मेरठ, 20 सितंबर, 2025: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में बढ़ते नशे के प्रचलन, खासकर छात्राओं के इसमें लिप्त होने पर कुलाधिपति और प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गहरी चिंता व्यक्त की है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के 37वें दीक्षा समारोह में मेधावियों को सम्मानित करने के बाद राज्यपाल ने युवाओं को नशे से दूर रहने का कड़ा संदेश दिया।READ ALSO:-मेरठ के सलावा में तनाव बरकरार: आधी रात को फिर तोड़ी गई विवादित दीवार, गांव छावनी में तब्दील, भारी पुलिस बल तैनात
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शिक्षण संस्थानों में नशे के प्रमाण और राज्यपाल की चिंता
\r\n\r\nराज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान मिली रिपोर्ट को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि उनकी टीम की जांच में विश्वविद्यालय परिसरों में नशा अधिक देखने को मिला है, जो देश के भविष्य के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि "युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जकड़ती जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री विकसित भारत बनाने में युवाओं के योगदान को सबसे अहम मान रहे हैं।"
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छात्राओं के भी नशे के सेवन में शामिल होने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा, "यदि आज खुद नशे की सामग्रियों का सेवन करेंगी तो कल जब मां बनेंगी तो अपने बच्चों को क्या सिखाएंगी?" उन्होंने सभी विश्वविद्यालय परिसरों को नशामुक्त करने का आह्वान किया।
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नशे से मुक्ति के लिए खास निर्देश
\r\n\r\nCCSU के दीक्षा समारोह में 187 मेधावियों को 245 स्वर्ण पदक प्रदान करने के बाद राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को विशेष निर्देश दिए:
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- \r\n समय-समय पर पूरे परिसर की, विशेषकर छात्रावासों की जांच की जाए।\r\n \r\n
- \r\n नशे की सामग्री मिलने पर विद्यार्थियों को समझाया जाए और चेतावनी दी जाए।\r\n \r\n
- \r\n चिकित्सकों को बुलाकर नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाए और युवा पीढ़ी को इसके सेवन न करने के लिए प्रेरित व जागरूक किया जाए।\r\n \r\n
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महिला सशक्तिकरण और ऑनलाइन गेमिंग पर भी बात
\r\n\r\nनवरात्रि के पहले दिन सभी को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा, "जब माता स्वस्थ होगी, तभी देश का भविष्य स्वस्थ रहेगा।" उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, ताकि 2047 के विकसित भारत में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जा सके।
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उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग के नकारात्मक प्रभावों पर भी चिंता व्यक्त की और युवाओं को इससे सतर्क रहने की सलाह दी। राज्यपाल ने भारतीय पारंपरिक खेलों जैसे कबड्डी और गिल्ली-डंडा को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने का सुझाव दिया, ताकि युवा अपने पारंपरिक खेलों से जुड़ सकें।
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Sabse pehle comment karne wale banein.