मेरठ (विशेष संवादाता रिपोर्ट): श्रावण (सावन) मास की शुरुआत के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर मेरठ और इसके आसपास के क्षेत्रों में शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। हरिद्वार, गोमुख और ऋषिकेश से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर बढ़ने वाले लाखों कांवड़ियों (शिवभक्तों) का रेला मेरठ के विभिन्न कांवड़ मार्गों से होकर गुजरने लगा है। 30 जुलाई से शुरू हुए इस पावन महीने में बढ़ती श्रद्धालुओं की भारी भीड़, जगह-जगह लगे कांवड़ शिविरों और यातायात व्यवस्था में किए गए व्यापक बदलावों को देखते हुए मेरठ जिला प्रशासन ने एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।READ ALSO:-मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर बड़ा फैसला: शिवभक्तों की भारी भीड़ और सुरक्षा के मद्देनजर 3 से 10 अगस्त तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ के जिलाधिकारी (DM) डॉ. वी.के. सिंह ने जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में 3 अगस्त 2026 से लेकर 12 अगस्त 2026 तक यानी पूरे 10 दिनों का लंबा अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कांवड़ यात्रा के दौरान लागू किए गए भारी ट्रैफिक डायवर्जन के कारण स्कूली बच्चों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

किन-किन शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा यह आदेश?

\r\n\r\n
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह अवकाश केवल छोटे बच्चों के स्कूलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जनपद की सीमाओं के भीतर आने वाले हर प्रकार के शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा। इस 10 दिवसीय अवकाश के दायरे में आने वाले संस्थानों की विस्तृत सूची इस प्रकार है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सभी बेसिक और प्राइमरी स्कूल: कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी स्कूल।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सभी माध्यमिक और इंटर कॉलेज (कक्षा 9 से 12): यूपी बोर्ड (UP Board), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), और भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (ICSE) से मान्यता प्राप्त जिले के सभी स्कूल।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मदरसा बोर्ड: उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त सभी शिक्षण संस्थान।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    उच्च शिक्षण संस्थान: जिले के सभी शासकीय (Government) और निजी (Private) डिग्री कॉलेज, स्नातकोत्तर (PG) महाविद्यालय और सभी विश्वविद्यालय (Universities)।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    तकनीकी एवं व्यावसायिक संस्थान: जिले के सभी पॉलिटेक्निक (Polytechnic), औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), इंजीनियरिंग कॉलेज और अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थान।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि शिक्षा के किसी भी स्तर का कोई भी संस्थान इन निर्धारित तिथियों (3 से 12 अगस्त) के बीच नियमित कक्षाओं के लिए संचालित नहीं किया जाएगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

एक जरूरी अपवाद: पूर्व निर्धारित परीक्षाएं नहीं होंगी रद्द

\r\n\r\n
जहां एक ओर सभी नियमित कक्षाओं पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, वहीं प्रशासन ने उन छात्रों के हितों का भी ध्यान रखा है जिनकी परीक्षाएं पहले से ही निर्धारित थीं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जिलाधिकारी के आदेश में यह स्पष्ट रूप से उल्लिखित है कि जिन पाठ्यक्रमों (Courses) या विषयों की सेमेस्टर या वार्षिक परीक्षाएं पहले से ही घोषित की जा चुकी हैं, वे अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम (Schedule) के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    छात्रों के लिए निर्देश: परीक्षा देने वाले छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए अपने वैध 'एडमिट कार्ड' (Admit Card) या 'परिचय पत्र' (ID Card) को अपने साथ रखना अनिवार्य होगा, ताकि पुलिस या प्रशासन उन्हें डायवर्जन वाले रास्तों पर परीक्षा केंद्र तक जाने की अनुमति दे सके।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    संस्थानों के लिए निर्देश: ऐसे शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए अपने स्तर पर उचित प्रबंध करें।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

क्यों लिया गया 10 दिनों की लंबी छुट्टी का यह फैसला?

\r\n\r\n
पश्चिमी यूपी में मेरठ जिला कांवड़ यात्रा का सबसे मुख्य केंद्र (Hub) माना जाता है। दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, और मध्य प्रदेश जाने वाले लाखों कांवड़िए मेरठ के राष्ट्रीय राजमार्ग-58 (NH-58), रुड़की रोड और शहर के अन्य मुख्य मार्गों से होकर ही गुजरते हैं। इस बड़े फैसले के पीछे प्रशासन के निम्नलिखित मुख्य कारण हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    व्यापक यातायात डायवर्जन (Traffic Diversion Plan): कांवड़ियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मेरठ प्रशासन ने जिले भर में भारी वाहनों, बसों और कारों का प्रवेश कई मुख्य मार्गों पर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। ट्रैफिक डायवर्जन लागू होने के कारण स्कूल बसों, वैन और ऑटो का संचालन लगभग असंभव हो जाता है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    लाखों शिवभक्तों का जनसैलाब: जैसे-जैसे सावन शिवरात्रि (Sawan Shivratri) करीब आती है, सड़कों पर डाक कांवड़ (Dak Kanwar) और झांकियों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। सड़कों पर भारी भीड़ के कारण आम यातायात पूरी तरह से ठप हो जाता है।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि: सड़कों पर भारी भीड़, डीजे की तेज आवाज और हर तरफ फैले कांवड़ सेवा शिविरों के कारण छोटे बच्चों और छात्राओं के स्कूल आने-जाने में सुरक्षा का बड़ा जोखिम पैदा हो सकता है। बच्चों को जाम में फंसने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाने के लिए यह छुट्टी दी गई है।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    कानून-व्यवस्था और पुलिस की व्यस्तता: कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे जिले की पुलिस फोर्स, पीएसी (PAC) और प्रशासनिक अधिकारी 24 घंटे सुरक्षा और निगरानी में तैनात रहते हैं। ऐसे में स्कूलों को खुला रखने से यातायात और भीड़ प्रबंधन पर अतिरिक्त और अनावश्यक दबाव पड़ता है।
    \r\n
  8. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर होगी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई

\r\n\r\n
अक्सर देखा जाता है कि कुछ निजी स्कूल प्रबंधन या कोचिंग सेंटर ऐसे प्रशासनिक आदेशों को नजरअंदाज कर चोरी-छिपे कक्षाएं चलाने का प्रयास करते हैं। इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए डीएम डॉ. वी.के. सिंह ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों (BSA, DIOS) को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    निगरानी टीमें: शिक्षा विभाग की कई 'फ्लाइंग स्क्वायड' (Flying Squads) और निगरानी टीमें गठित की गई हैं जो शहर और देहात क्षेत्रों में यह सुनिश्चित करेंगी कि कोई भी स्कूल खुला न रहे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सख्त सजा का प्रावधान: यदि कोई भी शिक्षण संस्थान 3 से 12 अगस्त की अवधि में नियमित कक्षाएं संचालित करता हुआ पाया गया, तो संबंधित प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ 'धारा 144' (Section 144) के उल्लंघन और जिलाधिकारी के आदेशों की अवहेलना के तहत तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। इसके अलावा स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अभिभावकों के लिए राहत और महत्वपूर्ण संदेश

\r\n\r\n
प्रशासन के इस फैसले से मेरठ के हजारों अभिभावकों ने बड़ी राहत की सांस ली है। कांवड़ यात्रा के दौरान रोज सुबह बच्चों को स्कूल भेजने में लगने वाले लंबे जाम और उनकी सुरक्षा की चिंता अभिभावकों को सता रही थी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पढ़ाई का नुकसान और ऑनलाइन विकल्प: 10 दिनों की इस लंबी छुट्टी से छात्रों की पढ़ाई का जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई के लिए कई बड़े स्कूलों ने इस अवधि के दौरान छात्रों को 'ऑनलाइन असाइनमेंट' (Online Assignments) या 'प्रोजेक्ट वर्क' (Project Work) देने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने स्कूलों को यह छूट दी है कि वे बाद में अतिरिक्त कक्षाएं (Extra Classes) चलाकर सिलेबस को पूरा कर सकते हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    प्रशासन की अपील: जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और अभिभावकों से अपील की है कि वे इस अवकाश के दौरान बिना किसी अति आवश्यक कार्य के भारी भीड़ वाले कांवड़ मार्गों पर अपनी निजी गाड़ियों से यात्रा करने से बचें। बच्चों को भी भीड़-भाड़ वाले इलाकों से दूर रखें और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ जिलाधिकारी का यह निर्णय स्पष्ट रूप से कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रेरित है। आस्था के इस विशाल और पवित्र महापर्व में किसी भी प्रकार का विघ्न न पड़े और शहर के लाखों नौनिहालों की सुरक्षा भी पूरी तरह सुनिश्चित हो सके, इसके लिए प्रशासन और आम जनता का यह आपसी सहयोग बेहद सराहनीय और आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन