मेरठ (क्राइम रिपोर्टर): क्या आप अपनी रसोई में जिस प्रेशर कुकर में दाल पका रहे हैं या जिस गैस चूल्हे पर रोटियां बना रहे हैं, वह असली है? या फिर आप अनजाने में किसी 'बम' का इस्तेमाल कर रहे हैं? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि मेरठ पुलिस (Meerut Police) ने एक ऐसे काले कारोबार का पर्दाफाश किया है, जो चंद रुपयों के मुनाफे के लिए आपकी जान दांव पर लगा रहा था।READ ALSO:-महाशिवरात्रि पर आस्था पर भारी पड़ी मिलावट: मेरठ और हापुड़ में 'जहर' बना कुट्टू का आटा; 28 लोग अस्पताल में भर्ती, प्रशासन में हड़कंप
\r\n\r\n\r\n\r\n
अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष महाभियान के तहत, मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी पुलिस और SWAT टीम ने मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए नकली घरेलू सामान बनाने वाले एक बड़े सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। यह गिरोह नामचीन ब्रांड्स जैसे LG, Surya और Gold Star का लोगो (Logo) लगाकर बेहद घटिया क्वालिटी के मिक्सर, गैस चूल्हे और प्रेशर कुकर बाजार में खपा रहा था।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nथाना ब्रहमपुरी व SWAT टीम नगर की संयुक्त कार्रवाई में कुटरचित तरीके से नामचीन कंपनी का लोगो लगाकर नकली घरेलू सामान बनाकर बिक्री करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से भारी मात्रा में नकली सामान बरामद।#UPPolice #MeerutPolice pic.twitter.com/LZvxYKXGHJ
\r\n— MEERUT POLICE (@meerutpolice) February 17, 2026
\r\n\r\n
पुलिस की इस छापेमारी ने न केवल एक बड़े आर्थिक अपराध को रोका है, बल्कि संभावित रूप से सैकड़ों घरों में होने वाले हादसों को भी टाल दिया है।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
गुप्त सूचना और पुलिस की 'सर्जिकल स्ट्राइक'
\r\n\r\nमेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे 'जीरो टॉलरेंस' अभियान के तहत पुलिस को मुखबिर से एक सटीक सूचना मिली थी। सूचना थी कि ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में एक मकान के अंदर चोरी-छिपे एक अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही है, जहाँ दिन-रात मशीनों की गूंज के बीच 'धोखाधड़ी' का सामान तैयार किया जा रहा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
संयुक्त टीम का गठन: सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया। इसमें ब्रह्मपुरी थाने के तेज-तर्रार उप-निरीक्षक (SI) अमित कुमार, दिनेश कुमार, ऋषिकान्त, वैभव और SWAT टीम के प्रभारी मनीष शर्मा अपनी टीम के साथ शामिल हुए।
\r\n\r\n\r\n\r\n
टीम ने सुनियोजित तरीके से घेराबंदी की और मौके पर दबिश दी। वहां का नजारा देखकर पुलिस भी दंग रह गई। बाहर से साधारण दिखने वाले मकान के अंदर एक पूरी 'इंडस्ट्रियल यूनिट' चल रही थी, जहाँ नकली सामानों का अंबार लगा हुआ था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
आरोपी इंतजार: बागपत का शातिर दिमाग
\r\n\r\nपुलिस ने मौके से मुख्य अभियुक्त इंतजार (निवासी बागपत) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला है कि इंतजार इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड है। वह बागपत से आकर मेरठ में अपना नेटवर्क चला रहा था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मोडस ऑपरेंडी (अपराध का तरीका): इंतजार का तरीका बेहद शातिर था। वह बाजार से बेहद सस्ती और रद्दी क्वालिटी का सामान (Raw Material) खरीदता था। इसके बाद अपनी फैक्ट्री में मशीनों के जरिए उन पर फिनिशिंग करता और फिर LG, Surya जैसी बड़ी कंपनियों के हूबहू दिखने वाले स्टिकर (Chit) चिपका देता।
\r\n\r\n\r\n\r\n
ग्राहक ब्रांड का नाम देखकर भरोसा कर लेते थे और भारी कीमत चुकाकर अपने घर 'मौत का सामान' ले जाते थे। यह सामान न केवल मेरठ, बल्कि आसपास के जिलों और ग्रामीण इलाकों के छोटे दुकानदारों को सप्लाई किया जाता था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बरामदगी: पुलिस को मिला 'नकली सामान का जखीरा'
\r\n\r\nछापेमारी के दौरान पुलिस ने जो सामान बरामद किया है, उसकी सूची बेहद लंबी और चौंकाने वाली है। यह सामान इतना ज्यादा था कि इसे थाने तक लाने के लिए पुलिस को लोडर का इंतजाम करना पड़ा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बरामद माल की सूची:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n 192 मिक्सर और कुकर: तैयार हालत में मिले, जिन पर ब्रांडेड कंपनियों के लोगो लगे थे।\r\n \r\n
- \r\n फर्जी स्टिकर (Labels):\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n LG जूसर मिक्सर: 728 फर्जी चिट/स्टिकर।\r\n \r\n
- \r\n Surya गैस स्टोव: 178 फर्जी प्रिंटिंग स्टिकर।\r\n \r\n
- \r\n Gold Star: 846 फर्जी स्टिकर।\r\n \r\n
\r\n - \r\n
- \r\n Gold Star प्रेशर कुकर: 48 पीस (तैयार)।\r\n \r\n
- \r\n मशीनरी: फैक्ट्री के अंदर से मैन्युफैक्चरिंग मशीनें, हेवी ड्यूटी ड्रिल मशीन, खराद मशीन (Lathe Machine), हाइड्रोलिक मशीन, कुकर के ढक्कन बनाने की डाई और इलेक्ट्रिक कांटा बरामद हुआ है।\r\n \r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
यह बरामदगी साबित करती है कि यह काम छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि एक संगठित उद्योग (Organized Crime) की तरह चल रहा था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सुरक्षा से खिलवाड़: क्यों खतरनाक हैं ये नकली कुकर?
\r\n\r\nपुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल कॉपीराइट उल्लंघन या धोखाधड़ी का नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर जनता की जान से खिलवाड़ है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
तकनीकी खतरा:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n प्रेशर कुकर: असली प्रेशर कुकर BIS (Bureau of Indian Standards) के मानकों पर बनते हैं। उनका धातु (Metal) उच्च गुणवत्ता का होता है जो उच्च दबाव (High Pressure) झेल सकता है। लेकिन, इंतजार की फैक्ट्री में बन रहे कुकर रद्दी एल्युमीनियम से बने थे।\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n खतरा: ऐसे कुकर का प्रेशर वाल्व (Safety Valve) अक्सर काम नहीं करता। खाना पकाते समय ये कुकर फट सकते हैं, जो किसी बम धमाके से कम नहीं होता। इससे रसोई में मौजूद व्यक्ति की जान जा सकती है या वह गंभीर रूप से जल सकता है।\r\n \r\n
\r\n - \r\n
- \r\n गैस स्टोव: नकली गैस चूल्हों में इस्तेमाल होने वाली पाइप और नोजल बेहद घटिया क्वालिटी के थे।\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n खतरा: गैस लीक होने और आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है।\r\n \r\n
\r\n - \r\n
\r\n\r\n
एक तरह से, आरोपी इंतजार मुनाफा कमाने के लिए लोगों के घरों में 'टाइम्ड बम' भेज रहा था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
कानूनी शिकंजा: BNS-2023 की नई धाराओं में नपेगा आरोपी
\r\n\r\nचूंकि अब देश में भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023) लागू है, इसलिए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बेहद सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
दर्ज मुकदमा: थाना ब्रह्मपुरी में मु.अ.सं. 84/2026 पंजीकृत किया गया है। आरोपी पर निम्नलिखित धाराएं लगाई गई हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n धारा 318(4): धोखाधड़ी और बेईमानी (Cheating)।\r\n \r\n
- \r\n धारा 338: जालसाजी (Forgery) या जाली दस्तावेजों/चिह्नों का उपयोग।\r\n \r\n
- \r\n धारा 336(3): दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना (Endangering life)।\r\n \r\n
- \r\n धारा 340(2): नकली सामान बनाना और बेचना।\r\n \r\n
- \r\n धारा 125: जल्दबाजी या लापरवाही से ऐसा कार्य करना जिससे मानव जीवन को खतरा हो।\r\n \r\n
\r\n\r\n
ये धाराएं गैर-जमानती और गंभीर प्रकृति की हैं, जिससे आरोपी को आसानी से बेल मिलना मुश्किल होगा। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन शामिल है और यह माल किन-किन दुकानों पर सप्लाई किया गया था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उपभोक्ता जागरूकता: असली और नकली में कैसे करें फर्क?
