उत्तर प्रदेश के कई शहरों और विशेषकर महानगरों में इन दिनों रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। शहर की लगभग सभी गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ और लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी कराने और गैस सिलेंडर बुक कराने के लिए अपना कामकाज छोड़कर घंटों इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि एलपीजी ई-केवाईसी सर्वर डाउन होने के कारण न तो केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो पा रही है और न ही गैस सिलेंडरों की बुकिंग हो पा रही है। तकनीकी खामियों की वजह से उपभोक्ताओं को बिना सिलेंडर लिए चिलचिलाती धूप से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।READ ALSO:-'सुहाग के जेवर बेचकर दी पति की मौत की सुपारी': मेरठ में BSF जवान की हत्या का खौफनाक सच आया सामने, पत्नी और मौसेरा भाई निकले कातिल!
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कई दिनों से एलपीजी ई-केवाईसी सर्वर डाउन, बुकिंग में भारी परेशानी

\r\n\r\n
उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर बुक नहीं हो पा रहे हैं। अगर किसी तरह ऑनलाइन माध्यमों से बुकिंग हो भी जाती है, तो डिलीवरी के समय सर्वर की समस्या के कारण सिस्टम में अपडेट नहीं दिखता और सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। कई गैस एजेंसियों के बाहर बाकायदा नोटिस बोर्ड लगा दिए गए हैं, जिन पर सर्वर डाउन होने और काम न होने की सूचना चस्पा कर दी गई है। ई-केवाईसी न होने के कारण कई उपभोक्ताओं को अपना गैस कनेक्शन ब्लॉक होने या सब्सिडी छिन जाने का डर सता रहा है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
स्थिति यह हो गई है कि लोग सुबह से ही गैस एजेंसी के बाहर लाइन में लगते हैं और घंटों खड़े रहने के बाद उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ता है। कई उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे पिछले कई दिनों से गैस एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें एलपीजी ई-केवाईसी सर्वर डाउन होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

क्यों जरूरी है गैस केवाईसी और क्यों मची है होड़?

\r\n\r\n
हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं (विशेषकर पीएम उज्ज्वला योजना के तहत) के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण यानी ई-केवाईसी को पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि फर्जी और डुप्लीकेट गैस कनेक्शनों को रोका जा सके। हालांकि मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन्होंने केवाईसी करा ली है, उन्हें दोबारा कराने की जरूरत नहीं है, लेकिन भ्रम की स्थिति के कारण अचानक गैस एजेंसियों पर भारी दबाव आ गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इसके अलावा, हाल ही में सोशल मीडिया पर गैस किल्लत की अफवाहें भी उड़ीं, जिससे पैनिक बुकिंग (Panic Booking) शुरू हो गई। एक साथ लाखों उपभोक्ताओं द्वारा ऑनलाइन वेबसाइट्स और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने से सिस्टम क्रैश हो गया और एलपीजी ई-केवाईसी सर्वर डाउन हो गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

गैस किल्लत से एजेंसियों का इनकार, डीएम ने दिया आश्वासन

\r\n\r\n
इस पूरे मामले में जब गैस एजेंसियों के प्रबंधकों से बात की गई, तो उन्होंने किसी भी प्रकार की गैस आपूर्ति में किल्लत से साफ इनकार किया। एजेंसियों का कहना है कि यह विशुद्ध रूप से एक तकनीकी समस्या है। नेशनल पोर्टल के मुख्य सर्वर पर एक साथ अधिक लोड (Traffic load) आने की वजह से सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा है। जैसे ही यह तकनीकी खामी दूर होगी, उपभोक्ताओं का काम सुचारु रूप से शुरू हो जाएगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
दूसरी ओर, जिलाधिकारी (DM) ने भी इस मामले में स्पष्टीकरण दिया है। जिलाधिकारी का कहना है कि जनपद में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति (Supply Chain) पूरी तरह से सुचारु रूप से जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तकनीकी टीम के साथ समन्वय स्थापित कर एलपीजी ई-केवाईसी सर्वर डाउन की समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकालें। प्रशासन ने गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन व्यवस्था लागू करें, ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

घर बैठे मोबाइल ऐप से केवाईसी का विकल्प भी प्रभावित

\r\n\r\n
विशेषज्ञों का कहना है कि एजेंसियों पर भीड़ कम करने के लिए उपभोक्ता घर बैठे भी ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके लिए इंडियन ऑयल (Indane), भारत गैस (Bharat Gas) या एचपी गैस (HP Gas) के आधिकारिक ऐप्स और 'Aadhaar FaceRD' ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, मौजूदा समय में मुख्य पोर्टल पर लोड अधिक होने के कारण कई उपभोक्ताओं को मोबाइल ऐप्स पर भी एलपीजी ई-केवाईसी सर्वर डाउन का एरर (Error) देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, उन्हें ओटीपी (OTP) न मिलने की अतिरिक्त समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
निष्कर्ष कुल मिलाकर, भले ही प्रशासन और गैस एजेंसियां शहर में गैस की पर्याप्त आपूर्ति का दावा कर रही हों, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि एलपीजी ई-केवाईसी सर्वर डाउन होने की वजह से आम जनता भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना कर रही है। जब तक यह तकनीकी खराबी पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती और सिस्टम सुचारू रूप से काम करना शुरू नहीं करता, तब तक उपभोक्ताओं को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। सरकार और संबंधित गैस कंपनियों को इस डिजिटल बाधा को तत्काल दूर करने के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाने चाहिए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
शहर में गैस एजेंसियों पर ई-केवाईसी और गैस बुकिंग के लिए उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। लेकिन एलपीजी ई-केवाईसी सर्वर डाउन होने के कारण सारे काम ठप पड़े हैं और लोगों को घंटों लाइन में लगने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। गैस एजेंसियां और जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है, यह केवल एक सर्वर से जुड़ी तकनीकी खामी है। प्रशासन जल्द से जल्द सर्वर की समस्या को दूर करने और भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन व्यवस्था लागू करने का प्रयास कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन