मेरठ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत मेरठ में बुधवार को आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान कई महिला अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने और चोटिल होने की सूचना सामने आई है। आपकी दी गई जानकारी के अनुसार, पांच महिला अभ्यर्थी फिजिकल टेस्ट के दौरान बेहोश हो गईं, जबकि तीन अभ्यर्थियों के पैर में फ्रैक्चर की जानकारी सामने आई है। सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
यह फिजिकल टेस्ट पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के डोली स्थित छठी वाहिनी पीएसी परिसर में आयोजित किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं।
दौड़ के दौरान बिगड़ी तबीयत
बताया गया है कि फिजिकल टेस्ट के दौरान महिला अभ्यर्थी निर्धारित शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा ले रही थीं। इसी दौरान कुछ अभ्यर्थियों को अचानक कमजोरी महसूस हुई और वे मैदान में गिरकर बेहोश हो गईं। वहीं, दौड़ और अन्य शारीरिक गतिविधियों के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के पैर में गंभीर चोट लगने की बात सामने आई।
घटना के बाद भर्ती केंद्र पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल स्थिति संभाली। बेहोश और घायल अभ्यर्थियों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई और उन्हें SDS अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी जांच और उपचार शुरू किया।
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शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ की अभ्यर्थी शामिल
आपकी दी गई जानकारी के मुताबिक फिजिकल टेस्ट में शामली की शालू और विशु, मुजफ्फरनगर की काजल, प्रीति और अनमोल तथा मेरठ की शिवानी समेत अन्य महिला अभ्यर्थी शामिल थीं। हालांकि, इनमें से किन अभ्यर्थियों को बेहोशी या फ्रैक्चर की वजह से अस्पताल भेजा गया, इसकी अलग-अलग पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
इससे पहले भी मेरठ में पुलिस आरक्षी भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, भर्ती के शुरुआती दिनों में कई अभ्यर्थियों को अस्पताल ले जाया गया था।
भर्ती केंद्र पर पहले से मेडिकल इंतजाम
मेरठ में पुलिस भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था किए जाने की जानकारी पहले सामने आई थी। भर्ती स्थल पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध रखने की तैयारी की गई थी ताकि दौड़ के दौरान किसी अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल उपचार दिया जा सके।
फिलहाल अस्पताल में भर्ती अभ्यर्थियों की मेडिकल स्थिति और चोटों की वास्तविक गंभीरता चिकित्सकीय जांच के बाद स्पष्ट होगी। पांच महिला अभ्यर्थियों के बेहोश होने और तीन के पैर में फ्रैक्चर होने का आंकड़ा भी संबंधित अधिकारियों या अस्पताल की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही अंतिम रूप से स्पष्ट माना जाना चाहिए।
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