\r\n\r\nइस घटना के बाद बाजार में डर का माहौल है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सामान खरीदते समय सतर्क रहें। यहाँ कुछ तरीके दिए गए हैं जिनसे आप असली और नकली की पहचान कर सकते हैं:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n ISI मार्क और हॉलमार्क: प्रेशर कुकर और गैस स्टोव खरीदते समय हमेशा ISI मार्क चेक करें। नकली सामान पर ISI मार्क अक्सर धुंधला होता है या उसका नंबर गलत होता है।\r\n \r\n
- \r\n BIS Care App: अपने मोबाइल में 'BIS Care App' डाउनलोड करें। प्रोडक्ट पर लिखे ISI नंबर को ऐप में डालें। अगर प्रोडक्ट असली है, तो ऐप पर निर्माता का पूरा विवरण आ जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n बिल (Invoice): हमेशा पक्का जीएसटी बिल (GST Bill) मांगें। नकली सामान बेचने वाले अक्सर कच्चा बिल या सादे कागज पर हिसाब देते हैं।\r\n \r\n
- \r\n कीमत (Price): अगर कोई दुकानदार आपको ब्रांडेड सामान बहुत ज्यादा छूट (Heavy Discount) पर दे रहा है, तो सतर्क हो जाएं। बहुत सस्ता सामान अक्सर नकली होता है।\r\n \r\n
- \r\n फिनिशिंग और वजन: ब्रांडेड कुकर भारी होते हैं और उनकी फिनिशिंग स्मूथ होती है। नकली कुकर हल्के होते हैं और उनके किनारे (Edges) खुरदरे हो सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n वारंटी कार्ड: असली प्रोडक्ट के साथ सीरियल नंबर वाला वारंटी कार्ड आता है। नकली के साथ या तो कार्ड नहीं होता या उस पर फर्जी नंबर होते हैं।\r\n \r\n
\r\n\r\n
पुलिस की पीठ थपथपाई
\r\n\r\nमेरठ के जागरूक नागरिकों और व्यापार मंडल ने ब्रह्मपुरी पुलिस और स्वाट टीम की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे माफियाओं के खिलाफ बुलडोजर जैसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि ये लोग समाज के दुश्मन हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सराहनीय टीम: इस सफल ऑपरेशन में उ.नि. अमित कुमार, उ.नि. दिनेश कुमार, उ.नि. ऋषिकान्त, उ.नि. वैभव और स्वाट प्रभारी मनीष शर्मा की भूमिका अहम रही। एसएसपी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
लालच पर लगाम जरूरी
\r\n\r\nमेरठ के ब्रह्मपुरी में हुआ यह भंडाफोड़ एक चेतावनी है। एक तरफ जहां पुलिस को अपनी निगरानी और सख्त करनी होगी, वहीं दूसरी तरफ कंपनियों को भी अपने ब्रांड की सुरक्षा के लिए बाजार में औचक निरीक्षण करने चाहिए।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सबसे बड़ी जिम्मेदारी हम उपभोक्ताओं की है। चंद पैसे बचाने के चक्कर में हम अक्सर पटरी या गैर-भरोसेमंद दुकानों से सामान खरीद लेते हैं। याद रखें, एक नकली कुकर आपके कुछ सौ रुपये बचा सकता है, लेकिन वह आपके परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन भी सकता है।
\r\n\r\nजागो ग्राहक जागो!
\r\n\r\n(नोट: यह न्यूज़ रिपोर्ट 17 फरवरी 2026 की पुलिस कार्रवाई और FIR संख्या 84/2026 पर आधारित है।)
Sabse pehle comment karne wale banein.