हापुड़/बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 40 वर्षीय एक युवक को पेट में असहनीय दर्द होने पर अस्पताल लाया गया। जाँच के बाद डॉक्टरों के होश उड़ गए, क्योंकि युवक के पेट में 29 स्टील के चम्मच, 19 टूथब्रश और दो नुकीले पेन समेत कुल 50 चीजें फँसी हुई थीं।READ ALSO:-'I Love Muhammad' के जवाब में 'I Love Mahadev': कानपुर से वाराणसी तक फैला पोस्टर वॉर, 24 गिरफ्तारियाँ, सोशल मीडिया पर तीखी बहस
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नशा मुक्ति केंद्र में शुरू हुई थी ये हरकत
\r\n\r\nबुलंदशहर के रहने वाले सचिन (40) नशे के आदी थे। उनकी लत छुड़ाने के लिए परिजन उन्हें गाजियाबाद के एक नशा मुक्ति केंद्र में छोड़ आए थे।
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- \r\n गुस्से में निगला: बताया जा रहा है कि इस बात से सचिन काफी गुस्से में थे। नशा मुक्ति केंद्र में करीब एक महीने रहने के दौरान उन्होंने गुस्से में आकर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली स्टील की चीजों और टूथब्रश को निगलना शुरू कर दिया।\r\n \r\n

5 घंटे चला जटिल ऑपरेशन
\r\n\r\nलगातार पेट दर्द, उल्टी और कमजोरी (वीकनेस) की शिकायत के बाद 17 सितंबर को परिजन सचिन को हापुड़ के देवनंदनी अस्पताल लेकर आए। एक्स-रे और सीटी स्कैन की रिपोर्ट देखकर डॉक्टरों के होश उड़ गए, जब पेट में धातु और प्लास्टिक की चीजें फंसी नजर आईं।
\r\n\r\nडॉक्टर श्याम कुमार समेत 5 डॉक्टरों की टीम ने 5 घंटे तक चले सफल ऑपरेशन के बाद ये 50 चीजें बाहर निकालीं। ऑपरेशन के बाद अब युवक की हालत स्थिर है और उसे 23 सितंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया है।
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डॉक्टरों ने बताई मानसिक बीमारी
\r\n\r\nडॉक्टर श्याम कुमार ने बताया कि मरीज अब स्वस्थ है। उन्होंने मरीज की इस हैरान कर देने वाली हरकत के पीछे का कारण मानसिक बीमारी बताया है।
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- \r\n विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला 'पिका डिसऑर्डर' (Pica Disorder) या किसी गंभीर मानसिक विकार से जुड़ा हो सकता है, जिसमें व्यक्ति न खाने योग्य वस्तुएं निगलना शुरू कर देता है।\r\n \r\n
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अंबेडकरनगर में भी आया था ऐसा ही केस
\r\n\r\nहापुड़ जैसा ही एक और हैरान करने वाला मामला इसी साल जनवरी में अंबेडकरनगर में सामने आया था। उस समय एक युवक के पेट से ऑपरेशन के बाद 10 रिंच और नट बोल्ट जैसी धातु की चीजें निकाली गई थीं। डॉक्टरों ने तब भी मरीज की इस असामान्य आदत को मानसिक विकार से जुड़ा बताया था।
Sabse pehle comment karne wale banein.