मेरठ: दरवाजे के उस पार मौत दस्तक दे रही थी, और इस पार वर्दी में खड़ा एक सिपाही वक्त से लड़ रहा था। सवाल सिर्फ एक दरवाजे का नहीं, एक जिंदगी का था... एक माँ की जान का था। मेरठ के परतापुर इलाके में गुरुवार की शाम कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहां घरेलू कलह के चलते एक महिला अपनी जान देने पर तुली थी, लेकिन मेरठ पुलिस के जांबाज सिपाही ने फिल्मी अंदाज में दरवाजा तोड़कर उसे मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।READ ALSO:-चारधाम यात्रा 2025 समापन की ओर: बद्रीनाथ-केदारनाथ समेत चारों धामों के कपाट बंद होने की तिथियां घोषित, इस साल टूटा श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड
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खिड़की से भतीजी ने देखा वो खौफनाक मंजर
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कहानी शुरू होती है अछरौड़ा मोड़ पर रहने वाली कशिश (28) से। पति नौशाद से हुए झगड़े के बाद उसने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। घरवाले दरवाजा पीटते रहे, लेकिन उसने नहीं खोला। तभी, कशिश की भतीजी रेणुका ने खिड़की से झाँका तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने देखा कि उसकी चाची फांसी का फंदा तैयार कर रही है। रेणुका की चीख ने घर में कोहराम मचा दिया।
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 इसी कमरे में महिला सुसाइड करने जा रही थी।

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डायल 112 की कॉल पर दौड़ी जिंदगी की गाड़ी
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बिना एक पल गंवाए, रेणुका ने कांपते हाथों से डायल 112 पर फोन किया। दूसरी तरफ से फोन उठते ही पुलिस की गाड़ी जिंदगी बचाने के मिशन पर निकल पड़ी। रास्ते में टीम लगातार कशिश को फोन करती रही, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। हर बजती हुई घंटी के साथ धड़कनें तेज हो रही थीं। घड़ी की सुइयां तेजी से घूम रही थीं और ठीक 3 मिनट में पुलिस की गाड़ी मौके पर थी।
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'दरवाजा तोड़ दो, वक्त नहीं है!' - एक सिपाही का फैसला
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पुलिस ने देखा कि दरवाजा अंदर से मजबूती से बंद था और अंदर से कोई आवाज नहीं आ रही थी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कॉन्स्टेबल नवीन ने एक सेकंड भी बर्बाद नहीं किया। उन्होंने एक जोरदार लात दरवाजे पर मारी और कुंडी टूटकर अलग जा गिरी। जैसे ही टीम अंदर घुसी, कशिश फंदे पर झूलने ही वाली थी। पुलिसकर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और उसकी जान बचा ली।
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क्या थी झगड़े की असली जड़?
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जब माहौल शांत हुआ तो झगड़े की वजह सामने आई।
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    कशिश का आरोप: पीड़िता कशिश ने रोते हुए बताया कि उसका पति और ससुराल वाले उसे घर से निकालना चाहते हैं और आए दिन मारपीट करते हैं। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया।
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    ससुराल का पक्ष: वहीं, ससुराल वालों का कहना था कि कशिश उनके साथ किराए के मकान में नहीं रहना चाहती। वह अपना अलग मकान खरीदने की जिद पर अड़ी है और इसी बात को लेकर घर में रोज कलह होती है।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पुलिस ने पति-पत्नी की काउंसलिंग की। उनकी एक साल की बेटी का वास्ता देकर दोनों को समझाया और शांति से जीवन बिताने की सलाह देकर घर भेज दिया। पुलिस की इस सूझबूझ और जांबाजी ने एक घर को बिखरने से बचा लिया।
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