न्यूज़ डेस्क, मेरठ:
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श्रावण मास की शिवरात्रि का पर्व आस्था, भक्ति और समर्पण का सबसे बड़ा प्रतीक है। इन दिनों पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश "बम-बम भोले" के जयकारों से गुंजायमान है। शिवरात्रि के इस पावन मौके पर मेरठ के ऐतिहासिक और सिद्धपीठ औघड़नाथ मंदिर (Augharnath Temple) में जलाभिषेक करने के लिए लाखों की संख्या में शिवभक्त कांवड़िए पहुंचते हैं। हरिद्वार और गोमुख से पवित्र गंगाजल लेकर मीलों का पैदल सफर तय करने वाले इन कांवड़ियों की सुरक्षा और सुगमता के लिए मेरठ पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।READ ALSO:-बिजनौर में कांवड़ यात्रा का उल्लास: छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर 11 अगस्त को सभी स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद, डीएम का सख्त आदेश जारी
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इतनी बड़ी संख्या में जब जनसैलाब एक साथ मंदिर की ओर उमड़ता है, तो कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) एक बड़ी चुनौती बन जाता है। किसी भी तरह की अव्यवस्था, भगदड़ या असामाजिक तत्वों की घुसपैठ को रोकने के लिए प्रशासन ने इस बार पहले से भी ज्यादा मजबूत और अभेद्य सुरक्षा खाका तैयार किया है। पूरा मंदिर परिसर और इसके आसपास का इलाका एक सुरक्षित छावनी में तब्दील हो चुका है।
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400 पुलिसकर्मियों का त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा: परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर

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कांवड़ियों को जलाभिषेक के दौरान कोई असुविधा न हो और कतारें सुचारू रूप से चलती रहें, इसके लिए औघड़नाथ मंदिर के चारों ओर एक मजबूत 'त्रिस्तरीय (Three-Tier) सुरक्षा घेरा' बनाया गया है। इस पूरे सुरक्षा चक्र की कमान 400 से अधिक अनुभवी और प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों के हाथों में सौंपी गई है।
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सुरक्षा बल का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:

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    2 एडिशनल एसपी (ASP): पूरे सुरक्षा तंत्र की सर्वोच्च निगरानी के लिए।
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    4 डिप्टी एसपी (DSP/CO): अलग-अलग जोन्स में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए।
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    10 एसएचओ (SHO) और 10 इंस्पेक्टर: थानों के प्रभारियों को मुख्य द्वारों और संवेदनशील पॉइंट्स पर तैनात किया गया है।
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    40 सब इंस्पेक्टर (SI): भीड़ नियंत्रण और कतारों को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी।
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    155 कांस्टेबल: ग्राउंड जीरो पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए।
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    महिला सुरक्षा बल (15 लेडीज़ सब इंस्पेक्टर और 74 लेडीज कांस्टेबल): महिला कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा चेकिंग के लिए विशेष तैनाती।
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    ट्रैफिक पुलिस: 1 ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 6 टीएसआई (TSI) और 66 ट्रैफिक कांस्टेबलों की फौज यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मुस्तैद है।
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तकनीक से निगरानी: 300 सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों का जाल

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आधुनिक तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए पुलिस ने पूरे मंदिर क्षेत्र को तीसरी आंख की निगरानी में रखा है। मंदिर के गर्भगृह के ठीक ऊपर प्रथम तल पर एक हाई-टेक कंट्रोल रूम (CCTV Control Room) स्थापित किया गया है।
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    लाइव मॉनिटरिंग: मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार, निकास द्वार और आसपास के सभी रास्तों पर लगभग 300 सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। इन कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से हर एक गतिविधि की लाइव निगरानी की जा रही है।
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    अस्थायी पुलिस चौकी: कंट्रोल रूम में ही एक सब इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबलों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। इसे एक अस्थायी पुलिस चौकी का रूप दिया गया है, जो 24 घंटे काम कर रही है।
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    ड्रोन से आसमान से नजर: भीड़ के घनत्व को आंकने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ने के लिए आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।
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खुफिया एजेंसियां और स्पेशल स्क्वायड अलर्ट पर

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चूंकि शिवरात्रि पर लाखों की भीड़ जुटती है, इसलिए आतंकी या असामाजिक खतरे को पूरी तरह से निष्प्रभावी करने के लिए खुफिया एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पुलिस बल के अतिरिक्त एटीएस (Anti-Terrorism Squad), एलआईयू (Local Intelligence Unit), बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वॉड की टीमें लगातार मंदिर परिसर और कांवड़ मार्गों की सघन चेकिंग कर रही हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक हथियारों से लैस 2 सशस्त्र क्यूआरटी (QRT - Quick Response Team) को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
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ट्रैफिक प्लान: मंदिर की तरफ वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित

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यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और पैदल कांवड़ियों को रास्ता देने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं। औघड़नाथ मंदिर की तरफ आने वाले सभी मुख्य रास्तों को बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया गया है।
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इन मार्गों पर लागू है नो-एंट्री:

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    बालाजी मंदिर वाला रास्ता
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    नैंसी रेस्टोरेंट वाला रास्ता
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    गोल्डन रैंप पार्क वाला रास्ता
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इन तीनों रास्तों पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है और इसके आगे किसी भी प्रकार के दोपहिया या चार पहिया वाहन का प्रवेश सख्त वर्जित है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इन तीनों बैरिकेडिंग पॉइंट्स के पास ही विशाल पार्किंग व्यवस्था की है, ताकि लोग अपने वाहन सुरक्षित खड़े करके पैदल मंदिर तक जा सकें।
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डीएम और एसएसपी ने ग्राउंड जीरो पर परखीं तैयारियां

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सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिले के शीर्ष अधिकारी खुद मैदान में उतरे। सोमवार दोपहर जिलाधिकारी (DM) डॉ. वीके सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश कुमार पांडेय ने औघड़नाथ मंदिर पहुंचकर संपूर्ण व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया।
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अधिकारियों ने सबसे पहले भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने पैदल ही पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने प्रथम तल पर बने सीसीटीवी कंट्रोल रूम में जाकर कैमरों की फीड चेक की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता बरतने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के उपरांत, दोनों अधिकारियों ने पास ही लगे एक कांवड़ सेवा शिविर में शिरकत की और शिवभक्त कांवड़ियों को अपने हाथों से भोजन सामग्री वितरित कर धर्मलाभ भी अर्जित किया।
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प्रशासन की इस मुस्तैदी और चाक-चौबंद व्यवस्था को देखकर स्पष्ट है कि मेरठ में शिवरात्रि का यह पावन पर्व पूरी भव्यता, शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न होगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और सुरक्षा जांच में ड्यूटी पर तैनात जवानों का सहयोग करें।
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