पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदुओं पर हो रहे लगातार अत्याचार और हाल ही में एक और हिंदू युवक दीपांकर शर्मा (Dipankar Sharma) की निर्मम हत्या ने भारत के संतों और हिंदू संगठनों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। इस जघन्य हत्याकांड की आग अब उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर (Dhampur) तक पहुंच चुकी है।READ ALSO:-Dhampur Mahotsav: काशी के 'महामना' को धामपुर का नमन! मालवीय चौक पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ जन-कल्याण यज्ञ; माल्यार्पण के लिए उमड़ा जनसैलाब
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आज, गुरुवार को धामपुर की सड़कें भगवा झंडों और आकाशभेदी नारों से पट गईं। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल (Bajrang Dal) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश सरकार की 'हिंदू विरोधी नीतियों' के खिलाफ एक विशाल और उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया डॉ. यूनुस खान (Dr. Yunus Khan) का पुतला नगीना चौक पर सरेआम फूंककर यह संदेश दिया कि हिंदू समाज अब अपने भाइयों का बलिदान चुपचाप नहीं सहेगा।
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अशोक की लाट से शुरू हुआ 'जन-आक्रोश मार्च'
\r\n\r\nदोपहर होते-होते धामपुर की बड़ी मंडी (Badi Mandi) स्थित ऐतिहासिक 'अशोक की लाट' (Ashok Ki Laat) पर हलचल तेज हो गई थी। विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता टोलियों में यहां पहुंचने लगे। देखते ही देखते यह स्थान एक 'छावनी' में तब्दील हो गया।
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कार्यकर्ताओं के चेहरों पर दीपांकर शर्मा की हत्या को लेकर गहरा गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। ठीक निर्धारित समय पर, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में एक विशाल जुलूस शुरू हुआ। यह जुलूस कोई साधारण रैली नहीं थी, बल्कि यह एक 'चेतावनी मार्च' था। हाथों में तख्तियां लिए, जिन पर लिखा था— "बांग्लादेश होश में आओ", "हिंदुओं का नरसंहार बंद करो", और "दीपांकर के हत्यारों को फांसी दो", कार्यकर्ता आगे बढ़ रहे थे।
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मुख्य बाजार में थम गई सांसें: जब यह जुलूस धामपुर के मुख्य बाजार (Main Market) से गुजरा, तो पूरा बाजार कुछ पल के लिए थम सा गया। दुकानदारों और राहगीरों ने भी रुककर इस प्रदर्शन को देखा और बांग्लादेश में हो रही घटनाओं पर चिंता जाहिर की। बाजार की संकरी गलियों में "जय श्री राम", "वंदे मातरम" और "बांग्लादेश सरकार मुर्दाबाद" के नारे गूंजते रहे। कार्यकर्ताओं का जोश इतना हाई था कि कड़ाके की ठंड में भी पसीने छूट रहे थे। यह जुलूस शांतिपूर्ण था, लेकिन इसके तेवर बेहद आक्रामक थे।
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नगीना चौक: गुस्से की आग और पुतला दहन
\r\n\r\nजुलूस का समापन धामपुर के व्यस्ततम चौराहे नगीना चौक (Nagina Chowk) पर हुआ। यहां पहुंचते ही प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए। कार्यकर्ताओं ने मानव श्रृंखला बनाकर चौराहे को घेर लिया और सभा शुरू कर दी।
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बीच चौराहे पर बांग्लादेश सरकार के मुखिया डॉ. यूनुस खान का एक विशाल पुतला लाया गया। कार्यकर्ताओं ने पुतले को जूतों और लाठियों से पीटा और अपना रोष व्यक्त किया। इसके बाद, गगनभेदी नारों के बीच पुतले को आग के हवाले कर दिया गया। जैसे ही पुतला धू-धू कर जला, कार्यकर्ताओं ने "हिंदू हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा" और "बांग्लादेश तेरी खैर नहीं" के नारे लगाए। आग की लपटों के साथ कार्यकर्ताओं का गुस्सा भी धधक रहा था।
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क्यों उबल रहा है हिंदू समाज? (The Core Issue)
\r\n\r\nप्रदर्शन का मुख्य कारण बांग्लादेश में दीपांकर शर्मा नामक हिंदू युवक की हत्या है। सूत्रों के मुताबिक, दीपांकर शर्मा को केवल उनकी धार्मिक पहचान के कारण निशाना बनाया गया। कट्टरपंथियों द्वारा की गई इस हत्या ने भारत में हिंदू संगठनों को झकझोर कर रख दिया है।
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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बांग्लादेश में डॉ. यूनुस खान के नेतृत्व वाली सरकार आने के बाद से हिंदुओं पर हमले कम होने के बजाय और बढ़ गए हैं। मंदिरों को तोड़ा जा रहा है, महिलाओं के साथ अभद्रता की जा रही है और अब युवाओं को चुन-चुनकर मारा जा रहा है।
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वक्ताओं ने कहा: "यह सिर्फ एक दीपांकर की हत्या नहीं है, यह पूरी हिंदू सभ्यता पर हमला है। अगर आज हम चुप रहे, तो कल बांग्लादेश में एक भी हिंदू नहीं बचेगा।"
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नेताओं की दहाड़: "मूकदर्शक नहीं रहेगा भारत"
\r\n\r\nइस विशाल प्रदर्शन का नेतृत्व जिले और नगर के शीर्ष हिंदूवादी नेताओं ने किया। नगीना चौक पर हुई नुक्कड़ सभा में वक्ताओं ने बांग्लादेश सरकार को कड़ी चेतावनी दी।
