न्यूज़ डेस्क, बिजनौर:
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श्रावण मास (सावन) की शुरुआत के साथ ही पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शिवभक्तों (कांवड़ियों) का सैलाब उमड़ पड़ा है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों के कारण प्रमुख मार्गों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। बिजनौर जिला भौगोलिक दृष्टि से कांवड़ यात्रा का एक प्रमुख मार्ग है, जहां से होकर लाखों शिवभक्त गुजरते हैं। कांवड़ियों की इस भारी आवाजाही, मार्गों पर लगने वाले संभावित जाम और स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए बिजनौर जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है।READ ALSO:-मानसून का महा-अलर्ट: 16 अगस्त तक देश के 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, पहाड़ों पर भूस्खलन और मैदानों में जलभराव का खतरा
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जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर के सख्त निर्देशों के अनुपालन में, बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कसाना ने सोमवार शाम 6 बजे एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए 11 अगस्त को जनपद के सभी शिक्षण संस्थानों में एक दिवसीय अवकाश की घोषणा कर दी है। यह निर्णय पूरी तरह से जनहित, यातायात प्रबंधन और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
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आदेश का दायरा: किन स्कूलों और कॉलेजों पर लागू होगा यह नियम?

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प्रशासन द्वारा जारी किया गया यह आदेश जिले के छोटे-बड़े सभी शिक्षण संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना द्वारा जारी परिपत्र (सर्कुलर) के अनुसार, 11 अगस्त को जनपद के निम्नलिखित सभी संस्थान पूर्ण रूप से बंद रहेंगे:
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    सभी सरकारी विद्यालय: प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय जो सीधे बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आते हैं।
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    अशासकीय सहायता प्राप्त (Aided) विद्यालय: सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त सभी स्कूल।
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    वित्तविहीन (Unaided) और प्राइवेट स्कूल: जिले में संचालित होने वाले सभी निजी स्कूल।
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    सभी बोर्ड के विद्यालय: यूपी बोर्ड (UP Board), सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) सहित अन्य सभी मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्डों से संबद्ध स्कूल।
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    उच्च शिक्षण संस्थान: कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के स्कूलों के अलावा, डिग्री कॉलेज और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान भी इस अवकाश के दायरे में आएंगे।
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी स्कूल संचालक इस आदेश की अनदेखी नहीं कर सकता। यदि कोई विद्यालय इस दिन खुला पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
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प्रशासन का मुख्य उद्देश्य: नौनिहालों की सुरक्षा और सुगम यातायात

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कांवड़ यात्रा के दौरान बिजनौर और उसके आसपास के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर शिवभक्तों की भारी भीड़ होती है। कई मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया जाता है और रूट डायवर्जन (Route Diversion) लागू किया जाता है। ऐसे में:
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    स्कूली बसों का संचालन मुश्किल: रूट डायवर्जन के कारण स्कूली बसों और वैन का अपने निर्धारित रास्तों से गुजरना लगभग असंभव हो जाता है। जाम में फंसने से बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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    सड़क दुर्घटनाओं से बचाव: सुबह के समय स्कूलों में जाने वाले पैदल या साइकिल सवार बच्चों को भारी भीड़ के बीच सड़क पार करने या चलने में जोखिम हो सकता है। जनहानि या किसी भी प्रकार की दुर्घटना को टालने के लिए यह कदम उठाया गया है।
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    कांवड़ियों को भी सहूलियत: स्कूल बंद रहने से सड़कों पर सुबह और दोपहर के समय लगने वाला अतिरिक्त ट्रैफिक कम होगा, जिससे कांवड़ियों को अपनी यात्रा पूरी करने में अधिक खुला मार्ग और सुगमता मिलेगी।
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परीक्षाओं को लेकर प्रशासन की विशेष छूट और निर्देश

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हालांकि 11 अगस्त को पूर्ण रूप से अवकाश घोषित किया गया है, लेकिन जिला प्रशासन ने छात्रों के भविष्य और उनके शैक्षणिक कैलेंडर को भी ध्यान में रखा है। बीएसए के आदेश में एक बेहद महत्वपूर्ण बिंदु यह जोड़ा गया है कि यदि किसी शिक्षण संस्थान में 11 अगस्त के दिन पहले से ही कोई परीक्षा या महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम निर्धारित है, तो वह रद्द नहीं होगा।
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ऐसी परीक्षाएं या कार्यक्रम अपने पूर्व निर्धारित समय और स्थान पर ही संचालित किए जाएंगे। ऐसे संस्थानों को परीक्षा के दौरान छात्रों के सुगम आवागमन के लिए अपने स्तर पर उचित प्रबंधन करने की सलाह दी गई है। यह छूट विशेष रूप से उन कॉलेज छात्रों के लिए राहत भरी है, जिनकी विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाएं चल रही हैं।
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खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को कड़े निर्देश

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आदेश को तत्काल प्रभाव से धरातल पर लागू करने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (Khand Shiksha Adhikari) को सख्त निर्देश दिए हैं।
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    तत्काल सूचना संप्रेषण: सभी BEOs को आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने विकासखंड (Blocks) के अंतर्गत आने वाले सभी प्रधानाध्यापकों, स्कूल प्रबंधकों और शिक्षकों तक यह आदेश अविलंब पहुंचाएं।
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    अभिभावकों को समय रहते सूचना: स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप्स (WhatsApp Groups), एसएमएस (SMS) या फोन कॉल्स के माध्यम से अभिभावकों को सोमवार रात तक ही यह जानकारी दे दें, ताकि मंगलवार 11 अगस्त की सुबह बच्चे स्कूल के लिए तैयार होकर परेशान न हों।
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    निगरानी तंत्र: शिक्षा विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि आदेश का शत-प्रतिशत पालन हो रहा है या नहीं।
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अभिभावकों के लिए प्रशासन की अपील

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बिजनौर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने आम जनता और विशेषकर अभिभावकों से अपील की है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान लागू किए गए रूट डायवर्जन का पालन करें। चूंकि 11 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे, इसलिए बच्चों को भी भीड़भाड़ वाले मुख्य मार्गों की ओर जाने से रोकें। पुलिस और प्रशासन दिन-रात कांवड़ियों की सुरक्षा और आम जनमानस की सुविधाओं के लिए मुस्तैद है।
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इस एक दिवसीय अवकाश से न केवल प्रशासनिक अमले को भारी भीड़ को नियंत्रित करने में आसानी होगी, बल्कि छात्र-छात्राएं भी ट्रैफिक जाम की समस्याओं से बचे रहेंगे। जिले के लोग प्रशासन के इस त्वरित और संवेदनशील निर्णय की सराहना कर रहे हैं।
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