मेरठ/सरधना (4 अक्टूबर 2025): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में जुमे की नमाज के बाद एक धार्मिक रैली निकालने का भड़काऊ मैसेज वायरल करने के आरोप में पुलिस ने एक मदरसे के मौलाना समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस पूरी साजिश में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए एक नाबालिग बच्चे को मोहरा बनाया और उसी के मोबाइल फोन से व्हाट्सएप ग्रुप पर यह संदेश प्रसारित किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में माहौल बिगड़ने से बच गया।READ ALSO:-मेरठ में हैवानियत: किराएदार ने 10 साल की मासूम को बाथरूम में किया कैद, चीखें सुनकर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा
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नाबालिग को मोहरा बनाकर रची गई साजिश
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यह पूरा मामला सरधना थाना क्षेत्र के खिवाई कस्बे का है। पुलिस के अनुसार, कस्बे में 'नगर पंचायत खिवाई' के नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बना हुआ है, जिसके एडमिन मदरसे के मौलाना लुकमान और मास्टर आबिर हैं। आरोप है कि इसी ग्रुप के सदस्य नफीस और फैज पिछले तीन दिनों से जुमे की नमाज के बाद 'आई लव मोहम्मद' नाम से एक रैली निकालने की योजना बना रहे थे।
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सरूरपुर थानाध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपियों को पता था कि अगर वे अपने नंबर से यह मैसेज वायरल करेंगे तो उन पर कार्रवाई हो सकती है। इसलिए, उन्होंने एक नाबालिग बच्चे को बहलाया और शुक्रवार को उसका मोबाइल लेकर उसी के नंबर से रैली में शामिल होने का वीडियो और संदेश ग्रुप पर वायरल कर दिया।
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पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी साजिश
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पुलिस के अनुसार, इस साजिश के मास्टरमाइंड नफीस और फैज थे। मैसेज वायरल होने के लगभग 15 मिनट के अंदर ही पुलिस को इसकी भनक लग गई। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस और खुफिया विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर खुद खिवाई पुलिस चौकी पहुंचे और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए माहौल खराब होने से पहले ही स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
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'पाकिस्तान कनेक्शन' की भी जांच, व्हाट्सएप ग्रुप खंगाला जा रहा
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पुलिस ने इस मामले में अपनी ओर से मुकदमा दर्ज कर चारों मुख्य आरोपियों—मौलाना लुकमान, मास्टर आबिर, नफीस और फैज—को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब उस व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े सभी मोबाइल नंबरों की गहन जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं किसी सदस्य का पाकिस्तान से कोई कनेक्शन तो नहीं है। खुफिया एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं बरेली जैसी हिंसा भड़काने की कोई गहरी साजिश तो नहीं थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी तरह का पाकिस्तानी कनेक्शन सामने नहीं आया है।
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