मेरठ (Meerut) के भावनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े Meerut Fake Note Fraud का खुलासा किया है। पुलिस ने नकली नोटों की गड्डी से ठगी और लूट करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों में उत्तर प्रदेश पुलिस के दो सिपाही और एक थाने का हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है। एसएसपी के आदेश पर दोनों आरोपी सिपाहियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

लूट की शिकायत से शुरू हुई जांच मवाना थाना क्षेत्र के निवासी इरशाद ने सोमवार को पुलिस में लूट की शिकायत दर्ज कराई थी। इरशाद का आरोप था कि तीन बदमाशों ने उन्हें रोककर तमंचे के बल पर 50 हजार रुपये लूट लिए और फरार हो गए। पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान साजिद पिस्टल, फैजान और अभिषेक की भूमिका स्पष्ट हुई, जो भावनपुर के ही रहने वाले हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

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सिपाहियों की मिलीभगत का खुलासा पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में एक चौंकाने वाला सच सामने आया। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वे भावनपुर थाने में तैनात सिपाही प्रसन्नचित्त और आशीष के इशारे पर वारदात को अंजाम देते थे। यह जानकारी मिलते ही पुलिस के उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया। अधिकारियों से आदेश मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपी सिपाहियों को भी गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराते हुए दोनों को निलंबित कर दिया है।

तीन गुना रकम का देते थे लालच एसपी देहात अभिजीत सिंह ने बताया कि यह गिरोह टप्पेबाजी का काम करता था। गिरोह के सदस्य लोगों को उनकी रकम तीन गुना करने का लालच देते थे। लोगों का विश्वास जीतने के लिए वे शुरुआत में उन्हें असली नोट देकर बाजार में चलाने के लिए कहते थे। जब पीड़ित को भरोसा हो जाता था, तब वे नकली नोटों की गड्डी तैयार करते थे, जिसमें केवल ऊपर और नीचे असली नोट लगे होते थे।

डील के समय पुलिस बनकर धमकाते थे सिपाही इस पूरे नेटवर्क में सिपाही आशीष कुमार और प्रसन्नचित्त की मुख्य भूमिका लोगों को डराने की थी। डील के समय दोनों सिपाही सिविल में आसपास ही मौजूद रहते थे। जैसे ही ठग पीड़ित को नकली नोटों की गड्डी सौंपते थे, सिपाही अचानक वहां पहुंच जाते थे। वे दोनों पक्षों को जेल भेजने की धमकी देते थे और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर मामले को रफा-दफा करने के नाम पर पूरी गड्डी जब्त कर लेते थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 25 हजार रुपये बरामद किए हैं। एसपी देहात के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में से दो लोग 2022 में भी फर्जी पुलिस बनकर इसी तरह की ठगी के आरोप में जेल जा चुके हैं। इस बार उन्होंने असली पुलिसकर्मियों को अपने गिरोह में शामिल कर लिया था। सभी आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया जाएगा।

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