मेरठ: अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी पर्व को शांति और सौहार्द के साथ संपन्न कराने के लिए मेरठ रेंज पुलिस ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार किया है। इस बार सुरक्षा का दायित्व लगभग 5000 पुलिसकर्मियों के कंधों पर होगा, जो आसमान से निगरानी कर रहे ड्रोनों और जमीन पर खुफिया टीमों के साथ मिलकर चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। रेंज में निकलने वाली 347 शोभायात्राओं और 110 स्थानों पर होने वाले रावण दहन के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्रव्यूह रचा गया है, जिसे आज (मंगलवार) अंतिम रूप दे दिया जाएगा।READ ALSO;-वो जिसका कोई नाम नहीं था... मेरठ में रामलीला की रोशनी तले एक गुमनाम बचपन का दर्दनाक अंत, कौन है इस मौत का जिम्मेदार?
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किले में तब्दील होगी रेंज, 24 जोन और 81 सेक्टरों में बंटा सुरक्षा का खाका
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सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए पूरी मेरठ रेंज को एक किले में तब्दील करने की योजना है। डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी के निर्देशन में, पूरे क्षेत्र को 24 जोन और 81 सेक्टरों में बांटा गया है। खुफिया रिपोर्टों के आधार पर 109 अत्यधिक संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है, जहां अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष निगरानी की व्यवस्था होगी। डीआईजी ने बताया कि इस बार एक ही दिन में कई बड़े आयोजन हैं, इसलिए पुलिस का मुख्य फोकस भीड़ प्रबंधन और यातायात को सुचारु रखना है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
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त्रिस्तरीय सुरक्षा का 'चक्रव्यूह': हर चुनौती के लिए खास प्लान
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पुलिस ने हर चुनौती से निपटने के लिए एक त्रिस्तरीय सुरक्षा योजना को अंतिम रूप दिया है:
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    पहला स्तर (बाहरी सुरक्षा): इस स्तर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक डायवर्जन और शोभायात्राओं के रूट को सुचारू रखने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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    दूसरा स्तर (आंतरिक सुरक्षा): इसके तहत रावण दहन के मुख्य कार्यक्रम स्थलों, प्रमुख मंदिरों और रामलीला मैदानों पर पुलिस का पहरा रहेगा। यहां किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए अग्नि सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखा गया है, जिसके लिए फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात रहेंगी।
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    तीसरा स्तर (खुफिया निगरानी): यह सुरक्षा का सबसे अहम स्तर है। सादी वर्दी में पुलिसकर्मी, एलआईयू और अन्य खुफिया एजेंसियां भीड़ में मौजूद रहकर संदिग्ध गतिविधियों और अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखेंगी।
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शहर में 'नो-एंट्री', पार्किंग के लिए अलग पॉइंट
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विजयादशमी के दिन यातायात व्यवस्था एक बड़ी चुनौती होती है। इससे निपटने के लिए सुबह से ही शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जैसे-जैसे कार्यक्रम स्थलों के आसपास भीड़ बढ़ेगी, दोपहर के बाद छोटे वाहनों का प्रवेश भी रोक दिया जाएगा। मेला स्थलों की ओर किसी भी चार पहिया वाहन को जाने की इजाजत नहीं होगी। वाहनों की पार्किंग के लिए मेला स्थलों से कुछ दूरी पर अलग-अलग स्थान चिह्नित किए गए हैं।
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आज फाइनल होगा 'एक्शन प्लान'
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इस महा-बंदोबस्त के लिए रेंज में सात एडिशनल एसपी, 25 सीओ, 92 निरीक्षक, 705 उपनिरीक्षक, 1370 हेड कांस्टेबल और 1645 कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। इनके सहयोग के लिए 855 होमगार्ड और पीएसी की 2 कंपनियां भी मुस्तैद रहेंगी। आज मंगलवार को इस पूरे सुरक्षा प्लान पर अंतिम मुहर लग जाएगी और सभी अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी जाएंगी। पुलिस का लक्ष्य स्पष्ट है - विजयादशमी का पर्व बिना किसी बाधा के, पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो।
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