बिजनौर। जनपद में तेजी से बढ़ते डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन सेवाओं के उपयोग के बीच साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने एक अहम कदम उठाया है। (Bijnor Police Cyber Security) सोमवार (5 अक्टूबर) को 'संकल्प सेवा अभियान' के तहत पूरे बिजनौर जिले में साइबर सुरक्षा और बचाव को लेकर एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

​22 थानों के 25 स्थानों पर चला अभियान

पुलिस विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह जागरूकता अभियान जनपद के 22 थानों के अंतर्गत आने वाले कुल 25 प्रमुख स्थानों पर चलाया गया। इन कार्यक्रमों में पुलिस अधिकारियों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने सीधे तौर पर ढाई हजार (2500) से अधिक नागरिकों से संवाद किया। लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर ठगों के नए-नए पैंतरों से बचने की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

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​भूलकर भी न करें ये गलतियां

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने आमजन को साइबर ठगी के उन आम तरीकों से अवगत कराया, जिनका शिकार लोग सबसे ज्यादा होते हैं:

  • ​किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता नंबर, एटीएम/डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड डिटेल्स, पासवर्ड या ओटीपी (OTP) साझा न करें।
  • ​फर्जी फोन कॉल्स (Fake Calls) और लुभावने ऑफर्स वाले संदिग्ध लिंक्स पर कभी क्लिक न करें।
  • ​किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में कोई भी रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड न करें।
  • ​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सुरक्षित इस्तेमाल करें और हमेशा मजबूत पासवर्ड (Strong Password) का चयन करें।

ठगी होने पर तुरंत उठाएं ये कदम

जागरूकता कार्यक्रमों में पुलिस ने नागरिकों को यह भी समझाया कि पूरी सावधानी बरतने के बावजूद यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिल्कुल घबराना नहीं चाहिए। ऐसी स्थिति में पीड़ित को तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए और संबंधित पुलिस थाने को भी सूचित करना चाहिए। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकती है और आर्थिक नुकसान को कम किया जा सकता है।

​पुलिस विभाग ने अपील की है कि सुरक्षित डिजिटल वातावरण के निर्माण के लिए नागरिक स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों व पड़ोसियों को भी इन सुरक्षा उपायों के प्रति सचेत करें।

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