खबरीलाल (Khabreelal) विशेष ग्राउंड रिपोर्ट:मेरठ (परीक्षितगढ़): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक खबर सामने आई है। शुक्रवार दोपहर आस्था और उल्लास से सराबोर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पल भर में एक भयानक त्रासदी में बदल गई। मेरठ के परीक्षितगढ़ कस्बे में हर साल की तरह निकाली जा रही इस पवित्र रथयात्रा में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब बारिश के बीच विशालकाय रथ ऊपर से गुजर रही एक हाईटेंशन (High Tension) बिजली की लाइन से जा टकराया।READ ALSO:-बिजनौर में गूंजी किलकारियां, उत्सव में बदला अस्पताल: DM जसजीत कौर ने मनाया 16 नवजात कन्याओं का जन्मोत्सव, माताओं को दिए खास उपहार
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इस खौफनाक हादसे में रथ में भयंकर करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में आकर 30 वर्षीय एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 11 अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से झुलस गए हैं। आस्था के नारों के बीच अचानक मची इस भगदड़ और मातम ने पूरे मेरठ जिले को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। आइए, खबरीलाल की इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि यह हादसा कैसे हुआ, चश्मदीदों ने क्या देखा और इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है।
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भक्तिभाव, बारिश और फिर अचानक मौत का तांडव
\r\n\r\nपरीक्षितगढ़ कस्बे में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का एक विशेष ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हर साल की तरह इस बार भी पूरे कस्बे ने भव्य तैयारियों के साथ शुक्रवार दोपहर को यह यात्रा शुरू की थी।
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- \r\n 2000 श्रद्धालुओं का जनसैलाब: रथयात्रा में लगभग 2 हजार से अधिक श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे शामिल थे। पूरा माहौल ढोल-नगाड़ों, भगवान के भजनों और 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से गूंज रहा था।\r\n \r\n
- \r\n बारिश ने बढ़ाया खतरा: दोपहर के समय अचानक बारिश शुरू हो गई। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ, लेकिन पानी की वजह से रथ और सड़क दोनों गीले हो चुके थे। विज्ञान के अनुसार, नमी और पानी बिजली के सबसे बड़े सुचालक (Conductor) होते हैं, और यही इस हादसे का सबसे बड़ा कारण बना।\r\n \r\n
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रथ की ऊंचाई काफी अधिक थी। जब यह विशालकाय रथ कस्बे के एक संकरे मार्ग से गुजर रहा था, तभी उसका ऊपरी हिस्सा वहां से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली की लाइन से छू गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी: 'करंट लगते ही रथ से नीचे गिरने लगे लोग'
\r\n\r\nहादसे के वक्त मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने खबरीलाल को उस खौफनाक मंजर का आंखों देखा हाल बताया, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए।
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\r\n\r\n\r\n"सब कुछ बहुत अच्छे से चल रहा था। हम लोग भजन गाते हुए रथ खींच रहे थे। रथ के ऊपर भी कई सेवादार और श्रद्धालु मौजूद थे। अचानक से एक बहुत तेज़ धमाके जैसी आवाज़ हुई और नीली चिंगारियां उठने लगीं। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, रथ के लोहे और लकड़ी के हिस्सों में भयानक करंट दौड़ गया। जो लोग रथ के ऊपर थे, वो झटके खाकर सीधे नीचे सड़क पर आ गिरे।" - एक स्थानीय चश्मदीद\r\n
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मच गई भगदड़: करंट उतरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। भगदड़ जैसे हालात बन गए। जिस जगह कुछ सेकंड पहले भजन बज रहे थे, वहां अब सिर्फ लोगों की दर्दनाक चीखें और अपनों को ढूंढने की आवाजें आ रही थीं। श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
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स्थानीय लोगों ने दिखाई हिम्मत, घायलों को पहुंचाया अस्पताल
\r\n\r\nइस भारी अफरा-तफरी के बीच स्थानीय लोगों और युवाओं ने गजब की हिम्मत दिखाई। उन्होंने तुरंत बिजली विभाग को फोन कर इलाके की लाइन कटवाई (हालांकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी)। इसके बाद डंडों और सूखी रस्सियों के सहारे लोगों को रथ से दूर किया गया।
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स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ई-रिक्शा, निजी कारों और जो भी वाहन मिला, उसमें लादकर अचेत और झुलसे हुए श्रद्धालुओं को तुरंत परीक्षितगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और आसपास के प्राइवेट अस्पतालों की ओर ले जाया गया।
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एक घर का चिराग बुझा, 11 लोग जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं
\r\n\r\nइस भीषण हादसे ने परीक्षितगढ़ के एक परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है।
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- \r\n सचिन की दर्दनाक मौत: रथयात्रा में सेवा दे रहे परीक्षितगढ़ के ही रहने वाले 30 वर्षीय युवक सचिन गंभीर रूप से झुलस गए थे। उन्हें बेसुध हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सचिन की मौत की खबर मिलते ही उनके घर में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।\r\n \r\n
- \r\n 11 घायल अस्पताल में भर्ती: सचिन के अलावा 11 अन्य श्रद्धालु हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर बुरी तरह झुलसे हैं। इनमें से कई की हालत बेहद नाजुक (Critical) बताई जा रही है। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बेहतर इलाज के लिए मेरठ शहर के बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया गया है।\r\n \r\n
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SP देहात और भारी पुलिस बल मौके पर, जांच के आदेश
\r\n\r\nहादसे की सूचना जंगल में आग की तरह फैली और तुरंत प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। मेरठ के एसपी देहात (SP Rural) अभिजीत कुमार घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कई थानों की पुलिस को घटनास्थल और अस्पताल के बाहर तैनात कर दिया गया है ताकि कानून व्यवस्था (Law and Order) न बिगड़े।
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एसपी देहात ने क्या कहा? एसपी देहात अभिजीत कुमार ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई। उन्होंने कहा:
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\r\n\r\n\r\n"यह एक बेहद दुखद हादसा है। हमारी पहली प्राथमिकता सभी घायलों को जल्द से जल्द और समुचित उपचार (Proper Treatment) उपलब्ध कराना है। प्रशासन घायलों के परिवारों के संपर्क में है। हमने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि रथ का रूट क्या था और वह हाईटेंशन लाइन के संपर्क में कैसे आया।"\r\n
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खबरीलाल के तीखे सवाल: आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन?
\r\n\r\nभले ही प्रशासन इसे एक हादसा बता रहा हो, लेकिन इस तरह की घटनाएं सीधे तौर पर सिस्टम की लापरवाही (Systematic Negligence) को उजागर करती हैं। खबरीलाल प्रशासन और संबंधित विभागों से कुछ अहम सवाल पूछता है:
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- \r\n बिजली विभाग की लापरवाही: जब प्रशासन को पता था कि उस मार्ग से 2000 लोगों की भीड़ और ऊंचा रथ गुजरने वाला है, तो रथ यात्रा के दौरान उस फीडर की बिजली सप्लाई (Power Cut) पहले से क्यों नहीं काटी गई?\r\n \r\n
- \r\n रूट का मुआयना क्यों नहीं हुआ? क्या रथयात्रा के आयोजकों और स्थानीय पुलिस ने यात्रा शुरू होने से पहले रास्ते में पड़ने वाले बिजली के तारों और रथ की ऊंचाई का कोई अनुमान नहीं लगाया था?\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षा मानकों की अनदेखी: क्या ऐसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) का केवल कागजों पर ही पालन होता है?\r\n \r\n
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अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अगर किसी भी विभाग (विद्युत विभाग या आयोजन समिति) की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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फिलहाल, पूरा परीक्षितगढ़ मातम में डूबा हुआ है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और घायलों को शीघ्र स्वस्थ होने की शक्ति प्रदान करे। मेरठ जिले की इस घटना से जुड़े हर ताज़ा अपडेट और प्रशासनिक कार्रवाई की सटीक जानकारी के लिए जुड़े रहें आपके अपने न्यूज़ पोर्टल खबरीलाल (Khabreelal) के साथ।
Sabse pehle comment karne wale banein.