मेरठ: गुरुवार को मेरठ के एसएसपी कार्यालय में जो हुआ, वह सिर्फ एक पीड़ित महिला की फरियाद नहीं थी, बल्कि यह हमारे समाज के उस काले सच का पर्दाफाश था, जहां एक महिला को शादी के नाम पर जिंदा लाश बना दिया जाता है। लोहियानगर की रहने वाली शहनाज की कहानी किसी एक अपराध की नहीं, बल्कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराओं को तोड़ने वाले 'अपराधों की एक पूरी लिस्ट' है।READ ALSO:-ब्रेकिंग: मेरठ के 'लाइव मर्डर' आदिल हत्याकांड का मुख्य आरोपी 'हमजा' दिल्ली में एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार
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अपराध नंबर 1: दहेज प्रताड़ना (धारा 498A)
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शहनाज की शादी 2012 में शाहजाद से हुई। उसके आरोप के मुताबिक, शादी के बाद से ही उसे और दहेज लाने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। यह सिलसिला 12 सालों तक चलता रहा।
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अपराध नंबर 2: चरित्र हनन और घिनौनी साजिश (धारा 354, 120B)
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मामला तब और गंभीर हो गया जब पति शाहजाद ने उसे अपने दोस्तों के सामने 'पेश' करना शुरू कर दिया। शहनाज का आरोप है कि पति उस पर अपने दोस्तों के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता था। यह न केवल महिला के सम्मान पर हमला है, बल्कि एक आपराधिक साजिश भी है।
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अपराध नंबर 3: जानलेवा हमला (धारा 307)
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जब शहनाज ने इस घिनौनी मांग का विरोध किया, तो उसे सिर्फ पीटा नहीं गया, बल्कि जान से मारने की कोशिश की गई। उसके गले पर पैर रखकर उसे जमीन पर पटक देना, हत्या के प्रयास की श्रेणी में आता है, जो एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है।
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अपराध नंबर 4: गैर-कानूनी तीन तलाक
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इन सब जुल्मों के बाद, पति शाहजाद ने उसे तीन बार "तलाक, तलाक, तलाक" कहकर घर से निकाल दिया। भारत में 'तीन तलाक' अब एक दंडनीय अपराध है, जिसके लिए पति को जेल हो सकती है।
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न्याय की दहलीज पर एक मां
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इन तमाम जुल्मों को सहने के बाद, जब शहनाज अपने तीन बच्चों को लेकर न्याय की आखिरी उम्मीद के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची, तो उसका शरीर और हिम्मत दोनों जवाब दे गए। वह अपनी कहानी सुनाते-सुनाते बेहोश हो गई। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि उसने कितनी पीड़ा सही है।
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एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने मामले की असाधारण गंभीरता को समझते हुए न केवल तत्काल जांच के आदेश दिए हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। अब देखना यह है कि कानून की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज होने वाले इस मामले में शहनाज और उसके तीन बच्चों को कब और कितना न्याय मिल पाता है।
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