मेरठ, 02 अक्टूबर, 2025: विजयादशमी के पावन पर्व पर जब पूरा जिला रावण दहन और मेलों के जश्न में डूबा होगा, तब किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड ने 'अग्नि-सुरक्षा' का एक अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया है। जिले के 32 रावण दहन स्थलों को कवर करने के लिए 31 रणनीतिक स्पॉट बनाए गए हैं, जहां शाम से लेकर देर रात तक दमकल की गाड़ियां और कर्मचारी हाई अलर्ट पर रहेंगे।READ ALSO:-धर्म, धोखा और हत्या! 'महामंडलेश्वर' पूजा के इश्क ने ली शोरूम मालिक की जान? पिता बोले- शादी का दबाव बना रही थी
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हर स्तर के लिए अलग और अचूक प्लान
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आतिशबाजी और पटाखों से होने वाले आग के खतरे को देखते हुए दमकल विभाग ने हर आयोजन स्थल के आकार के हिसाब से एक अचूक प्लान बनाया है:
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    बड़े रामलीला स्थल: यहां सबसे ज्यादा भीड़ होती है, इसलिए हर बड़े स्थल पर एक बड़ी दमकल की गाड़ी के साथ चार फायरमैन, एक दरोगा और एक चालक तैनात रहेंगे।
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    मध्यम स्तर के पंडाल: इन स्थानों के लिए एक कैंटर (छोटी गाड़ी) के साथ दो फायरमैन, एक दरोगा और एक चालक की टीम मौजूद रहेगी।
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    छोटे पंडाल: जहां भीड़ कम होती है, वहां भी सुरक्षा में कोई कोताही नहीं होगी। इन जगहों पर दो फायरमैन आधुनिक अग्निशमन उपकरणों के साथ मुस्तैद रहेंगे।
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शाम 4 बजे से देर रात तक 'हाई अलर्ट'
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दमकल विभाग के चीफ फायर ऑफिसर (CFO) ने बताया कि सभी टीमों को दोपहर में ही पंडालों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सुरक्षा मानकों की जांच की जा सके। इसके बाद, शाम 4 बजे से सभी टीमें अपने-अपने ड्यूटी स्पॉट पर तैनात हो जाएंगी और कार्यक्रम की समाप्ति तक वहीं मौजूद रहेंगी।
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CFO खुद करेंगे निगरानी
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पूरी व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी क्षेत्रीय फायर स्टेशन प्रभारियों को दी गई है। इसके अलावा, CFO खुद भी लगातार गश्त पर रहेंगे और स्थिति का जायजा लेते रहेंगे, ताकि किसी भी सूचना पर न्यूनतम समय में सहायता पहुंचाई जा सके। इस महत्वपूर्ण दिन के लिए विभाग ने अपने 100 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को मैदान में उतारा है।
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