खबरीलाल न्यूज़ डेस्क / मवाना (मेरठ): सड़क सुरक्षा के नाम पर बनाए जाने वाले स्पीड ब्रेकर (Speed Breakers) का मूल उद्देश्य वाहनों की गति को नियंत्रित कर लोगों की जान बचाना होता है। लेकिन क्या हो जब यही स्पीड ब्रेकर बिना किसी मानक, बिना किसी सफेद पट्टी और बिना किसी रिफ्लेक्टर के रातों-रात सड़कों पर थोप दिए जाएं? इसका जवाब है— मौत!READ ALSO:-Ration Card Rules 2026: परिवार में हो गया है विवाद और अलग हो गई है रसोई? तो इन 4 आसान स्टेप्स में बनवाएं अपना नया 'राशन कार्ड'
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मेरठ जिले के मवाना कस्बे में रविवार देर रात एक ऐसा ही खौफनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मवाना-मेरठ मुख्य मार्ग पर ए.एस. (A.S.) इंटर कॉलेज के सामने बने एक 'अदृश्य' स्पीड ब्रेकर ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग हमेशा के लिए बुझा दिया। इस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार एक मेहनतकश युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण है।
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रात 12 बजे का वह खौफनाक मंजर: हवा में उछली बाइक और फिर...
\r\n\r\nप्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की रात मवाना के लिए एक काली रात साबित हुई। मवाना नगर के मोहल्ला कल्याण सिंह, गोल मार्केट के रहने वाले दो युवक, जिशान कुरैशी और उसका दोस्त अरशद, अपना काम खत्म करके रात करीब 12:00 बजे बाइक से मेरठ की ओर जा रहे थे।
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रात का सन्नाटा था और सड़क पर वाहनों की आवाजाही न के बराबर थी। जैसे ही उनकी बाइक मवाना-मेरठ रोड पर ए.एस. इंटर कॉलेज के ठीक सामने पहुंची, अचानक उनके सामने यमदूत बनकर एक स्पीड ब्रेकर आ गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"सड़क पर बना वह स्पीड ब्रेकर रात के घने अंधेरे में बिल्कुल भी दिखाई नहीं दे रहा था। उस पर न तो कोई सफेद रिफ्लेक्टिव पेंट (White Paint) था और न ही सड़क के किनारे कोई चेतावनी बोर्ड (Warning Board) लगा था। तेज रफ्तार में आ रहे बाइक सवार को ब्रेकर का अंदाजा ही नहीं हुआ। स्पीड ब्रेकर से बचने की आखिरी कोशिश में बाइक का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया और बाइक हवा में उछलते हुए सीधे सड़क किनारे लगे एक भारी सीमेंटेड विद्युत पोल (बिजली के खंभे) से जा टकराई।"\r\n
टक्कर की आवाज इतनी भयानक थी कि आस-पास के लोग आधी रात को अपने घरों से बाहर दौड़ पड़े। दोनों युवक लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़े तड़प रहे थे।
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कौन थे हादसे का शिकार हुए युवक?
