उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ जारी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात और खौफ का पर्याय रहे मुकीम उर्फ काला गैंग को तगड़ा झटका लगा है। जनपद शामली के कांधला थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई एक सनसनीखेज मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश मेहताब उर्फ बेचैन मारा गया है।
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​इस भीषण गोलीबारी के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस का एक जांबाज दरोगा भी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश का एक अन्य साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में जंगलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आइए, इस पूरी मुठभेड़ और मारे गए कुख्यात अपराधी के इतिहास पर एक विस्तृत नजर डालते हैं।
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​कैसे शुरू हुई मुठभेड़? लूट की वारदात के बाद एक्शन में आई पुलिस

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​यह पूरी घटना गुरुवार की देर रात (25 जून 2026) की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शामली के बाबरी थाना और थाना आदर्श मंडी क्षेत्र में दो शातिर बदमाशों ने एक नागरिक को गनपॉइंट पर लिया और उससे मोबाइल फोन तथा नकदी लूटकर फरार हो गए। पीड़ित द्वारा तुरंत घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
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​कंट्रोल रूम की सूचना पर नाकेबंदी:
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जैसे ही लूट की वारदात की सूचना वायरलेस पर गूंजी, शामली पुलिस तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई। एसपी शामली के निर्देश पर सभी सीमाओं और संदिग्ध रास्तों पर सघन चेकिंग अभियान और नाकेबंदी शुरू कर दी गई। बाबरी, आदर्श मंडी और कांधला थाने की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला और बदमाशों का पीछा करना शुरू किया।
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​पीछा करते हुए पुलिस की टीमें कांधला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव खंद्रावली के घने जंगल में पहुंच गईं। पुलिस को भनक लगी कि बदमाश जंगल के रास्ते भागने की फिराक में हैं।
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​जंगल में गूंजी गोलियां: दरोगा को लगी गोली, जवाबी कार्रवाई में बदमाश ढेर

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​पुलिस टीमें जब खंद्रावली के जंगल में स्थित एक नलकूप (ट्यूबवेल) के पास पहुंचीं, तो वहां छिपे बैठे बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर सीधे जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से जंगल गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा।
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    ​दरोगा दीपचंद हुए घायल: बदमाशों की ओर से चलाई गई एक गोली सीधे पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे दरोगा दीपचंद को जा लगी। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर गिर पड़े।
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    ​पुलिस की जवाबी कार्रवाई: अपने साथी को गोली लगते देख पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग (Retaliatory Fire) की। पुलिस की ओर से सटीक निशाना साधते हुए चलाई गई गोलियां सीधे मुख्य बदमाश मेहताब उर्फ बेचैन को लगीं और वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा।
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    ​साथी बदमाश फरार: इस बीच, रात के घने अंधेरे और जंगल की झाड़ियों का फायदा उठाकर मेहताब का दूसरा साथी मौके से भागने में सफल रहा।
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मुठभेड़ थमने के बाद पुलिस ने तुरंत घायल दरोगा दीपचंद और घायल बदमाश मेहताब को इलाज के लिए शामली के जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के दौरान ही बदमाश मेहताब उर्फ बेचैन को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल दरोगा का उपचार जारी है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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​9 MM कारबाइन और ऑटोमैटिक हथियारों का जखीरा बरामद

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​मुठभेड़ के बाद जब फॉरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की, तो वहां से जो हथियार बरामद हुए, उन्हें देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या पुलिस पर बड़ा हमला करने की फिराक में थे।
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​घटनास्थल से बरामदगी की सूची:

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    ​9 एमएम (9mm) की एक खतरनाक कारबाइन (Semi-Automatic Carbine)
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    ​एक अवैध पिस्तौल (Country-made Pistol)
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    ​भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और मौके पर चले हुए खोखा कारतूस
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    ​वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल (बिना नंबर/संदिग्ध बाइक)
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एक साधारण लुटेरे या बदमाश के पास 9 एमएम की कारबाइन जैसे खतरनाक और प्रतिबंधित बोर के हथियार मिलना इस बात का सबूत है कि यह गैंग कितना संगठित और खतरनाक था।
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​कौन था मेहताब उर्फ बेचैन? मुकीम काला गैंग से क्या था कनेक्शन?

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​शामली के पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र प्रताप सिंह ने इस मुठभेड़ के संबंध में आधिकारिक बयान जारी करते हुए मारे गए बदमाश की पूरी कुंडली का खुलासा किया है।
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विवरण
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बदमाश की प्रोफाइल
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पूरा नाम
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मेहताब उर्फ बेचैन
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मूल निवास
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कैराना कस्बा, जनपद शामली (UP)
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हाल का पता
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सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)
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गैंग से संबंध
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कुख्यात मुकीम उर्फ काला गैंग का सक्रिय सदस्य व शार्प शूटर
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घोषित इनाम
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₹50,000 (डीआईजी रेंज द्वारा घोषित)
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आपराधिक इतिहास
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हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट सहित करीब 36 (तीन दर्जन) 
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एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मेहताब उर्फ बेचैन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे खूंखार गैंग्स में से एक 'मुकीम काला गैंग' का बेहद सक्रिय और भरोसेमंद सदस्य था। वह पिछले कुछ समय से सहारनपुर में ठिकाना बदलकर रह रहा था और शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत और सहारनपुर जिलों में सक्रिय था। वह इसी साल मार्च महीने से शामली पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था और मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था, जिसके बाद डीआईजी रेंज द्वारा उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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​फरार बदमाश की तलाश में कॉम्बिंग ऑपरेशन

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​मुकीम काला गैंग के इस शातिर अपराधी के ढेर होने के बाद भी शामली पुलिस का ऑपरेशन खत्म नहीं हुआ है। एसपी शामली के निर्देश पर खंद्रावली और उसके आस-पास के कई किलोमीटर के जंगली इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। फरार बदमाश को पकड़ने के लिए स्वाट (SWAT) टीम, सर्विलांस सेल और कांधला सहित तीन थानों की पुलिस फोर्स को जंगलों में उतारा गया है। पुलिस का दावा है कि फरार बदमाश के रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया है और उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पश्चिमी यूपी में अपराधियों की कमर टूटी

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​शामली में हुआ यह एनकाउंटर इस बात का साफ संदेश है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। मुकीम उर्फ काला (जिसकी जेल में गैंगवार के दौरान मौत हो चुकी है) के गैंग के बचे-खुचे गुर्गे एक बार फिर पश्चिमी यूपी में रंगदारी और लूट का साम्राज्य खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन शामली पुलिस की मुस्तैदी ने उनके इरादों कोस्त कर दिया। इस मुठभेड़ से स्थानीय व्यापारियों और आम जनता ने राहत की सांस ली है, वहीं घायल दरोगा दीपचंद की बहादुरी की पूरे महकमे में सराहना हो रही है।
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