मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक कपड़ा कारोबारी सत्यम रस्तोगी को सरेराह अपमानित करने, नाक रगड़वाने और मारपीट के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी विकुल चपराणा के तीन और साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 19 अक्टूबर की रात को मेडिकल थाना क्षेत्र में हुई थी, जहां आरोपी विकुल चपराणा ने कथित तौर पर एक राज्यमंत्री का नाम लेकर गुंडई की थी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने मूकदर्शक बनकर तमाशा देखा, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।Read also:-गाजियाबाद ब्रेकिंग: इंदिरापुरम की 5 मंजिला इमारत में भीषण आग, दिवाली पर आतिशबाजी बनी वजह; 19 परिवारों को पड़ोसियों ने बचाया
\r\n\r\n\r\n\r\n
तीन और आरोपी गिरफ्तार, बढ़ी धाराएं
\r\n\r\nमेरठ पुलिस ने बुधवार देर रात कार्रवाई करते हुए विकुल चपराणा के तीन सहयोगियों - हैप्पी भड़ाना (काजीपुर निवासी), आयुष शर्मा (शास्त्रीनगर निवासी) और सुबोध यादव (शास्त्रीनगर निवासी) को गिरफ्तार किया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अपराध और आरोपियों का प्रोफ़ाइल
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n घटना: 19 अक्टूबर की रात 10 बजे विकुल चपराणा के साथ मिलकर इन तीनों आरोपियों ने सत्यम रस्तोगी के साथ मारपीट की, उनकी कार के शीशे तोड़े और उन्हें अपमानित कर नाक रगड़वाई।\r\n \r\n
- \r\n तोड़फोड़: आरोपियों ने डंडा मारकर सत्यम रस्तोगी की कार का पीछे का कांच और हाथ मारकर सामने का कांच तोड़ दिया था।\r\n \r\n
- \r\n बढ़ी धाराएं: दो दिन तक हल्की धाराओं में कार्रवाई करने के बाद, जन आक्रोश को देखते हुए बुधवार रात पुलिस ने मुकदमे में बलवा करने, रास्ता रोकने, और कार में तोड़फोड़ की गैर-जमानती धाराएं बढ़ाई हैं।\r\n \r\n
- \r\n छात्रों की संलिप्तता: गिरफ्तार आरोपियों में आयुष शर्मा सुभारती कॉलेज से एमबीए का छात्र है, जबकि सुबोध यादव आइआइएमटी कॉलेज गंगानगर में बीटेक का छात्र है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
पुलिस की 'लापरवाही' पर विपक्ष और समाज का आक्रोश
\r\n\r\nयह पूरा घटनाक्रम पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जिसने शुरू से ही लापरवाही बरती और मामले को दबाने की कोशिश की।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
1. मौके पर पुलिस की निष्क्रियता
\r\n\r\nप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब यह गुंडई चल रही थी, तब पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद कारोबारी को अपमानित किया गया और उनसे जबरन माफी मंगवाकर नाक रगड़वाई गई। पुलिस ने घटना का संज्ञान नहीं लिया और मुकदमा लिखने के बजाय समझौता कराने में जुटी रही।
\r\n\r\n\r\n\r\n
2. वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई
\r\n\r\nपुलिस ने पहले दिन विकुल चपराणा के खिलाफ केवल हल्की, जमानती धाराओं (धारा 151) में चालान कर दिया, जिससे उसे रात में ही एसीएम कोर्ट से जमानत मिल गई। यह तब बदला जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह सहित अन्य विपक्षी दलों ने घटना की निंदा की। इसके बाद दबाव में पुलिस ने धाराएं बढ़ाईं और बाकी आरोपियों को गिरफ्तार किया। खानापूर्ति के नाम पर पहले केवल तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
वैश्य समाज में राज्यमंत्री के खिलाफ़ भारी गुस्सा
\r\n\r\nकपड़ा कारोबारी सत्यम रस्तोगी के साथ हुई इस अपमानजनक घटना को लेकर वैश्य समाज और हरीशचंद्र वंशीय समाज में भाजपा और स्थानीय राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर के खिलाफ़ जबरदस्त आक्रोश है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
समाज का विरोध
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n एसएसपी आवास का घेराव: हरीशचंद्र वंशीय समाज के लोगों ने एसएसपी आवास का घेराव करने की कोशिश की, जहां पुलिस कर्मियों से उनकी नोंकझोंक भी हुई।\r\n \r\n
- \r\n वैश्य समाज की बैठक: इस मामले में आज गुरुवार को वैश्य समाज की एक बड़ी बैठक रखी गई है, जिसमें आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की जाएगी और आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n राज्यमंत्री पर आक्रोश: वैश्य बिरादरी का कहना है कि आरोपी विकुल चपराणा, जो गुर्जर बिरादरी से है, उसने खुलेआम दक्षिण सीट से विधायक और राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर गुंडई की है, लेकिन मंत्री और पार्टी के नेता चुप्पी साधे बैठे हैं। वैश्य समाज का कहना है कि जिस समाज के वोट से भाजपा की सरकार बनती है, उसी समाज के व्यापारियों को अपमानित किया जा रहा है।\r\n \r\n
यह घटना एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और स्थानीय नेताओं के प्रभाव में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.