उत्तर प्रदेश के मेरठ में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले 70 वर्षीय एहसान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी थाने से कान पकड़कर और ल
Published at : 30 May 2026, 09:16 AM
Updated at : 10 Sep 2026, 02:30 AM
विज्ञापन
विज्ञापन
70 year old arrested in meerut for derogatory remarks on cm yogi
मेरठ (क्राइम डेस्क): उत्तर प्रदेश में संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी करने वालों पर योगी सरकार की पुलिस का सख्त एक्शन लगातार जारी है। सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने या किसी खास समुदाय को खुश करने के लिए दिए गए भड़काऊ बयान अब सीधा जेल का रास्ता दिखा रहे हैं। ताजा मामला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से सामने आया है, जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi), केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले एक 70 वर्षीय बुजुर्ग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।Read also:-भीषण गर्मी और बिजली किल्लत के बीच बड़ा 'करंट', UP में 10% महंगी हुई बिजली; जून से जेब होगी और ढीली
\r\n\r\n
\r\n\r\n
गिरफ्तारी के बाद आरोपी का जो वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें उसकी सारी हेकड़ी गुम नजर आ रही है। भड़काऊ बयान देते समय जो शख्स खुद को बेहद निडर दिखा रहा था, वही शख्स पुलिस कस्टडी में कान पकड़कर माफी मांगता और लंगड़ाता हुआ दिखाई दिया।
\r\n\r\n\r\n
विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ विवाद?
\r\n\r\n
यह पूरा विवाद 28 मई (बकरीद वाले दिन) का है। जानकारी के अनुसार, मेरठ के रेलवे रोड थाना क्षेत्र स्थित ईदगाह से नमाज के बाद बाहर निकलते समय एक शख्स ने मीडियाकर्मियों के कैमरों के सामने भड़काऊ और अभद्र बयानबाजी शुरू कर दी।
"ये हमसे वंदे मातरम के लिए कह रहे हैं। अल्लाह बड़ा है। मोदी-शाह बड़े नहीं हैं। योगी बड़े नहीं हैं। ये महाराज कहां के हैं? इन पर कई मुकदमे चल रहे हैं।"
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
जब आरोपी यह भड़काऊ और अपमानजनक बातें कह रहा था, तब उसके पीछे 10 से 12 लोगों की भीड़ खड़ी थी, जो उसे रोकने के बजाय उसके बयानों पर ठहाके लगाकर हंस रही थी और उसका हौसला बढ़ा रही थी।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
वीडियो वायरल होते ही एक्शन में आई पुलिस
\r\n\r\n
इस भड़काऊ बयानबाजी का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मेरठ पुलिस (Meerut Police) तुरंत हरकत में आ गई। पुलिस ने बिना समय गंवाए वीडियो का संज्ञान लिया और साइबर सेल व लोकल इंटेलिजेंस की मदद से आरोपी की शिनाख्त शुरू कर दी।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
जांच में पता चला कि वीडियो में दिख रहा 70 वर्षीय शख्स देहली गेट इलाके का रहने वाला है और इसका नाम एहसान है। पेशे से एहसान एक स्क्रैप (कबाड़) का कारोबारी है।
\r\n\r\n
\r\n
उक्त प्रकरण में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का संज्ञान लेते हुए वीडियो में संवैधानिक पदों पर बैठे सम्मानित व्यक्तियों के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी करने वाले व्यक्ति व उकसाने वाले अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है व उक्त व्यक्ति को पुलिस हिरासत… pic.twitter.com/A0Yuioba2i
29 मई (शुक्रवार) की शाम को पुलिस ने एहसान के देहली गेट स्थित आवास पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर रेलवे रोड थाने ले आई। पुलिस की गाड़ी में बैठते ही आरोपी का सारा गुरूर टूट गया।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
थाने के भीतर का जो नजारा था, वह वायरल वीडियो से बिल्कुल उलट था। पुलिस के सामने आरोपी अपने कान पकड़कर बार-बार गिड़गिड़ाता रहा। पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने उसकी क्लास लगाई, तो उसने कहा कि उसने "तैश में आकर (गुस्से में) नफरती भाषा का इस्तेमाल कर दिया था, उससे बहुत बड़ी गलती हो गई।"
\r\n\r\n
\r\n\r\n
लंगड़ाते हुए आया बाहर:
\r\n\r\n
पुलिस जब मीडिया को ब्रीफ करने के लिए आरोपी एहसान को थाने से बाहर लेकर आई, तो वह सीधा चल भी नहीं पा रहा था। वह लंगड़ा कर चलता हुआ दिखाई दिया। उसने कैमरे और पुलिसकर्मियों के सामने अपने दोनों हाथ कानों पर रख लिए और सिर झुका कर माफी मांगते हुए कहा— "गलती हो गई साहब, अब भविष्य में ऐसी गलती कभी नहीं होगी।" (शनिवार को पुलिस द्वारा आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा)।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
क्या कहती है पुलिस?
\r\n\r\n
इस पूरे प्रकरण पर मेरठ पुलिस का रुख बेहद सख्त है। सीओ कैंट (CO Cantt) नवीना शुक्ला ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:
\r\n\r\n
\r\n\r\n
\r\n
"29 मई को हमारे संज्ञान में एक वीडियो आया था। इस वीडियो में सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने के उद्देश्य से संवैधानिक पदों पर बैठे सम्मानित व्यक्तियों के खिलाफ अभद्र और अशोभनीय टिप्पणी की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस टीमों का गठन किया गया। जांच के बाद आरोपी एहसान को गिरफ्तार कर लिया गया है और सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।"
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
मामले के मुख्य तथ्य (एक नज़र में):
\r\n\r\n
\r\n \r\n
\r\n
\r\n
विवरण
\r\n
\r\n
\r\n
जानकारी
\r\n
\r\n
\r\n \r\n \r\n
\r\n
\r\n
आरोपी का नाम
\r\n
\r\n
\r\n
एहसान (उम्र 70 वर्ष)
\r\n
\r\n
\r\n
\r\n
\r\n
पेशा / निवास
\r\n
\r\n
\r\n
स्क्रैप कारोबारी / देहली गेट, मेरठ
\r\n
\r\n
\r\n
\r\n
\r\n
घटना का दिन
\r\n
\r\n
\r\n
28 मई (बकरीद के दिन)
\r\n
\r\n
\r\n
\r\n
\r\n
गिरफ्तारी का दिन
\r\n
\r\n
\r\n
29 मई (शुक्रवार शाम)
\r\n
\r\n
\r\n
\r\n
\r\n
आरोप
\r\n
\r\n
\r\n
पीएम, गृह मंत्री और सीएम पर अभद्र टिप्पणी, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना
\r\n
\r\n
\r\n \r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
फ्लैशबैक: जब CM योगी की मां को अपशब्द कहने वाला मौलाना भी लंगड़ाता दिखा था
\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश में भड़काऊ बयानबाजी करने वालों का पुलिस द्वारा लंगड़ाते हुए थाने से बाहर आना कोई नई बात नहीं है। 'यूपी पुलिस' का यह खौफ इससे पहले भी देखा जा चुका है।
\r\n\r\n
मार्च के महीने में सीएम योगी आदित्यनाथ की माता जी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल सलीम चतुर्वेदी का भी यही हाल हुआ था।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
\r\n
\r\n
यूपी एसटीएफ का एक्शन: मौलाना अब्दुल सलीम को यूपी एसटीएफ (UP STF) ने बिहार के पूर्णिया से धर दबोचा था।
\r\n
\r\n
\r\n
लंगड़ाता हुआ मौलाना: जब बहराइच पुलिस उसे कोतवाली से जेल ले जा रही थी, तो मौलाना भी लंगड़ाता और झुककर चलता दिखा था। स्थिति यह थी कि पुलिसकर्मियों को उसे सहारा देकर चलाना पड़ रहा था।
\r\n
\r\n
\r\n
हाथ जोड़कर मांगी थी माफी: मौलाना का भी एक वीडियो सामने आया था जिसमें उसने हाथ जोड़कर कहा था— "भाषण के दौरान मेरी जुबान से कुछ आपत्तिजनक बातें निकल गई थीं। इसके लिए मैं सीएम और उनकी मां से दिल से माफी मांगता हूं।"
\r\n
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
यह घटना 5 मई 2024 को बिहार के भागलपुर (मीरान चक इलाके) में हुए एक तालीमी सम्मेलन की थी, जिसका वीडियो 6 मार्च को वायरल हुआ था। इसके बाद वीएचपी (VHP) और अन्य हिंदूवादी संगठनों ने बहराइच और बलरामपुर में मुकदमे दर्ज कराए थे।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
मेरठ के एहसान और बहराइच के मौलाना का मामला यह स्पष्ट संदेश देता है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने या संवैधानिक गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले बयानों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भड़काऊ बयान देकर समाज में नफरत फैलाने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि सोशल मीडिया का अस्थाई 'फेम' उन्हें पुलिस की सख्त कार्रवाई और जेल की सलाखों से नहीं बचा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Khabreelal को Support करें
अपनी इच्छा के अनुसार सहयोग करें और हमें निष्पक्ष, स्थानीय एवं जनहित की खबरें लगातार आप तक पहुंचाने में मदद करें।
Sabse pehle comment karne wale banein.