मेरठ/बुलंदशहर।
\r\n\r\nशादी के 22 साल, तीन बच्चे और सालों की प्रताड़ना के बाद मिली तो सिर्फ मौत। यह दर्दनाक कहानी है बुलंदशहर की जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा नेत्री अंतुल तेवतिया की मामी मीनू की, जिनका शव रविवार सुबह मेरठ के एक अस्पताल के आईसीयू में लावारिस मिला। मायके वालों का कलेजा चीर देने वाला आरोप है कि उनकी बेटी को दहेज के लालची ससुराल वालों ने जहर देकर मार डाला और सबूत मिटाने के लिए पति उसे तड़पता हुआ अस्पताल में छोड़कर भाग गया।READ ALSO:-मेरठ में पानी की टंकी बनी 'सुसाइड पॉइंट', पत्नी-माता-पिता को ससुराल भेजकर युवक ने मौत को लगाया गले
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अस्पताल में आखिरी सांसें और पति का धोखा
\r\n\r\nशनिवार की रात मेरठ के गंगानगर स्थित अप्सनोवा अस्पताल में सब कुछ सामान्य था, जब मवाना निवासी संजीव अपनी पत्नी मीनू को लेकर पहुंचा। उसने डॉक्टरों को बताया कि पत्नी की तबीयत बहुत खराब है और उसे लगातार उल्टियां हो रही हैं। डॉक्टरों ने फौरन मीनू को आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। लेकिन जिस पति को पत्नी के सिरहाने बैठकर उसके ठीक होने की दुआ करनी चाहिए थी, वो मौका देखकर चुपचाप वहां से खिसक गया। उसके साथ आए ससुराल के अन्य लोग भी गायब हो गए। पीछे रह गई तो बस मौत से जूझती मीनू की उखड़ती सांसें।
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रविवार सुबह जब मायके वाले एक पड़ोसी की सूचना पर बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें अपनी बेटी की लाश मिली। डॉक्टरों ने जब बताया कि पति उसे रात में ही छोड़कर भाग गया था, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
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5 साल की कैद और प्रताड़ना की अनसुनी चीखें
\r\n\r\nयह मौत अचानक नहीं हुई। इसके पीछे सालों से चल रहे जुल्म की एक लंबी कहानी है। मृतका के चाचा सतीश ने रोते हुए बताया, "हमारी बेटी को पिछले 5 साल से बंधक बनाकर रखा गया था। न उसे मायके आने देते थे, न ही फोन पर बात करने देते थे।" ससुराल वालों ने साफ धमकी दे रखी थी कि अगर मायके से कोई वास्ता रखा तो रिश्ता खत्म कर देंगे। मीनू की बड़ी बहन मुकेश की शादी भी उसी गांव में हुई थी, लेकिन दोनों बहनों को एक-दूसरे से मिलने तक नहीं दिया जाता था। आरोप है कि शादी के बाद से ही संजीव और उसका परिवार दहेज के लिए मीनू को लगातार परेशान कर रहा था और शनिवार को इसी कलह ने उसकी जान ले ली।
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पुलिस की जांच और फरार पति की तलाश
\r\n\r\nमामला हाई-प्रोफिल होने के कारण पुलिस भी तुरंत हरकत में आ गई। सूचना मिलते ही गंगानगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतका के परिजनों की तहरीर पर पति संजीव और अन्य ससुराल वालों के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं।
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इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या वाकई 22 साल के रिश्ते का अंत जहर के घूंट से हुआ? क्या एक पति इतना पत्थर दिल हो सकता है कि अपनी पत्नी को मरता हुआ छोड़कर भाग जाए? इन सवालों के जवाब अब पुलिस की जांच और फरार पति की गिरफ्तारी के बाद ही मिल पाएंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.