\r\n\r\nइस हादसे ने दो ऐसे परिवारों को गहरा जख्म दिया है, जो रोज कुआं खोदकर पानी पीने वालों में से हैं:
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- \r\n मृतक (जिशान कुरैशी): बाइक चला रहे युवक की शिनाख्त जिशान कुरैशी के रूप में हुई। जिशान मोहल्ला कल्याण सिंह, गोल मार्केट का निवासी था। वह अपनी आजीविका चलाने के लिए गांवों और कस्बों में घूम-घूमकर कपड़ों की फेरी लगाता था। परिवार की कई जिम्मेदारियां उसके कंधों पर थीं।\r\n \r\n
- \r\n घायल (अरशद): जिशान के साथ बाइक पर पीछे बैठा उसका साथी अरशद पेशे से टंकी फिटिंग (Plumber) का काम करता है। इस खौफनाक हादसे में अरशद को भी गंभीर चोटें आई हैं और वह अस्पताल में भर्ती है।\r\n \r\n
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अस्पताल का सफर: रास्तें में ही टूट गईं जिशान की सांसें
\r\n\r\nहादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद कुछ जागरूक राहगीरों ने बिना समय गंवाए मवाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना पाते ही स्थानीय पुलिस की पीआरवी (PRV) टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों खून से लथपथ युवकों को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मवाना पहुंचाया।
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सीएचसी के चिकित्सकों ने दोनों की जांच की। जिशान कुरैशी के सिर और अंदरूनी हिस्सों में घातक चोटें आई थीं। उसकी नाजुक और बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत हायर मेडिकल सेंटर (मेरठ) के लिए रेफर कर दिया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; एंबुलेंस से मेरठ ले जाते समय रास्ते में ही जिशान ने जिंदगी की जंग हार दी और दम तोड़ दिया। घायल अरशद का उपचार अभी भी जारी है, और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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मवाना पुलिस ने जिशान के शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम (Post-mortem) के लिए भेज दिया गया है।
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मोहल्ला कल्याण सिंह में मचा कोहराम: रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल
\r\n\r\nरविवार देर रात जैसे ही जिशान की मौत की मनहूस खबर उसके घर (मोहल्ला कल्याण सिंह, गोल मार्केट) पहुंची, वहां कोहराम मच गया। घर के इकलौते कमाऊ पूत की इस तरह अचानक मौत से माता-पिता बदहवास हो गए। जवान बेटे की लाश देखकर परिवार की महिलाओं की चीख-पुकार से पूरा मोहल्ला गमगीन हो गया। सुबह होते-होते मृतक के घर पर सांत्वना देने वालों की भारी भीड़ जमा हो गई।
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स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा: "यह हादसा नहीं, सिस्टम का मर्डर है"
\r\n\r\nइस घटना के बाद मवाना के नागरिकों में भारी आक्रोश पनप रहा है। खबरीलाल की टीम से बात करते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
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नागरिकों की प्रमुख शिकायतें और मांगें:
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- \r\n मानक विहीन निर्माण: लोगों का कहना है कि ए.एस. इंटर कॉलेज के सामने बना स्पीड ब्रेकर इंडियन रोड कांग्रेस (IRC) के मानकों के बिल्कुल विपरीत है। यह बहुत ऊंचा और बिना किसी ढलान के बना है।\r\n \r\n
- \r\n चेतावनी संकेतकों का अभाव: ब्रेकर से पहले कोई साइनबोर्ड (Signboard) नहीं है। रात के समय यह ब्रेकर सड़क के रंग में मिल जाता है।\r\n \r\n
- \r\n रिफ्लेक्टिव पेंट (कैट-आई): प्रशासन ने इस ब्रेकर पर न तो थर्मोप्लास्टिक सफेद पेंट की धारियां बनवाई हैं और न ही चमकने वाले कैट-आई (Cat-eyes) लगवाए हैं।\r\n \r\n
- \r\n अंधेरा (Street Lights): दुर्घटनास्थल के आस-पास पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं हैं, जिससे रात के समय वहां घना अंधेरा रहता है।\r\n \r\n
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आगे क्या? प्रशासन को जागने के लिए और कितनी लाशें चाहिए?
\r\n\r\nसड़क हादसों में कमी लाने के लिए भले ही बड़े-बड़े सेमिनार किए जाते हों, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। मवाना का यह हादसा इस बात का प्रमाण है कि संबंधित विभागों की जरा सी लापरवाही किसी के घर का दीया बुझा सकती है।
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पुलिस ने भले ही हादसे की रिपोर्ट दर्ज कर ली हो, लेकिन अब समय आ गया है कि उन अधिकारियों की भी जवाबदेही तय हो, जिनकी जिम्मेदारी इन सड़कों को सुरक्षित बनाने की है। मवाना प्रशासन और नगर पालिका को चाहिए कि वह तुरंत इस 'खूनी' स्पीड ब्रेकर सहित क्षेत्र के सभी अचिह्नित ब्रेकर्स पर रिफ्लेक्टिव पेंट और चेतावनी बोर्ड लगवाए, ताकि भविष्य में किसी और मां की गोद सूनी न हो।
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खबरीलाल न्यूज़ डेस्क अपने सभी पाठकों और दोपहिया वाहन चालकों से यह अपील करता है कि रात के समय सफर करते वक्त अपनी गति पर नियंत्रण रखें और हमेशा हेलमेट (Helmet) का प्रयोग करें, क्योंकि सड़क पर आपकी सुरक्षा ही आपके परिवार की सबसे बड़ी खुशी है।
Sabse pehle comment karne wale banein.