मेरठ। सोशल मीडिया पर 'रील' (Reels) बनाने और रातों-रात मशहूर होने की दीवानगी आज की युवा पीढ़ी के लिए किस कदर जानलेवा साबित हो रही है, इसका एक बेहद खौफनाक और दुखद उदाहरण उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से सामने आया है। चंद सेकंड के रोमांच और इंटरनेट पर कुछ 'लाइक्स' बटोरने के चक्कर में एक 19 साल के होनहार युवक ने अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी और हमेशा के लिए मौत की नींद सो गया।READ ALSO:-बिजनौर में रफ़्तार का खौफनाक कहर: अस्पताल से टांके कटवाकर लौट रही बहन को इंडियन ऑयल के टैंकर ने कुचला, दर्दनाक मौत; चीखों से गूंजा शेरकोट
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ के दून हाईवे (Doon Highway) पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार स्पोर्ट्स बाइक पर सवार होकर स्टंट और रील बनाने की कोशिश कर रहे दो युवक सामने चल रहे एक भारी-भरकम कैंटर में जा घुसे। टक्कर इतनी भयंकर थी कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में 19 वर्षीय उभरते हुए यू-ट्यूबर (YouTuber) विशु तिवारी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। आइए, इस हृदयविदारक घटना के पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से नजर डालते हैं।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

'डिजिटल दुनिया' का क्रेज और ऋषिकेश से वापसी का सफर

\r\n\r\n
हादसे का शिकार हुआ 19 वर्षीय विशु तिवारी मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गगौर रोड का निवासी था। विशु के पिता राकेश तिवारी ने रुंधे गले से बताया कि उनका बेटा सोशल मीडिया, विशेषकर यू-ट्यूब (YouTube) और इंस्टाग्राम पर काफी सक्रिय रहता था। वह अक्सर अपनी स्पोर्ट्स बाइक के साथ नए-नए वीडियो और व्लॉग्स (Vlogs) बनाता था, जिन्हें वह अपने चैनल पर अपलोड करता था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
शुक्रवार की सुबह विशु अपने एक करीबी दोस्त विवेक के साथ अपनी स्पोर्ट्स बाइक से उत्तराखंड के ऋषिकेश (Rishikesh) से वापस अपने घर मेरठ लौट रहा था। ऋषिकेश की वादियों में घूमने और वीडियो बनाने के बाद दोनों दोस्त बेहद खुश थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होने वाला है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मौत का वो 'लाइव' पल: कैसे हुआ दून हाईवे पर हादसा?

\r\n\r\n
यह दिल दहला देने वाली घटना मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दादरी गांव के पास दून हाईवे पर घटी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
प्रत्यक्षदर्शियों (चश्मदीदों) के मुताबिक, हाईवे पर ट्रैफिक सामान्य गति से चल रहा था। विशु और उसका दोस्त विवेक स्पोर्ट्स बाइक पर सवार थे और बाइक की रफ्तार काफी तेज थी। बताया जा रहा है कि दोनों चलती बाइक पर ही अपने मोबाइल फोन से वीडियो (Reel) रिकॉर्ड करने की कोशिश कर रहे थे। एक हाथ से बाइक का हैंडल संभालना और दूसरे हाथ से कैमरे का एंगल सेट करना या कैमरे की तरफ देखकर पोज देना—यही वह जानलेवा लापरवाही थी जिसने मौत को दावत दी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
रील बनाने के इस खतरनाक प्रयास के दौरान अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ गया। जब तक विशु बाइक को कंट्रोल कर पाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उनकी तेज रफ्तार अनियंत्रित स्पोर्ट्स बाइक सीधे उनके आगे चल रहे एक बड़े कैंटर (मालवाहक वाहन) के पिछले हिस्से में बेहद जोरदार तरीके से जा घुसी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

खून से लाल हुई सड़क, तड़पते रहे दोनों युवक

\r\n\r\n
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक हवा में उछलकर दूर हाईवे की पक्की सड़क पर जा गिरे। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आने के कारण दोनों खून से लथपथ होकर सड़क पर तड़पने लगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
हादसे की भयावहता देख हाईवे पर गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने तुरंत अपनी गाड़ियां रोकीं। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। मानवता का परिचय देते हुए राहगीरों ने बिना समय गंवाए स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी और अपनी मदद से दोनों लहुलुहान युवकों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अस्पताल में टूटा परिवार का पहाड़: विशु की मौत, विवेक गंभीर

\r\n\r\n
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचते ही डॉक्टरों ने दोनों युवकों का तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन विशु तिवारी के शरीर से अत्यधिक खून बह चुका था और उसके सिर में गहरी अंदरूनी चोटें आई थीं। डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद विशु को बचाया नहीं जा सका और उसे मृत घोषित कर दिया गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
वहीं, विशु के साथी विवेक की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है। वह आईसीयू (ICU) में भर्ती है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी जान बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। जैसे ही विशु के परिवार वालों को इस मनहूस घटना की सूचना मिली, उनके घर में कोहराम मच गया। जवान बेटे की मौत की खबर सुनकर माता-पिता बदहवास हो गए हैं और पूरे गगौर रोड इलाके में मातम पसरा हुआ है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस की कार्रवाई: मौके से फरार हुआ कैंटर चालक

\r\n\r\n
हादसे की सूचना मिलने पर दौराला थाने की पुलिस तुरंत घटनास्थल और फिर अस्पताल पहुंची। पुलिस ने विशु तिवारी के शव को अपने कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम (Post-mortem) के लिए भेज दिया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
फरार चालक की तलाश: हादसे के तुरंत बाद, कैंटर का चालक अपने भारी वाहन को लेकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने अज्ञात कैंटर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम दून हाईवे और दादरी गांव के आसपास लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि उस फरार कैंटर के रजिस्ट्रेशन नंबर को ट्रेस किया जा सके और आरोपी चालक को गिरफ्तार किया जा सके।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

एक कड़ा सबक: 'वर्चुअल दुनिया' के लिए 'रियल लाइफ' से खिलवाड़

\r\n\r\n
मेरठ का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि आज के समाज और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है। 'रिल्स' बनाने के शौक ने एक महामारी का रूप ले लिया है। लोग भूल गए हैं कि सड़क कोई फिल्म का सेट या स्टूडियो नहीं है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
हाईवे पर 80 या 100 की रफ्तार पर एक सेकंड के लिए भी नजर हटने का मतलब सीधा मौत के मुंह में जाना होता है। यह घटना हर उस माता-पिता के लिए एक अलार्म है जो अपने बच्चों को तेज रफ्तार गाड़ियां और महंगे स्मार्टफोन तो दे देते हैं, लेकिन उन्हें सड़क सुरक्षा और डिजिटल दुनिया के खतरों के प्रति जागरूक नहीं करते।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
विशु तिवारी की मौत एक बेहद दुखद अंत है उस 'लाइक्स' की भूख का, जिसने उसकी असल जिंदगी छीन ली। पुलिस अपनी जांच कर रही है, लेकिन कोई भी कानूनी कार्रवाई एक पिता को उसका जवान बेटा वापस नहीं लौटा सकती। जरूरत है कि हम सभी इस घटना से सबक लें और यह सुनिश्चित करें कि सड़क पर वाहन चलाते समय हमारा पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ ड्राइविंग पर हो, मोबाइल के कैमरे पर नहीं। जान है तो जहान है, 'रिल्स' तो बाद में भी बन सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन