कभी-कभी जिंदगी और मौत के बीच का फासला सिर्फ एक सेकंड या एक सही फैसले का होता है। मेरठ निवासी विकास कुमार के लिए आज का दिन कुछ ऐसा ही था। जब वह हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर अपनी बाइक से गुजर रहे थे, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि अगला पल उनकी जिंदगी का सबसे खौफनाक पल होने वाला है, जब उन्हें साक्षात मौत से सामना करना पड़ेगा और एक छलांग लगाकर अपनी जान बचानी होगी।READ ALSO:-पहाड़ से लेकर समंदर तक आसमानी आफत: दार्जिलिंग में भूस्खलन से 13 की मौत, गुजरात-महाराष्ट्र पर चक्रवात 'शक्ति' का खतरा, 8 राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट
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रोंगटे खड़े कर देने वाले वो चंद सेकंड
\r\n\r\nमेरठ निवासी विकास हरिद्वार से अपने घर की ओर बढ़ रहे थे। सफर सामान्य था और वह अपनी धुन में बाइक चला रहे थे। जैसे ही वह हरिद्वार के व्यस्त ऋषिकुल पुल पर पहुंचे, उन्हें अपनी बाइक के इंजन से हल्का सा धुआं निकलता महसूस हुआ। एक आम इंसान शायद इसे नजरअंदाज कर देता, लेकिन विकास ने इसे खतरे का सिग्नल समझा।
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उन्होंने एक पल भी नहीं गंवाया। दिमाग में खतरे की घंटी बजते ही उन्होंने फौरन बाइक के ब्रेक लगाए और संतुलन बनाते हुए खुद को चलती बाइक से दूर सड़क के किनारे फेंक दिया। यह फैसला उनकी जिंदगी का सबसे सही फैसला साबित हुआ।
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उनके सड़क पर गिरने के ठीक अगले ही पल, जिस बाइक पर वह सवार थे, उसने एक भयंकर आग पकड़ ली। एक छोटी सी चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया और बाइक बीच सड़क पर एक धधकते हुए आग के गोले में तब्दील हो गई। विकास ने अपनी आंखों के सामने अपनी बाइक को लोहे के ढेर में बदलते देखा।
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पुल पर मचा हड़कंप, थम गई गाड़ियों की रफ्तार
\r\n\r\nहाईवे पर इस खौफनाक मंजर को देखकर दोनों तरफ की गाड़ियों के पहिए थम गए। पुल पर लंबा जाम लग गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बाइक जलकर पूरी तरह खाक हो चुकी थी।
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क्या थी आग लगने की वजह?
\r\n\r\nपुलिस का मानना है कि आग लगने की प्राथमिक वजह बाइक में हुआ इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट या कोई अन्य तकनीकी खराबी हो सकती है। यह घटना हर वाहन चालक के लिए एक सबक है कि गाड़ी की नियमित सर्विसिंग और वायरिंग की जांच कितनी महत्वपूर्ण है। विकास कुमार की सूझबूझ ने आज उन्हें एक नया जीवन दिया है, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
Sabse pehle comment karne wale banein.