वसंत ऋतु की विदाई के बाद अमूमन अप्रैल के महीने में मौसम में हल्की गर्माहट आनी शुरू होती है, लेकिन इस साल मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है। उत्तर प्रदेश के मेरठ और आसपास के जिलों में सूरज ने अप्रैल के महीने में ही अपने सबसे उग्र तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आसमान से आग बरस रही है और धरती तवे की तरह जल रही है। सुबह 9 बजते ही चिलचिलाती धूप शरीर को चुभने लगती है और दोपहर होते-होते सड़कें पूरी तरह से सूनी हो जाती हैं।READ ALSO:-छात्र राजनीति से लेकर यूपी के सत्ता शिखर तक का सफर: पूर्व मंत्री अरुण कुमार सिंह 'मुन्ना' के निधन पर मेरठ में उमड़ी आंखें, याद आया 80 के दशक का वो सुनहरा दौर
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मेरठवासियों के लिए यह गर्मी इसलिए भी ज्यादा परेशान करने वाली है क्योंकि अभी मई और जून के वे महीने आने बाकी हैं, जिन्हें भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है। लोगों के मन में अब यह खौफ बैठ गया है कि अगर अप्रैल में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस को छू रहा है, तो आने वाले 'नौतपा' (Nautapa) और जून के चरम महीनों में क्या हाल होगा? आइए, मेरठ के मौसम के इस विस्तृत विश्लेषण में जानते हैं कि आखिर अचानक इतनी गर्मी क्यों बढ़ गई है, आने वाले दिनों का पूर्वानुमान क्या है, और इस मौसम में खुद को कैसे सुरक्षित रखा जाए।
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लगातार 7 दिनों का 'टॉर्चर': 39 से 41 डिग्री के बीच झूल रहा मेरठ का पारा

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मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो मेरठ में पिछले एक सप्ताह से गर्मी का लगातार 'टॉर्चर' जारी है। शहरवासियों को पिछले सात दिनों में एक भी दिन राहत नसीब नहीं हुई है। लगातार सातवें दिन पारा 39 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बना हुआ है।
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मंगलवार (21 अप्रैल) के दिन भी सूर्य देव अपने पूरे रौद्र रूप में नजर आए। इस दिन मेरठ का अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह तापमान इस मौसम के सामान्य औसत से करीब तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है।
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पिछले 7 दिनों में मेरठ का अधिकतम तापमान (एक नजर में):

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    21 अप्रैल: 40.3 डिग्री सेल्सियस
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    20 अप्रैल: 40.4 डिग्री सेल्सियस
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    19 अप्रैल: 41.0 डिग्री सेल्सियस (इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन)
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    18 अप्रैल: 40.3 डिग्री सेल्सियस
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    17 अप्रैल: 39.7 डिग्री सेल्सियस
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    16 अप्रैल: 40.0 डिग्री सेल्सियस
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    15 अप्रैल: 39.1 डिग्री सेल्सियस
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वर्ष 2023 के बाद से अब तक के मौसम के रिकॉर्ड को देखें, तो अप्रैल के महीने में इतनी जल्दी और इतने लगातार दिनों तक इतना ज्यादा तापमान दर्ज होने का यह पहला मामला है।
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क्यों बरस रही है आसमान से आग? मौसम विज्ञानियों ने बताई असली वजह

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अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अचानक ऐसा क्या हो गया कि मौसम एकदम से इतना गर्म और खुश्क हो गया। इसके पीछे पूरी तरह से भौगोलिक और मौसमी बदलाव जिम्मेदार हैं।
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पश्चिम विक्षोभ (Western Disturbance) का कमजोर पड़ना: अमूमन सर्दियों में सक्रिय होने वाले पश्चिम विक्षोभ इस बार 12 मार्च के बाद काफी सक्रिय रहे थे। यही मुख्य कारण था कि मार्च के पूरे महीने और 12 अप्रैल तक मेरठ और आसपास के जनपदों का मौसम काफी सुहाना और 'बासंती' बना हुआ था। बीच-बीच में हल्की बौछारें पड़ रही थीं। लेकिन अब ये पश्चिम विक्षोभ कमजोर पड़ चुके हैं। कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने के कारण जो बौछारें 4-5 दिन के अंतराल पर पड़ रही थीं, अब उन पर पूरी तरह से विराम लग गया है।
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हवाओं के रुख में बड़ा बदलाव: मौसम विज्ञानियों के अनुसार, गर्मी बढ़ने का दूसरा सबसे बड़ा कारण हवाओं की दिशा में बदलाव है। पिछले दो सप्ताह तक बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) और अरब सागर (Arabian Sea) से आने वाली नम हवाएं (Moisture-laden winds) मेरठ और पश्चिमी यूपी को थोड़ी ठंडक दे रही थीं। लेकिन अब इन नम हवाओं का असर पूरी तरह से खत्म हो गया है। इनकी जगह पाकिस्तान और राजस्थान के थार मरुस्थल की ओर से आने वाली गर्म और शुष्क 'उत्तर-पश्चिमी हवाओं' (North-Western Winds) ने ले ली है।
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इन उत्तर-पश्चिमी हवाओं की प्रकृति बेहद गर्म और सूखी होती है, जिसके कारण नमी का स्तर तेजी से गिरा है। 10 अप्रैल से पहले जहां हवा में आर्द्रता (Humidity) 65 प्रतिशत से अधिक बनी हुई थी, वहीं मंगलवार को आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत गिरकर 51 और न्यूनतम प्रतिशत महज 21 रह गया। हवा में नमी न होने के कारण धूप सीधे त्वचा को झुलसा रही है।
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मौसम विभाग और स्काईमेट की चेतावनी: 25 अप्रैल को भयंकर 'हीटवेव' का अलर्ट

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आने वाले दिनों को लेकर मौसम विभाग (IMD) और मौसम पर नजर रखने वाली प्रतिष्ठित निजी एजेंसी 'स्काईमेट' (Skymet) का पूर्वानुमान डराने वाला है। आगामी चार-पांच दिनों तक मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में बरसात की दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं है। मौसम पूरी तरह से शुष्क और गर्म बना रहेगा।
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    हीटवेव (लू) का अलर्ट: मौसम विभाग ने 22, 23 और 24 अप्रैल को पश्चिमी यूपी में तेज लू चलने की आशंका जताई है। इसके साथ ही 25 अप्रैल के लिए मेरठ में विशेष रूप से 'हीटवेव' (Heatwave) का प्रकोप होने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।
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    दिल्ली-एनसीआर का हाल: मेरठ से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और दिल्ली में भी बुधवार से लगातार तीन दिनों तक भीषण लू चलने की आशंका जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिसका सीधा असर मेरठ के मौसम पर भी पड़ेगा।
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    स्काईमेट का विश्लेषण: स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार, 23 अप्रैल को एक नया पश्चिम विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय तो हो रहा है, लेकिन इसका प्रभाव पहाड़ों तक ही सीमित रहेगा। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों (जैसे मेरठ) में इस विक्षोभ का कोई भी सकारात्मक या ठंडक देने वाला प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा।
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नौतपा (Nautapa 2026): 25 मई से शुरू होगा असली इम्तिहान

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अप्रैल की इस भयंकर गर्मी को देखकर लोग मई और जून के नाम से ही सिहर रहे हैं। हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र में गर्मी के सबसे चरम दिनों को 'नौतपा' कहा जाता है।
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बिल्वेश्वर संस्कृत महाविद्यालय (मेरठ) के वरिष्ठ आचार्य डॉ. पंकज झा ने 'नौतपा' के खगोलीय और ज्योतिषीय महत्व को समझाते हुए बताया कि सूर्य देव जब भ्रमण करते हुए 'रोहिणी नक्षत्र' में प्रवेश करते हैं, तब से नौतपा का आरंभ माना जाता है। इस वर्ष (2026 में) नौतपा 25 मई से आरंभ हो रहा है और यह 2 जून तक चलेगा।
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मान्यता है कि इन नौ-दस दिनों के दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं और भीषणतम गर्मी का प्रकोप होता है। लोगों की चिंता यह है कि जब 25 मई को आने वाले नौतपा से एक महीने पहले ही (अप्रैल में) सूर्य देव अपने पूरे उग्र तेवर में हैं, तो नौतपा के उन 9 दिनों में गर्मी का आलम क्या होगा?
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जनजीवन पर भारी असर: दोपहर में सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू

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इस भीषण गर्मी और लू ने मेरठ शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जिनका काम खुले आसमान के नीचे होता है।
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    स्कूली बच्चों का हाल बेहाल: दोपहर 1 से 2 बजे के बीच जब स्कूलों की छुट्टी होती है, वह समय दिन का सबसे गर्म पहर होता है। तेज गर्मी और गर्म हवाओं के थपेड़ों के बीच स्कूल से घर लौटते छोटे बच्चे, विद्यार्थी और उनके अभिभावक पसीने से तरबतर और हलकान होते नजर आ रहे हैं।
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    यात्री और राहगीर: बसों, ऑटो और ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और लू लगने का खतरा बना हुआ है। रोडवेज बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर ठंडे पानी की भारी मांग देखी जा रही है।
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    बाजारों में सन्नाटा: दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक शहर के प्रमुख बाजारों (जैसे बेगमपुल, आबूलेन, सदर बाजार) में ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। लोग शाम ढलने के बाद ही घरों से बाहर निकलना मुनासिब समझ रहे हैं, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा रहता है।
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    बिजली की मांग में भारी उछाल: गर्मी बढ़ते ही शहर में एसी (AC), कूलर और पंखों का इस्तेमाल चरम पर पहुंच गया है, जिसके परिणामस्वरूप बिजली (Power Consumption) की मांग में भी भारी उछाल आया है।
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हीटवेव (लू) से कैसे बचाएं अपनी जान? (स्वास्थ्य विभाग की सलाह)

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लगातार बढ़ते तापमान और लू के अलर्ट को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है:
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    हाइड्रेटेड रहें (खूब पानी पिएं): प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल हमेशा साथ रखें। नींबू पानी, छाछ, लस्सी, आम पन्ना और ओआरएस (ORS) का घोल शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    धूप से बचाव करें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। यदि निकलना पड़े तो सिर को तौलिए, गमछे, टोपी या छतरी से अच्छी तरह ढक कर ही निकलें। आंखों की सुरक्षा के लिए अच्छी क्वालिटी के सनग्लासेस (धूप का चश्मा) का प्रयोग करें।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    पहनावा कैसा हो? इस मौसम में गहरे रंग के और चुस्त कपड़े पहनने से बचें। हमेशा सूती (Cotton), हल्के रंग के और ढीले-ढाले कपड़े पहनें ताकि शरीर में हवा का प्रवाह बना रहे और पसीना सूख सके।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    खानपान में बदलाव: बासी, मसालेदार और भारी भोजन से बचें। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और ताजे फलों का सेवन बढ़ाएं। ये शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं।
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  8. \r\n
  9. \r\n
    बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान: हीटवेव का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार (हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज) व्यक्तियों पर होता है। उन्हें धूप में बिल्कुल न जाने दें और उनके कमरे को ठंडा रखने का प्रयास करें।
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मेरठ में अप्रैल की यह झुलसाने वाली गर्मी जलवायु परिवर्तन और बदलते मौसम चक्र का एक स्पष्ट संकेत है। 25 अप्रैल के लिए जारी किया गया हीटवेव का अलर्ट इस बात की ताकीद करता है कि हमें अब प्रकृति के इस कड़े तेवर के साथ सामंजस्य बिठाना होगा। नौतपा अभी दूर है, लेकिन गर्मी का असली इम्तिहान शुरू हो चुका है। ऐसे में अपनी सेहत का ख्याल रखना और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना ही समझदारी है।
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