मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र की जाकिर नगर कॉलोनी में एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। परिवार ने उसकी पत्नी पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, युवक की मौत को पहले हार्ट अटैक बताया गया था और उसका शव मुजफ्फरनगर में दफना दिया गया। बाद में मोबाइल मिलने और उसमें हुई बातचीत की जानकारी सामने आने के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई। शिकायत के आधार पर पत्नी इल्मा और अमन नाम के युवक के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज कराई गई है।

Meerut Murder Case में पुलिस अब दफनाए जा चुके शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की तैयारी में है। सीओ कोतवाली संग्राम सिंह के मुताबिक, मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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28 सितंबर को घर लौटने के बाद हुई मौत

मूलरूप से मुजफ्फरनगर के रसूलपुर-दभेड़ी निवासी जुल्फिकार के बेटे तालिब की उम्र करीब 30 वर्ष थी। उसकी शादी करीब चार साल पहले मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के अंजुम पैलेस निवासी मोमिन की बेटी इल्मा से हुई थी। दंपती की तीन साल की एक बेटी भी है।

तालिब राजमिस्त्री का काम करता था, जबकि उसकी पत्नी पास के सिग्नेचर स्टाइल ब्यूटी स्टूडियो में काम करती थी। परिवार के मुताबिक, 28 सितंबर को तालिब काम से घर लौटा था। शाम करीब सात बजे उसकी पत्नी ने परिवार के लोगों को फोन कर बताया कि हार्ट अटैक से तालिब की मौत हो गई है।

जानकारी मिलने के बाद फतेहुल्लापुर निवासी तालिब का चचेरा भाई अकरम घर पहुंचा। परिवार को बताया गया कि काम से लौटने के बाद तालिब की तबीयत खराब हुई और बिस्तर पर लेटने के बाद उसकी मौत हो गई।

अगले दिन मुजफ्फरनगर में दफनाया गया शव

तालिब की मौत के बाद परिजन उसी रात उसका शव मुजफ्फरनगर स्थित रसूलपुर-दभेड़ी गांव ले गए। परिवार के अनुसार, 29 सितंबर को उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इल्मा भी ससुराल वालों के साथ गांव गई थी और अगले दिन 30 सितंबर को मेरठ लौट आई।

परिजनों को तालिब की अचानक हार्ट अटैक से मौत की बात संदिग्ध लगी। इसी वजह से 1 अक्टूबर को तालिब के मामा का बेटा रईस मेरठ स्थित घर पहुंचा और उसने इल्मा से तालिब का मोबाइल मांगा।

कपड़ों के ढेर में मिला मोबाइल

परिवार के मुताबिक, इल्मा ने मोबाइल के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। इसके बाद रईस ने खुद घर में मोबाइल तलाशना शुरू किया। उसे तालिब का मोबाइल कपड़ों के एक ढेर में मिला।

परिवार के अनुसार, मोबाइल की चैट देखने पर तालिब और अमन नाम के युवक के बीच बातचीत मिली। बातचीत में तालिब ने अमन से अपनी पत्नी से बात नहीं करने को कहा था। इसके बाद परिवार को इल्मा और अमन के बीच संबंध होने का शक हुआ।

परिवार ने महिला से पूछताछ की, रिकॉर्ड किया कथित कबूलनामा

परिजनों का कहना है कि इसके बाद इल्मा से उसकी मां के सामने पूछताछ की गई। परिवार के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसने तालिब की हत्या में अमन और एक अन्य युवक की मदद की बात कही।

शिकायत के अनुसार, इल्मा ने आरोप लगाया कि 28 सितंबर को तालिब ने उसके साथ मारपीट की थी। इसके बाद उसने अमन को फोन करके बुलाया। परिवार के मुताबिक, इल्मा ने बताया कि अमन एक अन्य युवक के साथ घर आया और तालिब के साथ मारपीट हुई।

तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसके बाद तालिब को नीचे गिराकर उसके हाथ-पैर पकड़े गए और गला घोंटकर उसकी हत्या की गई। परिवार ने महिला के कथित कबूलनामे की वीडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को उपलब्ध कराई है।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। कथित कबूलनामे की कानूनी स्थिति और हत्या का वास्तविक कारण पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा।

पत्नी और अमन के खिलाफ हत्या की FIR

परिवार की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर इल्मा और अमन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। परिजनों ने पुलिस से तालिब के शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।

सीओ कोतवाली संग्राम सिंह के अनुसार, शव मुजफ्फरनगर में दफनाया गया है और उसे निकलवाने के लिए वहां के जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है। पुलिस के अनुसार शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

पुलिस ने यह भी बताया कि इल्मा फिलहाल पुलिस की निगरानी में है। आरोप सही पाए जाने पर उसके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम से साफ होगी मौत की वजह

इस मामले में सबसे अहम सवाल तालिब की मौत की वास्तविक वजह का है। परिवार ने शुरुआत में बताई गई हार्ट अटैक से मौत की जानकारी पर संदेह जताया है, जबकि हत्या के आरोपों की पुष्टि अभी पोस्टमार्टम और पुलिस जांच से होनी बाकी है।

इसलिए फिलहाल पत्नी या उसके कथित साथी को हत्या का दोषी कहना उचित नहीं होगा। पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे सामने आने वाले साक्ष्यों से ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

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