बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर तमाम दावों और सख्त कानूनों (POCSO Act) के बावजूद, उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसा आपराधिक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाली महज 16 वर्ष की एक मासूम बच्ची पिछले एक साल से एक दरिंदे की हवस का शिकार हो रही थी। डरी-सहमी बच्ची ने यह बात किसी को नहीं बताई, लेकिन जब कुदरत ने अपना चक्र पूरा किया और बच्ची गर्भवती हो गई, तब जाकर परिजनों और समाज को इस खौफनाक हकीकत का पता चला। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए एक चुनौती है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और बच्चों के प्रति अभिभावकों की निगरानी पर भी कई गहरे सवाल खड़े करती है।READ ALSO:-यूपी में 22 मई से बजेगा डिजिटल जनगणना का बिगुल: पहली बार मोबाइल ऐप से होगी मकानों की गिनती, जानिए 33 सवालों और सरकार के महा-प्लान की पूरी डिटेल
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पेट दर्द से शुरू हुआ खुलासा: जब पैरों तले खिसक गई जमीन

\r\n\r\n
इस पूरी खौफनाक वारदात का खुलासा महज एक सप्ताह पहले ही हुआ। परिजनों के अनुसार, पीड़िता की दिनचर्या सामान्य लग रही थी, लेकिन वह मानसिक और शारीरिक रूप से अंदर ही अंदर टूट रही थी।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    अचानक उठा तेज दर्द: करीब एक सप्ताह पहले 16 वर्षीय किशोरी के पेट में अचानक असहनीय दर्द शुरू हुआ। दर्द बढ़ता देख घबराए परिजन उसे तुरंत स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    डॉक्टर की जांच और चौंकाने वाला सच: डॉक्टर ने जब किशोरी के पेट दर्द के कारणों का पता लगाने के लिए उसका मेडिकल परीक्षण (अल्ट्रासाउंड आदि) किया, तो जो सच सामने आया, उसने परिजनों के पैरों तले जमीन खिसका दी। डॉक्टर ने बताया कि किशोरी के पेट में कोई सामान्य बीमारी नहीं है, बल्कि वह आठ महीने की गर्भवती (8 Months Pregnant) है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    किशोरी की आपबीती: इस खुलासे के बाद जब परिजनों ने किशोरी को भरोसे में लेकर प्यार से पूछताछ की, तो उसने रोते हुए अपनी वह दर्दनाक आपबीती सुनाई, जिसे वह पिछले एक साल से अपने सीने में दबाए हुए थी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

वारदात का तरीका: फेरीवाले ने 'मंडप' को बनाया था गुनाह का अड्डा

\r\n\r\n
किशोरी ने अपने परिजनों और बाद में पुलिस को बताया कि उसके साथ यह जघन्य अपराध किसी अजनबी ने नहीं, बल्कि उसी के मोहल्ले में फेरी लगाने वाले एक युवक ने किया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    आरोपी की पहचान: मुख्य आरोपी का नाम संदीप है, जो इलाके में ही फेरी लगाने का काम करता था। इसी दौरान उसकी नजर इस मासूम बच्ची पर पड़ी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    बहला-फुसलाकर ले जाता था मंडप: संदीप ने एक सोची-समझी साजिश के तहत किशोरी को अपने झांसे में लिया। वह पिछले करीब एक साल से नाबालिग को बहला-फुसलाकर इलाके के ही एक स्थानीय 'मंडप' (शादी-समारोह स्थल) में ले जाता था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    लगातार किया दुष्कर्म: उसी मंडप के एकांत का फायदा उठाकर संदीप ने किशोरी के साथ कई बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और डरा-धमका कर उसका मुंह बंद रखा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मेडिकल इमरजेंसी: जिंदगी और मौत से जूझ रही 16 साल की मां

\r\n\r\n
कम उम्र में गर्भधारण करना किसी भी बच्ची के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से जानलेवा हो सकता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। जब मामले का खुलासा हुआ तो किशोरी की हालत पहले से ही बेहद खराब थी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    जिला अस्पताल में प्राथमिक जांच: जिला अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञा (Senior Gynecologist) डॉ. योगिता ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जब किशोरी को उनके पास लाया गया था, तब वह शारीरिक रूप से अत्यधिक कमजोर थी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    खतरे के निशान पर था शरीर: डॉ. योगिता के अनुसार, खून की कमी के कारण किशोरी का हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) स्तर गिरकर महज 7 पर आ गया था। इसके साथ ही उसके शरीर में प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या भी काफी कम थी, जो डिलीवरी के वक्त अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) का खतरा पैदा कर सकता था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मेडिकल कॉलेज रेफर: किशोरी की नाजुक हालत और हाई-रिस्क प्रेगनेंसी को देखते हुए, उसका पूरा मेडिकल टेस्ट कर उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    शुक्रवार को हुआ जन्म: डॉक्टरों की एक विशेष टीम की कड़ी निगरानी में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे किशोरी ने एक बेटे को जन्म दिया। नवजात बच्चे का वजन 2.4 किलोग्राम है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर (ठीक) बताई जा रही है। हालांकि, जन्म देने वाली नाबालिग मां की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने के लिए लगातार इलाज कर रही है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस का त्वरित एक्शन: रिपोर्ट दर्ज, दो आरोपी सलाखों के पीछे

\r\n\r\n
परिजनों को जैसे ही इस खौफनाक सच का पता चला, उन्होंने बिना देर किए कंकरखेड़ा पुलिस स्टेशन का रुख किया। पुलिस ने भी मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए तत्काल और सख्त कानूनी कदम उठाए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    एफआईआर (FIR) दर्ज: परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर कंकरखेड़ा थाने में आरोपी संदीप और अन्य के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मंडप संचालक भी गिरफ्तार: इस मामले में पुलिस ने केवल मुख्य आरोपी को ही नहीं पकड़ा, बल्कि उस व्यक्ति को भी सह-आरोपी बनाया है जिसकी संपत्ति पर यह गुनाह होता रहा। पुलिस ने आरोपी संदीप के साथ-साथ उस मंडप के संचालक (मालिक) को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसके मंडप में आरोपी बच्ची को लेकर जाता था। यह गिरफ्तारी इस बात का कड़ा संदेश है कि अपराध को जगह या पनाह देने वाले भी कानून की नजर में बराबर के मुजरिम हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    एसपी सिटी का बयान: मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, "परिजनों की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी संदीप और मंडप संचालक को दो दिन पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस लगातार मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के संपर्क में है और किशोरी के स्वास्थ्य की पल-पल की जानकारी ली जा रही है।"
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अस्पताल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

\r\n\r\n
चूंकि मामला एक गंभीर अपराध से जुड़ा है और पीड़िता एक अहम गवाह है, इसलिए उसकी सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए, मेरठ मेडिकल कॉलेज में पीड़िता के वार्ड के बाहर दो महिला पुलिसकर्मियों की 24 घंटे तैनाती की गई है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति या आरोपी पक्ष का कोई परिचित पीड़िता या उसके परिवार पर किसी भी प्रकार का दबाव न बना सके।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

समाज के लिए एक बड़ा सबक

\r\n\r\n
मेरठ के कंकरखेड़ा का यह मामला केवल एक पुलिस फाइल नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। एक फेरीवाला मोहल्ले की बच्ची को लगातार एक मंडप में ले जाता रहा और किसी को कानो-कान खबर तक नहीं हुई। यह इस बात का सबूत है कि आज के दौर में बच्चों की सुरक्षा केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रह गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अभिभावकों को अपने बच्चों (विशेषकर नाबालिग बच्चियों) के व्यवहार में आने वाले बदलावों, उनकी शारीरिक तकलीफों और उनके मिलने-जुलने वाले लोगों पर बहुत करीब से नजर रखने की जरूरत है। फिलहाल, सभी की प्रार्थनाएं उस 16 वर्षीय मासूम के लिए हैं, जो इस वक्त अस्पताल के बिस्तर पर एक ऐसी सजा भुगत रही है, जो उसने कभी की ही नहीं। अब देखना यह है कि न्यायपालिका इस दरिंदगी के दोषियों को कितनी जल्द और कितनी सख्त सजा मुकर्रर करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन