उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) वासियों के लिए विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी दो बेहद बड़ी और राहत भरी खबरें सामने आई हैं। लंबे समय से भीषण ट्रैफिक जाम का दंश झेल रहे शहरी क्षेत्र के लोगों को अब जल्द ही राहत मिलने वाली है, क्योंकि बहुप्रतीक्षित मेरठ बागपत रोड का चौड़ीकरण और सुदृढीकरण कार्य धरातल पर शुरू हो गया है। वहीं दूसरी ओर, शहर के लिसाड़ी क्षेत्र के निवासियों के लिए भी एक ऐतिहासिक दिन आ गया है, जहां पिछले 32 वर्षों से शुद्ध पीने के पानी को तरस रही एक बड़ी आबादी को अब मीठा और स्वच्छ जल नसीब होगा।READ ALSO:-मेरठ गंगा हादसे में रुला देने वाला अपडेट: उफनती नदी से मिले अभिषेक, दीपांशु और प्रियांशु के शव; 3 चिराग बुझने से जलालपुर में कोहराम, चौथे की तलाश जारी
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मेरठ के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने की दिशा में इन दोनों परियोजनाओं को मील का पत्थर माना जा रहा है।
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मेरठ बागपत रोड का चौड़ीकरण: जाम से मिलेगी स्थायी मुक्ति
\r\n\r\nमेरठ शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक, बागपत रोड पर अक्सर भयंकर जाम की स्थिति बनी रहती है। राहगीरों और वाहन चालकों की इस भारी परेशानी को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अब इस सड़क की सूरत बदलने की पूरी तैयारी कर ली है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, फुटबाल चौक से लेकर दिल्ली-देहरादून बाइपास तक मेरठ बागपत रोड का पूरी तरह से चौड़ीकरण और सुदृढीकरण (Renovation) किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई लगभग 4.50 किलोमीटर है। इस कार्य के लिए शासन स्तर से लगभग 13 करोड़ रुपये की धनराशि को आधिकारिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
\r\n\r\n14 मीटर से बढ़कर 17 मीटर होगी सड़क की चौड़ाई
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वर्तमान स्थिति की बात करें तो मेरठ बागपत रोड की चौड़ाई 14 मीटर (7-7 मीटर दोनों तरफ) है, जो मौजूदा यातायात के दबाव को झेलने के लिए बिल्कुल नाकाफी है। नए प्रस्ताव और डिजाइन के तहत सड़क की चौड़ाई दोनों तरफ कम से कम एक से डेढ़ मीटर तक बढ़ाई जाएगी। इसके बाद यह कुल मिलाकर 17 मीटर चौड़ी हो जाएगी, जिससे वाहनों का आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा।
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सड़क का नवीनीकरण और नए डिवाइडर का निर्माण
\r\n\r\nसड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ इस पूरे मार्ग का उच्च स्तरीय नवीनीकरण भी किया जा रहा है। इस संबंध में विभाग की तरफ से निम्नलिखित कार्य शुरू किए गए हैं:
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- \r\n बिटुमिन की डबल लेयर: मजबूत और लंबे समय तक टिकने वाली सड़क सुनिश्चित करने के लिए सड़क पर बिटुमिन (तारकोल) की डबल लेयर बिछाई जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n नए डिवाइडर का निर्माण: सड़क के बीच में मौजूद पुराने, टूटे-फूटे और जर्जर हो चुके डिवाइडर को जेसीबी मशीन की मदद से तोड़कर हटा दिया गया है। मलबा उठाने का काम भी तेजी से चल रहा है। इसकी जगह अब एक नया और सुरक्षित डिवाइडर बनाया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n यूटिलिटी शिफ्टिंग: सड़क चौड़ी करने के रास्ते में जो भी बिजली के पोल या अन्य बाधाएं आ रही हैं, उन्हें स्थानांतरित (Shift) करने का कार्य भी शुरू हो गया है।\r\n \r\n
