उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुक्रवार की सुबह एक बेहद खौफनाक और बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर एक दिल दहला देने वाला मेरठ बस हादसा हुआ है। जयपुर से हरिद्वार जा रही एक डबल डेकर एसी बस में अचानक भीषण आग लग गई। इस जानलेवा घटना के दौरान बस में सवार 26 यात्रियों ने आनन-फानन में खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई। गनीमत यह रही कि इस भयंकर हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।Read also:-Shamli Police Encounter: पश्चिमी यूपी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुकीम काला गैंग का 50 हजार का इनामी बदमाश मेहताब मुठभेड़ में ढेर; दरोगा घायल
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कैसे हुआ यह मेरठ बस हादसा?
\r\n\r\nयह दर्दनाक दुर्घटना दौराला थाना क्षेत्र के दादरी फ्लाईओवर के पास शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे हुई। राजस्थान रोडवेज की यह डबल डेकर बस गुरुवार रात 10 बजे जयपुर से रवाना हुई थी।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n@khabreelal_news यूपी के मेरठ में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर डबल डेकर बस में आग (Meerut bus fire) लगने से हड़कंप मच गया। बाइक सवार की सूझबूझ से 26 यात्रियों की जान बाल-बाल बची। pic.twitter.com/1TtAqMw9pV
\r\n— MK Vashisth (@vadhisth) June 26, 2026
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शुक्रवार सुबह जब बस मेरठ-मुजफ्फरनगर बॉर्डर के पास पहुंची, तो शॉर्ट सर्किट के कारण बस के पिछले हिस्से से अचानक धुआं उठने लगा। इसी दौरान हाईवे पर पीछे से आ रहे एक बाइक सवार ने ओवरटेक करके बस ड्राइवर को इस खतरे की चेतावनी दी।
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ड्राइवर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
\r\n\r\nबस के ड्राइवर राजेंद्र कुमार, जो जयपुर के सूर्य नगर कॉलोनी के निवासी हैं, ने खतरे को भांपते हुए तुरंत समझदारी दिखाई। उन्होंने फ्लाईओवर से उतरते ही बस को सुरक्षित तरीके से सड़क किनारे लगा दिया।
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ड्राइवर ने तुरंत अपने साथी परिचालक (कंडक्टर) रामकुमार हुड्डा को सवारियों को बाहर निकालने का निर्देश दिया। हालात की गंभीरता को देखते हुए सभी यात्री बिना देरी किए बस के दरवाजों और खिड़कियों से बाहर कूदने लगे।
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2 किलोमीटर दूर से दिखा धुएं का खौफनाक गुबार
\r\n\r\nयात्रियों के सुरक्षित उतरते ही ड्राइवर और कंडक्टर ने मिलकर डिग्गी में रखा यात्रियों का सामान भी बाहर निकाल लिया। लेकिन देखते ही देखते चंद मिनटों में बस पूरी तरह से आग की लपटों से घिर गई।
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आग इतनी विकराल थी कि धुएं का काला गुबार लगभग 2 किलोमीटर दूर से ही साफ दिखाई दे रहा था। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की तेज लपटों के सामने उनके प्रयास पूरी तरह नाकाम रहे और 20-25 मिनट में बस जलकर राख हो गई।
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दमकल विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन
\r\n\r\nघटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत हरकत में आ गईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) सुरेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि सुबह आग की सूचना मिलते ही 7:30 बजे के आसपास दमकल गाड़ियों को मौके के लिए रवाना कर दिया गया था।
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इस भयंकर मेरठ बस हादसा स्थल पर मेरठ से दो, मुजफ्फरनगर से एक और सरधना से एक फायर टेंडर बुलाया गया। करीब डेढ़ से दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया।
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पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षित यात्रा
\r\n\r\nदौराला पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर सुमन कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया था। प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
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राजस्थान रोडवेज की इस जली हुई बस (RJ14PF 2607) के सभी यात्री पूरी तरह से सुरक्षित हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत व्यवस्था करते हुए सभी 26 यात्रियों को एक दूसरी बस के माध्यम से उनके गंतव्य, हरिद्वार के लिए सुरक्षित रवाना कर दिया।
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अंत में, यह मेरठ बस हादसा हाईवे पर चलने वाले वाहनों की सुरक्षा और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, एक अनजान बाइक सवार की सतर्कता और ड्राइवर की त्वरित सूझबूझ ने 26 लोगों की जान बचाकर एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए लंबी दूरी की बसों की नियमित तकनीकी जांच होना बेहद आवश्यक है।
Sabse pehle comment karne wale banein.