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1. पंकज वर्मा (जिला अध्यक्ष): प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे जिला अध्यक्ष पंकज वर्मा ने अपने संबोधन में कहा, "बांग्लादेश यह न भूले कि उसका अस्तित्व भारत के सहयोग पर टिका है। दीपांकर शर्मा की हत्या एक कायरतापूर्ण कृत्य है। हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि वह बांग्लादेश पर कूटनीतिक दबाव बनाए और वहां के हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे।"
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2. सलाद त्यागी (जिला मंत्री): जिला मंत्री सलाद त्यागी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, "हम शांतिप्रिय लोग हैं, लेकिन हमारी शांति को हमारी कमजोरी न समझा जाए। अगर हमारे भाइयों का खून ऐसे ही बहता रहा, तो बजरंग दल का कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेगा। हम ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं।"
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3. दीपक राजपूत (प्रांतीय कार्यकारी सदस्य): संगठन के वरिष्ठ नेता दीपक राजपूत ने कहा, "डॉ. यूनुस खान की सरकार कट्टरपंथियों के हाथों की कठपुतली बन गई है। उन्हें शर्म आनी चाहिए कि उनके राज में अल्पसंख्यकों का कत्लेआम हो रहा है। आज हमने पुतला फूंका है, कल हम इससे बड़ा आंदोलन करेंगे।"
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अन्य प्रमुख नेताओं की उपस्थिति: इस प्रदर्शन में संगठन के कई युवा चेहरों ने भी अपनी ताकत दिखाई।
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- \r\n सौरभ मालपानी (नगर उपाध्यक्ष) ने युवाओं में जोश भरा।\r\n \r\n
- \r\n पिंटू अग्रवाल (नगर अध्यक्ष) ने बाजार के व्यापारियों का समर्थन जुटाया।\r\n \r\n
- \r\n आर्यन दीक्षित (नगर मंत्री) ने नारे लगवाकर माहौल को गर्म रखा।\r\n \r\n
- \r\n अनिल गौड़ (जिला संयोजक, विहिप) ने व्यवस्था संभाली और अनुशासन बनाए रखा।\r\n \r\n
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इनके अलावा, प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में ऐसे कार्यकर्ता भी शामिल थे जो अपने दैनिक कार्यों को छोड़कर केवल धर्म और समाज के लिए सड़कों पर उतरे थे।
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स्थानीय लोगों और प्रशासन की प्रतिक्रिया
\r\n\r\nइस प्रदर्शन के मद्देनजर स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद था। बड़ी मंडी से लेकर नगीना चौक तक पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। हालांकि, विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अनुशासन का परिचय देते हुए केवल पुतला दहन किया और यातायात को ज्यादा बाधित नहीं होने दिया।
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स्थानीय नागरिकों में भी इस घटना को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है। बाजार में एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "पड़ोसी देश में जो हो रहा है, वह गलत है। धामपुर के लोग हमेशा भाईचारे में विश्वास रखते हैं, लेकिन अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना भी जरूरी है। आज का यह प्रदर्शन उसी गुस्से का नतीजा है।"
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बांग्लादेश सरकार को 5 सूत्रीय संदेश (The Ultimatum)
\r\n\r\nप्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने मीडिया के माध्यम से बांग्लादेश सरकार और डॉ. यूनुस तक अपना संदेश पहुंचाया:
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- \r\n न्याय: दीपांकर शर्मा के हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षा: बांग्लादेश में रह रहे हर हिंदू परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।\r\n \r\n
- \r\n मुआवजा: पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए।\r\n \r\n
- \r\n माफी: डॉ. यूनुस खान सार्वजनिक रूप से इस घटना के लिए माफी मांगें।\r\n \r\n
- \r\n चेतावनी: अगर हमले नहीं रुके, तो भारत से बांग्लादेश जाने वाले सामान और व्यापार का बहिष्कार किया जाएगा।\r\n \r\n
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संघर्ष अभी शुरू हुआ है
\r\n\r\nपुतला दहन के बाद सभा का समापन हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं के तेवर बता रहे थे कि यह संघर्ष अभी थमने वाला नहीं है। बजरंग दल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मुद्दे को ठंडा नहीं होने देगा। आने वाले दिनों में तहसील और जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपने की भी योजना है।
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धामपुर में आज उठी यह चिंगारी यह बताने के लिए काफी है कि सीमा पार बैठे हिंदू भाइयों का दर्द यहां के लोगों को भी बेचैन कर रहा है। अब देखना यह होगा कि भारत सरकार और बांग्लादेश का प्रशासन इस जनाक्रोश पर क्या कदम उठाता है।
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रिपोर्टिंग: अनिल कुमार शर्मा, खबरीलाल विशेष संवाददाता स्थान: धामपुर, बिजनौर (यूपी) तारीख: 25 दिसंबर 2025
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