उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के राजनगर इलाके में 30 जून की शाम को एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम को अपराधियों के खूंखार विरोध का सामना करना पड़ा। रोहटा थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित आरोपी वैभव सांगवान को पकड़ने के लिए गई पुलिस टीम पर न केवल लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया गया, बल्कि उन पर फायरिंग भी की गई। इस मेरठ पुलिस पर हमला की घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है।
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छापेमारी के दौरान अपराधियों की गुंडागर्दी

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घटनाक्रम 30 जून की शाम करीब 6 बजे का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि रोहटा थाने का वांछित अपराधी वैभव सांगवान राजनगर स्थित अपने घर पर मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम उसे गिरफ्तार करने पहुंची। जैसे ही पुलिस ने आरोपी वैभव को हिरासत में लेने की कोशिश की, उसने और उसके परिजनों ने पुलिस पर हमला कर दिया।
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आरोपियों ने हमला करने के लिए लाठी-डंडों और लोहे की रॉड का इस्तेमाल किया। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि हमलावरों ने पुलिस पर एक पालतू कुत्ता भी छोड़ दिया, ताकि वे अपना बचाव न कर सकें। इस दौरान एक हमलावर ने पुलिसकर्मी की सरकारी पिस्टल छीनने की भी कोशिश की, जो पुलिस बल की मुस्तैदी के कारण नाकाम रही।
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फायरिंग और पुलिसकर्मियों की जान पर बन आई

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मेरठ पुलिस पर हमला करने के दौरान अपराधियों ने संयम की सारी सीमाएं लांघ दीं। पुलिस के अनुसार, हमलावरों के पास अवैध हथियार मौजूद थे। आरोपियों ने पुलिस टीम की जान लेने की नीयत से सीधे फायरिंग की। एक पुलिसकर्मी बाल-बाल गोली लगने से बच गया। वहीं, एक अन्य सिपाही का गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया गया।
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इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। एक सिपाही के सिर पर लोहे की रॉड से गहरा प्रहार किया गया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। दूसरे जवान को कुत्तों के हमले में चोटें आईं। घटनास्थल पर स्थिति इतनी भयावह हो गई थी कि पुलिस को अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा और अंततः वे किसी तरह थाने वापस पहुंचने में सफल रहे।
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इलाके में फैली दहशत और कानूनी कार्रवाई

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घटना के समय राजनगर मोहल्ले में भगदड़ मच गई। जानलेवा हमले और फायरिंग की आवाज सुनकर स्थानीय लोग डर गए और घरों के दरवाजे अंदर से बंद कर लिए। अपराधी पूरी तरह से बेखौफ होकर पुलिस को चुनौती देते रहे।
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पुलिस ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें सरकारी कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने, फायरिंग करने और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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पुलिस की दबिश और जांच का दायरा

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घटना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में है। अधिकारियों ने कहा है कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं। राजनगर और उसके आसपास के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
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इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा के प्रति एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस महकमा इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि सभी हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। मामले की गहन जांच जारी है और घटना के पीछे के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
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मेरठ पुलिस पर हमला की यह घटना अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाती है। एक वांछित अपराधी को पकड़ने के लिए गई पुलिस टीम पर इस तरह का जानलेवा हमला न केवल पुलिस बल्कि कानून के शासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। पुलिस अब इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरत रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी कर रही है। अब देखना यह है कि पुलिस कब तक इन आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजती है और इलाके में फिर से सुरक्षा का माहौल कायम करती है।
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