मेरठ: उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना, मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अब अंतिम चरणों में पहुंच रहा है। तेज रफ्तार ट्रैफिक के लिए बन रहे इस हाई-टेक हाईवे को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए अब इसके दोनों ओर कंक्रीट की सुरक्षा दीवार बनाने का काम तेज कर दिया गया है, ताकि इस पर किसी भी इंसान या जानवर का प्रवेश रोका जा सके।READ ALSO:-मेरठ में 3 महीने बाद लौटा कोरोना! योगा की छात्रा निकली पॉजिटिव, मेडिकल कॉलेज में हड़कंप
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क्यों जरूरी है यह 'सुरक्षा दीवार'?
\r\n\r\nगंगा एक्सप्रेसवे एक 'प्रवेश प्रतिबंधित' (Access-Controlled) हाईवे है, जिसका मतलब है कि इस पर सिर्फ निर्धारित एंट्री और एग्जिट पॉइंट से ही चढ़ा या उतरा जा सकता है। इस पर वाहनों की गति बहुत तेज होगी, ऐसे में सड़क पर किसी जानवर या इंसान का अचानक आ जाना एक बड़ी और जानलेवा दुर्घटना का कारण बन सकता है। इसी खतरे को खत्म करने के लिए एक्सप्रेसवे के दोनों ओर, मुख्य सड़क और साथ में बनी सर्विस रोड के बीच में, यह दीवार बनाई जा रही है।
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चरणों में काम, डेडलाइन हुई तय
\r\n\r\nएक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य कई चरणों (पैकेज) में बांटा गया है और अब फिनिशिंग के काम की डेडलाइन भी तय कर दी गई है।
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- \r\n पहला चरण (मेरठ से बदायूं): पहले पैकेज में मेरठ से बदायूं तक के 137 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब यहां सुरक्षा दीवार बनाने का काम तेजी से चल रहा है, जिसे निर्माण एजेंसी को 11 अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।\r\n \r\n
- \r\n अन्य चरण: इसके आगे के तीन चरणों का काम भी नवंबर तक पूरा करने का अनुबंध है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है।\r\n \r\n
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अधिकारियों का दावा: समय पर होगा काम
\r\n\r\nगंगा एक्सप्रेसवे की परियोजना क्रियान्वयन इकाई (PIU) के परियोजना अधिकारी, राकेश कुमार ने बताया कि सुरक्षा दीवार का निर्माण पूरे एक्सप्रेसवे पर मेरठ से लेकर प्रयागराज तक दोनों तरफ किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि पहले चरण का काम निर्धारित समय-सीमा, यानी 11 अक्टूबर तक, पूरा कर लिया जाएगा और बाकी चरणों का काम भी समय पर ही पूरा होगा। इस दीवार के बनने के बाद गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर न सिर्फ तेज, बल्कि बेहद सुरक्षित भी हो जाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.