नई दिल्ली: मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहरीले कफ सिरप से 20 से अधिक बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद, केंद्र सरकार ने देश भर की दवा निर्माता कंपनियों पर शिकंजा कस दिया है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने एक राष्ट्रव्यापी निर्देश जारी करते हुए अब हर दवा कंपनी के लिए कच्चे माल (Raw Material) और तैयार दवा (Finished Drug) के हर एक बैच की टेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया है।READ ALSO:-आपके किसी पुराने बैंक खाते में भी तो नहीं फंसे हैं पैसे? ₹67,000 करोड़ वापस दिलाने के लिए RBI ने शुरू की नई स्कीम
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क्यों लेना पड़ा यह सख्त फैसला?
\r\n\r\nहाल ही में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 16-17 बच्चों और राजस्थान में 4 बच्चों की मौत की खबरें सामने आई थीं। जांच में पता चला कि इन सभी बच्चों की मौत एक जहरीले कफ सिरप के सेवन से हुई थी। इस सिरप में डाईएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) नाम का एक खतरनाक केमिकल पाया गया, जो एक औद्योगिक विलायक है और आमतौर पर गाड़ियों के ब्रेक फ्लूइड जैसी चीजों में इस्तेमाल होता है। यह केमिकल सीधे किडनी पर हमला करता है और उसे फेल कर देता है, जिससे मौत हो जाती है।
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क्या हैं सरकार के नए और सख्त नियम?
\r\n\r\nड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ड्रग कंट्रोलर्स को एक चिट्ठी भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
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- \r\n हर बैच की टेस्टिंग अनिवार्य: अब हर दवा कंपनी को दवा बनाने से पहले इस्तेमाल होने वाले हर कच्चे माल (एक्टिव इंग्रेडिएंट्स और एक्सिपिएंट्स) के प्रत्येक बैच का परीक्षण करना होगा। इसके बाद, जब दवा बनकर तैयार हो जाएगी, तो उस तैयार दवा के भी हर बैच की टेस्टिंग अनिवार्य होगी।\r\n \r\n
- \r\n रिकॉर्ड रखना जरूरी: कंपनियों को इन सभी टेस्ट का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा, जैसा कि दवा नियम 1945 के नियम 74(c) और 78(c)(ii) में अनिवार्य है।\r\n \r\n
- \r\n कच्चे माल की खरीद पर निगरानी: राज्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि दवा कंपनियां केवल विश्वसनीय और प्रमाणित वेंडरों से ही कच्चा माल खरीदें।\r\n \r\n
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DCGI ने अपनी चिट्ठी में इस बात पर चिंता जताई कि निरीक्षण के दौरान यह पाया गया था कि कई कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं कर रही थीं और कच्चे माल के हर बैच की जांच किए बिना ही उत्पादन कर रही थीं।
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राज्यों को दिए गए कड़े निर्देश
\r\n\r\nकेंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को अपने-अपने क्षेत्रों में दवा निर्माण इकाइयों की निगरानी बढ़ाने को कहा है। साथ ही, जो भी कंपनी इन नियमों का उल्लंघन करती पाई जाए, उसके खिलाफ तत्काल और सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में केंद्र सरकार ने कई राज्यों में जांच भी शुरू कर दी है और प्रभावित राज्यों ने संबंधित कफ सिरप पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार का कहना है कि यह कदम मरीजों की सुरक्षा और दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.