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लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड द्वारा इस प्रोजेक्ट का जिम्मा जुनेजा कंस्ट्रक्शन (Juneja Construction) कंपनी को सौंपा गया है। विभाग के इंजीनियरों ने सड़क की सेंटर लाइन से दोनों तरफ फीते से नाप-जोख कर लाल निशान लगाने शुरू कर दिए हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट के पूर्ण होने से राहगीरों का सफर आसान होगा और शहर को एक बड़ी ट्रैफिक समस्या से निजात मिलेगी।
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32 साल का लंबा इंतजार खत्म: लिसाड़ी क्षेत्र को मिलेगा शुद्ध पेयजल
\r\n\r\nएक ओर जहां मेरठ बागपत रोड के निर्माण से यातायात सुधरेगा, वहीं दूसरी ओर बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में भी मेरठ के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। मेरठ के लिसाड़ी, नूरनगर और जैनपुर (वार्ड आठ के मुख्य मुहल्ले) के निवासियों का तीन दशकों का बेहद लंबा इंतजार अब आखिरकार समाप्त होने वाला है।
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पिछले 32 वर्षों से इस क्षेत्र की करीब 25,000 की घनी आबादी पेयजल की भारी किल्लत और हैंडपंपों के खारे पानी (Salty Water) की गंभीर समस्या से लगातार जूझ रही थी। खारा पानी पीने की वजह से स्थानीय लोगों को पेट और त्वचा से जुड़ी कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता था।
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8 करोड़ रुपये की पेयजल योजना को मिली हरी झंडी
\r\n\r\nलगातार मिल रही शिकायतों और क्षेत्रवासियों की मांग को संज्ञान में लेते हुए, मेरठ नगर निगम और जलनिगम ने संयुक्त रूप से एक बड़ी पेयजल योजना तैयार की है। इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट को अब धरातल पर उतारने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
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- \r\n बजट और टेंडर प्रक्रिया: लिसाड़ी क्षेत्र के हर घर तक शुद्ध और मीठा पानी पहुंचाने के लिए लगभग 8 करोड़ रुपये की विस्तृत पेयजल योजना को मंजूरी दी गई है। जलनिगम के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया (Tender Process) पूरी कर ली गई है और जल्द ही पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n मिलेगी बीमारियों से राहत: घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से महिलाओं को पानी भरने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और खारे पानी से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर भी लगाम लगेगी।\r\n \r\n
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कुल मिलाकर, मेरठ के लिए यह समय विकास की एक नई इबारत लिखने का है। 13 करोड़ की लागत से शुरू हो रहा मेरठ बागपत रोड का चौड़ीकरण शहर की जीवनरेखा को गति प्रदान करेगा। इससे न केवल स्थानीय व्यापारियों को फायदा होगा, बल्कि दिल्ली-दून बाइपास तक का सफर भी बेहद सुगम हो जाएगा। इसके समानांतर, लिसाड़ी क्षेत्र में 8 करोड़ की पेयजल योजना का शुरू होना प्रशासन की एक सराहनीय पहल है, जो 25 हजार लोगों के जीवन स्तर (Standard of Living) में सीधा सुधार लाएगी। विकास के ये दोनों अहम पहिए निश्चित रूप से मेरठ को एक स्मार्ट और सुविधायुक्त शहर बनाने में अपना अहम योगदान देंगे।
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संक्षेप में (Summary): मेरठ शहर में 13 करोड़ के बजट से 4.5 किलोमीटर लंबे मेरठ बागपत रोड का चौड़ीकरण कार्य (14 मीटर से 17 मीटर) शुरू हो गया है, जिसमें नई बिटुमिन लेयर और डिवाइडर का निर्माण शामिल है। दूसरी बड़ी राहत लिसाड़ी, नूरनगर और जैनपुर के निवासियों के लिए है, जहां 32 सालों से खारा पानी पी रही 25,000 की आबादी को अब 8 करोड़ की लागत वाली नई योजना के जरिए घर-घर शुद्ध पेयजल मिलेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.