मेरठ: दीपावली के जगमगाते त्योहार से पहले, मेरठ जिला आबकारी विभाग ने शराब माफिया के खिलाफ एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। विभाग ने एक साथ 54 इवेंट बार लाइसेंस जारी करके दोहरे लक्ष्य साधे हैं - पहला, त्योहारों के दौरान सक्रिय होने वाले अवैध और जहरीली शराब के सिंडिकेट की कमर तोड़ना और दूसरा, सरकारी राजस्व में लाखों रुपये की बढ़ोतरी करना। इस कदम के बाद अब शहर के प्रतिष्ठित कैफे, होटल और फार्म हाउस भी कानूनी तौर पर पार्टियों में शराब परोस सकेंगे।READ ALSO:-आपकी मिठाई में 'ज़हर'! दिवाली से पहले मेरठ में FSDA की 'सर्जिकल स्ट्राइक', 650 किलो रसगुल्ले-पनीर नालियों में बहाए!
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माफिया पर 'लाइसेंसी स्ट्राइक'
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जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार के अनुसार, हर साल दिवाली और अन्य त्योहारों के समय शराब की खपत 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। इसी मौके का फायदा उठाकर शराब माफिया नकली और खतरनाक शराब बाजार में उतार देते हैं, जिससे लोगों की जान को खतरा बना रहता है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए विभाग ने इस बार अपनी रणनीति में बदलाव किया है।
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विभाग ने उन स्थानों को प्राथमिकता दी है, जहां पिछले वर्षों में अवैध शराब की बिक्री या आपूर्ति की शिकायतें मिली थीं। इन 54 प्रतिष्ठानों को एक दिन का अस्थायी बार लाइसेंस देकर, विभाग ने एक वैध विकल्प प्रदान किया है, जिससे अवैध कारोबार की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
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राजस्व भी, सुरक्षा भी
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यह कदम न केवल जन-सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सरकारी खजाने के लिए भी फायदेमंद साबित हुआ है। प्रत्येक इवेंट बार लाइसेंस के लिए 11,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इस हिसाब से विभाग को इन 54 लाइसेंसों से लगभग 6 लाख रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें उपभोक्ता सुरक्षित उत्पाद का आनंद ले सकते हैं और सरकार को भी आय होती है।
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टेक्नोलॉजी का कवच: सब कुछ होगा डिजिटल
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इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया गया है। सभी 54 लाइसेंसधारकों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे शराब की खरीद से लेकर बिक्री तक का हर एक हिसाब डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करें। इससे हर बोतल की ट्रैकिंग संभव होगी और कालाबाजारी या किसी भी तरह की धांधली को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।
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इन क्षेत्रों में जारी हुए लाइसेंस:
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    सेक्टर 1: 13 लाइसेंस
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    सेक्टर 2: 20 लाइसेंस
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    सेक्टर 3: 09 लाइसेंस
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    सेक्टर 4: 11 लाइसेंस
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    सर्किल 3: 02 प्रतिष्ठान
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दीपावली पर बढ़ती है खपत:
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आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दीपावली के समय शराब की खपत 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। इसी कारण माफिया सस्ती और नकली शराब बेचकर मुनाफा कमाने की कोशिश करते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल अधिकृत लाइसेंस प्राप्त स्थानों से ही शराब बेची जा सकेगी। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और प्रमाणित उत्पाद उपलब्ध कराना है।
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इस निर्णायक कदम से मेरठ में इस साल दिवाली का जश्न सुरक्षित और अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है, जहाँ लोग बिना किसी डर के उत्सव का आनंद ले सकेंगे।
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