मेरठ, उत्तर प्रदेश: गुरुवार की सुबह मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र की घनी आबादी वाली आशियाना कॉलोनी उस वक्त थर्रा उठी, जब एक तीन मंजिला कपड़ा प्रिंटिंग फैक्ट्री आग की लपटों में घिर गई। सुबह करीब 5:30 बजे, जब शहर अभी नींद से जाग ही रहा था, 'एथ्री क्रिएशन' नामक फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट से निकली एक चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त फैक्ट्री में 18 मजदूर काम कर रहे थे, जो आग और धुएं के बीच फंस गए।READ ALSO:-सोते हुए किसान को मौत की नींद! बिजनौर के किरतपुर में 'मामूली कहा-सुनी' पर बुजुर्ग की निर्मम हत्या, सिर पर धारदार हथियार से वार
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अफरातफरी का माहौल और दमकल का साहसी अभियान
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आग सबसे पहले फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर लगी और वहां रखे कपड़े और केमिकल के संपर्क में आते ही तेजी से फैल गई। देखते ही देखते आग ने दूसरी मंजिल को भी अपनी आगोश में ले लिया। फैक्ट्री से उठते धुएं के गुबार और आग की लपटों ने इलाके में दहशत फैला दी। अंदर काम कर रहे मजदूरों ने जब आग को देखा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत बाहर की ओर भागकर अपनी जान बचाई।
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घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड का कंट्रोल रूम हरकत में आया और महज 10 मिनट के भीतर दमकल की तीन गाड़ियां सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने बिना समय गंवाए एक तरफ आग बुझाने और दूसरी तरफ फैक्ट्री में फंसे लोगों को बचाने का अभियान शुरू किया। यह अभियान लगभग डेढ़ घंटे तक चला, जिसके बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। दमकल टीम की त्वरित और साहसी कार्रवाई के चलते सभी 18 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
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लाखों का माल जलकर खाक
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करीम नगर निवासी इकरामुद्दीन की इस फैक्ट्री में कपड़ों पर प्रिंटिंग का काम होता था। आग की वजह से फैक्ट्री में रखा कच्चा और तैयार माल, मशीनें और अन्य सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि उन्होंने पड़ोस में स्थित हाजी यामीन की फैक्ट्री को भी आंशिक रूप से अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
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फिलहाल, दमकल विभाग की टीम मौके पर कूलिंग का काम कर रही है और पुलिस आग लगने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच में जुट गई है। गनीमत यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई।
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