मेरठ। मेरठ के विक्टोरिया पार्क में मंगलवार को चल रही स्वामी रामभद्राचार्य की श्रीराम कथा में अचानक हुए हादसे से कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। कथा शुरू हुए अभी करीब आधे घंटे ही हुए थे कि मंच से कुछ ही दूरी पर रखे एसी के आउटपुट यूनिट का कंप्रेसर तेज आवाज के साथ फट गया। इस धमाके के बाद उठे धुएं और तेज शोर ने भक्तों के बीच घबराहट फैला दी।READ ALSO:-देश को मिला नया उपराष्ट्रपति: CP राधाकृष्णन जीते, INDIA ब्लॉक के सुदर्शन रेड्डी को मिले 300 वोट
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कथा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं।

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लेकिन, मौके पर मौजूद फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। एक मिनट के भीतर ही फायर इस्टिंग्यूशर का इस्तेमाल करके आग लगने की आशंका को खत्म कर दिया गया।
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फायर इस्टिंग्यूशर से छिड़काव कर आग लगने से बचा लिया गया।

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हादसे के बाद भी शांत रहे स्वामी
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तेज धमाके की आवाज सुनकर स्वामी रामभद्राचार्य ने शांत भाव से पूछा, "क्या हुआ?" जब उन्हें घटना की जानकारी दी गई और बताया गया कि हालात नियंत्रण में हैं, तो वे अविचलित रहे। करीब 20 मिनट के संक्षिप्त विराम के बाद, कथा को दोबारा शुरू किया गया, जिससे भक्तों ने राहत की सांस ली।
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भगवान राम की महिमा का वर्णन
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हादसे के बाद जब कथा दोबारा शुरू हुई, तो स्वामी रामभद्राचार्य ने अपनी वाणी से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि आज वे अपनी 1406वीं श्रीराम कथा का प्रारंभ कर रहे हैं, और उनके पास सात दिनों का समय है।
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उन्होंने भगवान राम के स्वरूप को समझाते हुए कहा कि वे 'अवतार और अवतारी' दोनों हैं। भगवान राम ने अपनी शक्ति से रावण जैसी आसुरी शक्तियों को हराया और अपने सहज स्वभाव से आम जनता के मन में अपना स्थान बनाया। स्वामी जी ने मेरठ की भूमि का भी सम्मान किया और कहा कि यह वही धरती है, जहां से मंगल पांडेय ने स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी जलाई थी। रामकथा 8 से 16 सितंबर तक चलेगी।
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