWD के ठेकेदार ने जिस RCC रोड को 1-2 सप्ताह में बनाने का वादा किया था, वह आज दो महीने बाद भी एक नासूर बनी हुई है, जिसने लोगों का घरों से निकलना तक नामुमकिन कर दिया है।READ ALSO:-महाजाम का अलर्ट! दशहरा पर मेरठ में 9 घंटे का रूट डायवर्जन, घर से निकलने से पहले यहां देखें अपना रास्ता
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त्योहारों की खुशी पर लगा ग्रहण, घर से निकलना भी मुश्किल
\r\n\r\nत्योहारों का मौसम है, बाज़ारों में रौनक है, लेकिन गली नंबर 13 के निवासियों के लिए यह सब बेमानी है। सड़कों पर फैली मिट्टी, निर्माण सामग्री और गड्ढों के कारण वे अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं।
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पेशे से दिल्ली में कार्यरत स्थानीय निवासी पुनीत त्यागी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहते हैं, “मेरा काम ऐसा है कि मुझे अक्सर फ्लाइट से दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। लेकिन इस सड़क की वजह से अब एयरपोर्ट के लिए कैब बुक करना भी एक चुनौती बन गया है। घर से गाड़ी निकालना तो संभव ही नहीं है। हम विकास के नाम पर सजा भुगत रहे हैं।”
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यहाँ के बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पैदल चलना भी खतरों से भरा है, और त्योहारों की खरीदारी का उत्साह पूरी तरह से फीका पड़ चुका है।
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"अगर कोई अनहोनी हुई तो कौन होगा जिम्मेदार?"
\r\n\r\nइस अव्यवस्था का सबसे भयावह पहलू रात में पैदा होने वाली आपात स्थिति है। निवासियों ने गहरी चिंता जताते हुए कहा, “सोचिए, अगर रात में किसी की तबीयत बिगड़ जाए और उसे अस्पताल ले जाना पड़े, तो एम्बुलेंस तक इस गली में नहीं घुस सकती। अगर समय पर इलाज न मिलने से किसी की जान चली जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी PWD लेगा या वो ठेकेदार जिसे यह टेंडर दिया गया था?”
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यह सवाल सिर्फ एक चिंता नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था के मुंह पर एक तमाचा है, जो नागरिकों की जान को जोखिम में डाल रही है।
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प्रशासनिक चुप्पी से बढ़ा आक्रोश
\r\n\r\nनिवासियों ने बताया कि उन्होंने दिनांक 25 सितंबर 2025 को जिला प्रशासन को एक पत्र लिखकर इस गंभीर समस्या से अवगत कराया था। लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी न तो कोई अधिकारी मौके पर आया और न ही कोई जवाब मिला। यह प्रशासनिक उदासीनता लोगों के गुस्से को और भड़का रही है।
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निवासियों की प्रशासन से सीधी मांगें:
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- \r\n अधूरी पड़ी RCC रोड का निर्माण तत्काल प्रभाव से शुरू कर एक तय समय-सीमा में पूरा किया जाए।\r\n \r\n
- \r\n काम में हुई दो महीने की देरी की जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए।\r\n \r\n
- \r\n भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए एक स्थायी निगरानी और जवाबदेही प्रणाली बनाई जाए।\r\n \r\n
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स्थानीय लोगों का एक ही सवाल है, "यह सड़क हमारी सुविधा के लिए बन रही थी या हमें सज़ा देने के लिए?" अब देखना यह है कि प्रशासन अपनी नींद से कब जागेगा और कासमपुर की इस गली के निवासियों को इस 'सरकारी कैद' से मुक्ति दिलाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.