मेरठ: चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश की उन राजनीतिक पार्टियों को अपनी सूची से हटा दिया है, जिन्होंने 2019 के बाद से कोई भी चुनाव नहीं लड़ा। इस कार्रवाई से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों की पार्टियों पर असर पड़ा है, जिसमें मेरठ से छह और आसपास के 22 जिलों से कुल 40 से अधिक दल शामिल हैं।READ ALSO:-गाजियाबाद में पुलिस एनकाउंटर, 2 बदमाश गिरफ्तार: एक के पैर में लगी गोली, मेरठ से दिल्ली तक करते थे वाहन चोरी
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क्यों हुई यह कार्रवाई?
\r\n\r\nइन पार्टियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 और आयकर अधिनियम 1961 के तहत मिलने वाले सभी लाभ अब नहीं मिलेंगे। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही ये छोटे दल चुनाव में सीधे तौर पर नहीं जीत पाते, लेकिन ये जाति और क्षेत्रीय अस्मिता के आधार पर बड़े राजनीतिक दलों की रणनीति को प्रभावित करते हैं। चुनाव आयोग की इस कार्रवाई से ऐसे दलों पर अंकुश लगेगा जो केवल नाम के लिए पंजीकृत थे।
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उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, इन सभी दलों को पंजीकृत सूची से हटाए जाने की सूचना भारत निर्वाचन आयोग को भेज दी गई है।
\r\n\r\nमेरठ और आसपास के जिलों से हटाए गए दल
\r\n\r\nमेरठ जिले से कुल छह राजनीतिक दलों को सूची से हटाया गया है:
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- \r\n आम दल\r\n \r\n
- \r\n अखिल भारतीय लोकतांत्रिक पार्टी\r\n \r\n
- \r\n आम इंडिया रविदास समता पार्टी\r\n \r\n
- \r\n भारत न्याय दल\r\n \r\n
- \r\n राष्ट्रीय बहुजन क्रांति दल\r\n \r\n
- \r\n राष्ट्रीय एकता पार्टी (सेक्युलर)\r\n \r\n
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इसके अलावा, अन्य जिलों से हटाए गए प्रमुख दल इस प्रकार हैं:
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- \r\n सहारनपुर: इंडिया समाधान पार्टी, जनहित विकास पार्टी।\r\n \r\n
- \r\n गाजियाबाद: बहुजन सेना, भारतीय कौटिल्य सेना।\r\n \r\n
- \r\n मुजफ्फरनगर: समाज सेवा पार्टी।\r\n \r\n
- \r\n बिजनौर: राष्ट्रीय महान दल।\r\n \r\n
- \r\n बुलंदशहर: आदर्शवादी दल।\r\n \r\n
- \r\n हापुड़: अखिल भारतीय गरीब पार्टी, प्रजा राज पार्टी, स्वराज (जे), युवा अनुभव पार्टी।\r\n \r\n
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जिन दलों को सूची से हटाया गया है, वे अगले 30 दिनों के भीतर भारत निर्वाचन आयोग में अपील कर सकते हैं।
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Sabse pehle comment karne wale banein.