उत्तर प्रदेश के जनपद मेरठ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जानी थाना क्षेत्र में मेरठ समलैंगिक विवाह का एक अनोखा केस देखने को मिला है। बचपन की दो सहेलियों ने आपस में छिपकर कोर्ट मैरिज कर ली थी। जब परिजनों ने जबरन एक की शादी गाजियाबाद के लोनी में करा दी, तो उसने अपनी सहेली को बुला लिया। अब दोनों युवतियां एक साथ रहने की जिद पर अड़ी हैं।READ ALSO:-मेरठ छात्रा हत्याकांड में बढ़ा तनाव: कांग्रेस डेलिगेशन को पुलिस ने टोल पर रोका, भाकियू तोमर की महापंचायत से प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें
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बचपन की दोस्ती और मेरठ समलैंगिक विवाह

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जानी थाना क्षेत्र के एक ही गांव और मोहल्ले में रहने वाली दो युवतियों के बीच यह पूरा मामला हुआ है। दोनों के घर महज 200 से 300 मीटर की दूरी पर स्थित हैं। दोनों युवतियों ने बचपन से लेकर बीए और एमए तक की पढ़ाई एक साथ की है।
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इसी पढ़ाई और साथ रहने के दौरान उनके बीच गहरा प्रेम संबंध बन गया। बाद में दोनों ने समाज की परवाह किए बिना छिपकर मेरठ समलैंगिक विवाह कर लिया और हमेशा साथ जीने-मरने की कसमें खाईं।
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पारिवारिक पृष्ठभूमि और परिजनों का कड़ा विरोध

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इस मामले में एक युवती के पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं। वहीं, दूसरी युवती के पिता का निधन हो चुका है और उसके परिवार में छह बहनें व दो भाई हैं। परिवार की तीन बेटियों की पहले से ही शादी हो चुकी है।
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जब दोनों के परिजनों को उनके इस गहरे प्रेम प्रसंग और कोर्ट मैरिज की भनक लगी, तो उन्होंने इसका बहुत कड़ा विरोध किया। सामाजिक लोकलाज और बदनामी के डर से परिवार वालों ने दोनों को अलग करने का सख्त फैसला लिया।
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गाजियाबाद के लोनी में जबरन कराई गई शादी

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परिजनों के भारी विरोध और दबाव के बाद, एक युवती की शादी 6 जुलाई को गाजियाबाद के लोनी निवासी एक युवक के साथ करा दी गई। परिवार को लगा कि शादी के बाद दूरियां बढ़ेंगी और सबकुछ सामान्य हो जाएगा।
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हालांकि, नवविवाहिता इस शादी से बिल्कुल भी खुश नहीं थी। शादी के महज कुछ दिन बाद ही शनिवार को उसने अपनी पुरानी सहेली को फोन किया और अपनी ससुराल में न रहने की स्पष्ट बात कही।
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सहेली ने 112 पर कॉल कर ली पुलिस की मदद

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नवविवाहिता ने फोन पर अपनी सहेली से साफ कहा कि वह अपने पति के साथ अपना जीवन नहीं बिताना चाहती है। यह सुनते ही उसकी सहेली बिना कोई समय गंवाए गाजियाबाद के लोनी पहुंच गई।
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लोनी पहुंचकर दूसरी युवती ने यूपी पुलिस की 112 हेल्पलाइन पर कॉल कर पूरी स्थिति की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और नवविवाहिता को उसकी ससुराल से सुरक्षित निकालकर उसकी सहेली के साथ ले आई।
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एक-दूसरे के साथ रहने की जिद पर अड़ीं युवतियां

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लोनी से वापस आने के बाद पुलिस और परिजनों ने दोनों युवतियों को काफी समझाने का प्रयास किया। लेकिन दोनों युवतियां एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की अपनी जिद पर अड़ी रहीं।
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उन्होंने पुलिस और परिजनों के सामने साफ कहा कि वे पहले ही कोर्ट में मेरठ समलैंगिक विवाह कर चुकी हैं। युवतियों की यह जिद देखकर परिजनों ने भी हार मान ली और उनसे हर तरह का संबंध समाप्त करने की बात कहकर वहां से वापस लौट गए।
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स्थानीय पुलिस का आधिकारिक बयान

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यह पूरा मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस मेरठ समलैंगिक विवाह को लेकर तरह-तरह की बातें और कयास लगा रहे हैं।
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हालांकि, जब इस पूरे प्रकरण को लेकर जानी थाना के प्रभारी निरीक्षक गौरव विश्नोई से बात की गई, तो उन्होंने चौंकाने वाला जवाब दिया। थाना प्रभारी ने इस पूरे मामले की किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी होने से साफ इनकार किया है।
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यह घटना समाज के बदलते स्वरूप और व्यक्तिगत अधिकारों की एक नई तस्वीर पेश करती है। कोर्ट मैरिज के बाद साथ रहने की जिद और यूपी डायल 112 की मदद से सहेली का ससुराल से निकलना बताता है कि युवतियां अपने फैसले पर अडिग हैं। परिजनों द्वारा संबंध तोड़ने के बाद अब यह देखना अहम होगा कि दोनों सहेलियां अपने भविष्य को किस दिशा में लेकर जाती हैं।
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