नई दिल्ली: बढ़ते साइबर अपराध और मोबाइल चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और सख्त कदम उठाया है। अब आपके स्मार्टफोन की सुरक्षा (Smartphone Security) और भी मजबूत होने वाली है। सरकार ने भारत में मोबाइल बनाने वाली सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने हर हैंडसेट में संचार साथी ऐप (Sanchar Saathi App) को पहले से इंस्टॉल (Pre-install) करके दें।READ ALSO:-1 जनवरी से बदल जाएगी आपकी डिजिटल बैंकिंग: RBI ने जारी किए 7 नए 'मास्टर' नियम; अब ऑनलाइन फ्रॉड करना होगा नामुमकिन!
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सबसे खास बात यह है कि इस ऐप को फोन के सिस्टम का हिस्सा बनाया जाएगा, यानी यूजर चाहकर भी इसे न तो डिलीट कर सकेगा और न ही डिसेबल कर सकेगा। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य नकली IMEI नंबरों और क्लोन किए गए फोन्स के जरिए होने वाले साइबर घोटालों को रोकना है।
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90 दिन की डेडलाइन: कंपनियों के लिए सख्त निर्देश
\r\n\r\nदूरसंचार विभाग (DoT) ने 28 नवंबर को जारी अपने निर्देश में स्मार्टफोन निर्माताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है। सरकार ने एप्पल (Apple), सैमसंग (Samsung), वीवो, ओप्पो और शाओमी जैसी दिग्गज कंपनियों को 90 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
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- \r\n नए फोन के लिए: अगले तीन महीनों के बाद मार्केट में आने वाले हर नए स्मार्टफोन में संचार साथी ऐप पहले से मौजूद होना चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n पुराने फोन के लिए: जो डिवाइस पहले से बाजार में हैं या लोगों के पास हैं, उनके लिए कंपनियों को 'सॉफ्टवेयर अपडेट' (Software Update) जारी करना होगा, जिसके जरिए यह ऐप अपने आप इंस्टॉल हो जाएगा।\r\n \r\n
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सरकार का मानना है कि साइबर सुरक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है, इसलिए यह आदेश कुछ कंपनियों को निजी तौर पर भेजा गया है।
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क्या Apple मानेगा सरकार का आदेश?
\r\n\r\nसरकार का यह फरमान टेक दिग्गज Apple के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। एप्पल अपनी 'प्राइवेसी पॉलिसी' को लेकर काफी सख्त रहता है और अपने डिवाइसेज में थर्ड-पार्टी ऐप्स या सरकारी ऐप्स को प्री-इंस्टॉल करने का विरोध करता आया है। कंपनी का नियम है कि उसके फोन में केवल उसके अपने प्रोपाइटरी ऐप्स ही इनबिल्ट होते हैं।
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भारत में लगभग 735 मिलियन स्मार्टफोन यूजर हैं, जिनमें से करीब 4.5% एप्पल (iPhone) यूजर हैं, जबकि बाकी बड़ा हिस्सा एंड्रॉयड का है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि संचार साथी ऐप को लेकर एप्पल और सरकार के बीच क्या सहमति बनती है।
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कैसे काम करता है संचार साथी ऐप?
\r\n\r\nयह ऐप आम जनता के लिए किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है। हर मोबाइल में एक यूनिक 14 से 17 डिजिट का IMEI नंबर होता है। जालसाज अक्सर चोरी के फोन का IMEI नंबर बदल देते हैं या एक ही IMEI पर सैकड़ों फोन चलाते हैं। संचार साथी ऐप इसी फर्जीवाड़े को पकड़ता है।
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इस ऐप के प्रमुख फीचर्स:
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- \r\n फोन ब्लॉक करना: अगर आपका फोन चोरी हो जाए या खो जाए, तो आप इस ऐप के जरिए उसे तुरंत ब्लॉक कर सकते हैं, जिससे चोर उसका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।\r\n \r\n
- \r\n IMEI वेरिफिकेशन: पुराना फोन खरीदते समय आप चेक कर सकते हैं कि कहीं उसका IMEI ब्लैकलिस्टेड तो नहीं है।\r\n \r\n
- \r\n संदिग्ध कॉल रिपोर्ट: स्पैम या फ्रॉड कॉल की रिपोर्टिंग सीधे इसी ऐप से की जा सकेगी।\r\n \r\n
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आंकड़ों के मुताबिक, इस ऐप ने अब तक 3.7 मिलियन से ज्यादा चोरी हुए फोन ब्लॉक करने में मदद की है। अकेले अक्टूबर महीने में इस ऐप की मदद से 50,000 फोन रिकवर किए गए हैं।
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OTT ऐप्स और सिम कार्ड के लिए भी नए नियम
\r\n\r\nस्मार्टफोन के अलावा, DoT ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे OTT ऐप्स के लिए भी सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है। नए निर्देशों के मुताबिक:
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- \r\n सिम बाइंडिंग: अब OTT ऐप्स को यूजर अकाउंट बनाते समय इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड से लिंक (Bind) रहना होगा।\r\n \r\n
- \r\n लॉगिन नियम: अगर कोई यूजर एक से अधिक डिवाइस पर लॉगिन करता है, तो सुरक्षा के लिहाज से हर 6 घंटे में उसे ऑटोमैटिक लॉगआउट कर दिया जाएगा। दोबारा लॉगिन के लिए QR कोड स्कैन करना होगा।\r\n \r\n
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डिपार्टमेंट ने सभी टेलीकॉम आइडेंटिफायर यूजर एंटिटी (TIUEs) को इन नियमों का पालन करने और 120 दिनों के भीतर रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है।
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सरकार द्वारा संचार साथी ऐप को अनिवार्य करना डिजिटल इंडिया की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल मोबाइल चोरी पर लगाम लगेगी, बल्कि बैंकिंग फ्रॉड और डेटा चोरी जैसे अपराधों में भी कमी आएगी। हालांकि, एप्पल जैसी कंपनियों के साथ सामंजस्य बैठाना और यूजर की प्राइवेसी को संतुलित रखना सरकार के लिए चुनौती होगी, लेकिन अंततः यह आम यूजर के हित में ही है।
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केंद्र सरकार ने मोबाइल फ्रॉड रोकने के लिए सभी स्मार्टफोन कंपनियों को 90 दिनों के भीतर 'संचार साथी ऐप' प्री-इंस्टॉल करने का आदेश दिया है। यह ऐप नॉन-डिलीटेबल होगा और चोरी हुए फोन को ब्लॉक करने व नकली IMEI पहचानने में मदद करेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.