दुबई के मैदान पर जब टीम इंडिया (Team India) ने पाकिस्तान को धूल चटाकर नौवीं बार एशिया कप का खिताब जीता। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को लगातार तीन बार हार का स्वाद तो चखाया ही साथ ही मैच के बाद एक बार फिर उसकी हरकतों के लिए शर्मिंदा कर दिया। 
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मैच खत्म होने के बाद भारतीय टीम की जीत का जश्न एक अभूतपूर्व राजनीतिक और भावनात्मक ड्रामे में बदल गया। भारतीय जांबाजों ने अपने दमदार प्रदर्शन के बाद एक और साहसी फैसला लिया: उन्होंने एशियाई क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से विजेता की ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया!
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प्रेजेंटेशन सेरेमनी में अभूतपूर्व ड्रामा

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फाइनल में भारत की शानदार जीत के बाद, कप्तान सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में पूरी टीम ने एक स्पष्ट संदेश दिया। जैसे ही मोहसिन नकवी, जो कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष और अपने देश के गृह मंत्री भी हैं, ट्रॉफी देने के लिए मंच पर आए, भारतीय खिलाड़ी उनसे 15 गज दूर खड़े रहे और मंच की तरफ नहीं बढ़े।
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भारतीय टीम ने साफ कर दिया कि वे किसी भी पाकिस्तानी अधिकारी, खासकर नकवी, से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि वह अपने भारत विरोधी बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स के लिए जाने जाते हैं।
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इस विरोध के कारण पुरस्कार वितरण समारोह में एक घंटे से ज़्यादा की देरी हुई। स्टेडियम में मौजूद भारतीय समर्थक इस दौरान शांत नहीं रहे और नकवी के मंच पर आते ही "भारत माता की जय" के नारे गूँजने लगे, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया।
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नकवी शर्मिंदगी झेलते रहे, पाकिस्तानी खिलाड़ी रहे नदारद

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यह नाटकीय स्थिति तब और अजीब हो गई जब पाकिस्तानी खिलाड़ी मैच खत्म होने के लगभग एक घंटे बाद तक अपने ड्रेसिंग रूम में ही रहे। प्रोटोकॉल के अनुसार उपविजेता टीम को भी मंच पर मौजूद रहना होता है।
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इस दौरान, PCB अध्यक्ष मोहसिन नकवी अकेले मंच पर खड़े रहे और भारतीय टीम के ट्रॉफी लेने से इनकार करने के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से शर्मिंदगी झेलनी पड़ी।
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लगभग 55 मिनट बाद, जब पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा और उनके साथी आखिरकार बाहर निकले, तो दर्शकों ने उनका स्वागत भी ज़ोरदार “इंडियाआआ, इंडियाआआआ” के नारों से किया, जिसने पाकिस्तान की डबल बेइज्जती कर दी।
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ट्रॉफी न मिलने पर भी जश्न हुआ शानदार

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चूंकि भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी नहीं ली, और अंततः नकवी कथित तौर पर ट्रॉफी और मेडल लेकर चले गए, इसलिए प्रेजेंटेशन सेरेमनी बिना ट्रॉफी दिए ही समाप्त हो गई।
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लेकिन टीम इंडिया ने इसकी परवाह नहीं की! भारतीय टीम ने बाद में ड्रेसिंग रूम के पास या मैदान पर बिना ट्रॉफी के ही एशिया कप का खिताब जीतने का जश्न मनाते हुए फोटो खिंचवाया। यह तस्वीर इस बात का प्रतीक बन गई कि एक राष्ट्र के रूप में भारत ने देश के सम्मान को सबसे ऊपर रखा।
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यह घटना क्रिकेट इतिहास में एक साहसी राजनीतिक कदम के रूप में याद की जाएगी, जहाँ खेल के मैदान पर मिली जीत के बाद भारतीय जांबाजों ने देश की भावनाओं को पूरी दुनिया के सामने मजबूती से रखा।
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