मेरठ में एक नर्स पर एसिड अटैक की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी महेंद्र को मुठभेड़ (एनकाउंटर) के बाद गिरफ्तार कर लिया है। बदला लेने की आग में झुलसे पूर्व बॉयफ्रेंड महेंद्र ने महज 2,000 रुपये देकर एक नाबालिग किशोर से नर्स पर तेजाब फिकवाया था। पुलिस की कार्रवाई में महेंद्र के पैर में गोली लगी, जिसके बाद घायल अवस्था में वह रोते हुए अपनी गलती स्वीकार करता दिखा।READ ALSO:-बिजनौर के बढ़ापुर में गुलदार का आतंक: एक ही रात में दो बछड़ों को बनाया शिकार
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CCTV फुटेज से खुली साजिश की परतें: नाबालिग ने दिया महेंद्र का नाम
\r\n\r\n23 सितंबर की शाम, लोहियानगर टेंपो स्टैंड के पास हुई इस वारदात ने सबको चौंका दिया था। पुलिस ने शुरुआत में नर्स की बेटी के बॉयफ्रेंड पर शक किया, लेकिन CCTV फुटेज ने जांच की दिशा बदल दी। फुटेज में एक संदिग्ध नाबालिग लड़का दिखा, जिसे ट्रेस करने के बाद पुलिस ने धर दबोचा।
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नाबालिग का कबूलनामा:
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- \r\n उसने बताया कि महेंद्र ने उसे एक महिला पर 'कुछ फेंकने' के लिए ₹2000 दिए थे, लेकिन यह नहीं बताया कि बोतल में तेजाब है।\r\n \r\n
- \r\n महेंद्र ने उसे नर्स की तस्वीर दिखाई और उसके रोज के रूटीन की रेकी कराई।\r\n \r\n
- \r\n अटैक से दो दिन पहले ही कोल्डड्रिंक की बोतल में तेजाब भरकर घटनास्थल के पास घास में छिपा दिया गया था।\r\n \r\n
- \r\n नाबालिग ने बताया कि अटैक के वक्त महेंद्र कुछ दूरी पर बाइक के साथ खड़ा था, ताकि वह तेजाब फेंकने के तुरंत बाद भाग सके।\r\n \r\n
- \r\n हमले के दौरान तेजाब नाबालिग के हाथ पर भी गिरा था, जिसका इलाज महेंद्र ने ही हापुड़ रोड के एक अस्पताल में कराया था।\r\n \r\n
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धर्म की दीवार से शुरू, ब्रेकअप से खत्म: 6 साल पुराना था अफेयर
\r\n\r\nपुलिस पूछताछ और महेंद्र के कबूलनामे से इस 'तेजाबी बदले' की खौफनाक कहानी सामने आई।
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- \r\n किराएदार-मकान मालिक से प्रेम: महेंद्र (हिंदू) और नर्स (रुखसाना, मुस्लिम) का अफेयर करीब 6 साल पहले तब शुरू हुआ, जब नर्स अपने पति और बच्चों के साथ महेंद्र के मकान में किराए पर रहती थी। नर्स के पति की कम आय के कारण वह परेशान रहती थी और इसी दौरान दोनों में नज़दीकियाँ बढ़ीं।\r\n \r\n
- \r\n धार्मिक और पारिवारिक टकराव: उनके अलग-अलग धर्म होने के कारण यह संबंध परिवार और समाज को मंज़ूर नहीं था। नर्स के पति ने समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं मानी तो पति ने मकान बदलकर लोहियानगर में रहना शुरू कर दिया और नर्स ने महेंद्र से बातचीत पूरी तरह बंद कर दी।\r\n \r\n
- \r\n बदले की आग: महेंद्र को यह दूरी बर्दाश्त नहीं हुई। जब उसे पता चला कि नर्स अब किसी दूसरे लड़के से बातचीत कर रही है, तो गुस्से में आकर उसने नर्स की हत्या नहीं, बल्कि उसे जिंदगी भर परेशान करने के लिए एसिड अटैक कराने की साजिश रची।\r\n \r\n
- \r\n मासूमियत का फायदा: महेंद्र ने सोचा कि नाबालिग हमलावर पर किसी को शक नहीं होगा और वह आसानी से बच निकलेगा, इसलिए उसने एक किशोर को चुना।\r\n \r\n
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पुलिस ने किया घेराव, फायरिंग के बाद हुई गिरफ्तारी
\r\n\r\nनाबालिग से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की चार टीमों ने महेंद्र की तलाश शुरू की।
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- \r\n जलालपुर रोड पर पुलिस ने महेंद्र को घेर लिया।\r\n \r\n
- \r\n महेंद्र ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसका जवाब पुलिस ने दिया।\r\n \r\n
- \r\n जवाबी कार्रवाई में महेंद्र के दाएं पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।\r\n \r\n
- \r\n गिरफ्तारी के बाद जारी वीडियो में महेंद्र रोता हुआ दिखा और बार-बार 'गलती हो गई, माफ़ कर दो' कहता रहा।\r\n \r\n
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नाबालिग को क्यों चुना?
\r\n\r\nपुलिस जांच में पता चला कि महेंद्र ने यह जघन्य कार्य करने के लिए एक नाबालिग को इसलिए चुना, क्योंकि उसे लगा कि एक बच्चे को पुलिस आसानी से नहीं पकड़ेगी और वह खुद साफ बच जाएगा।
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पूरी घटना का खुलासा करने के लिए एसपी सिटी के निर्देशन में 4 टीमें सीसीटीवी, सर्विलांस और कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर काम कर रही थीं, जिनकी बदौलत पहले नाबालिग और फिर मुख्य आरोपी महेंद्र को गिरफ्तार किया जा सका।
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पुलिस ने महेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराया है, जबकि नाबालिग आरोपी को भी हिरासत में ले लिया गया है। नर्स का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है।
Sabse pehle comment karne wale banein.